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जल्द ही एलईडी लाइटों से चमकेगा शहर
Updated Mon, 19 Jun 2017 12:05 AM IST
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जल्द ही एलईडी लाइटों से चमकेगा शहर
चरखी दादरी। शहर में स्ट्रीट लाइट लगाने के लिए अब रास्ता साफ हो चुका है। पिछले आठ महीने से स्ट्रीट लाइटों के टेंडर रिसीव न होने की वजह से लाइटें नहीं लग पा रही थी। अब 300 एलइडी लाइटों के टेंडर रिसीव हो गए हैं और सोमवार को वर्क आर्डर जारी हो जाएंगे। शहर में आए दिन करीब 100 लाइटें खराब हैं। शहर के विभिन्न भागों में काफी संख्या में लाइटें खराब पड़ी हैं कहीं बिजली के तार टूटे हुए हैं तो कहीं बिजली सिस्टम ठीक नहीं है। करीब 150 लाइटें पूरी तरह से कंडम हो चुकी हैं। इन लाइटों की बार-बार मेंटनेंस कर काम चलाया जा रहा है। शहर के कई भागों में मेन लाइटों की स्क्रीन भी खराब पड़ी हैं। हाउस की मीटिंग में नगर पार्षद समय-समय पर स्ट्रीट लाइटों का मुद्दा उठाते आ रहे हैं।
इस समय प्रत्येक वार्ड में लाइटों की जरूरत बनी हुई है। शहर की बाहरी कालोनियों में कच्ची गलियां होने से रात को आवागमन में कालोनीवासियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। नई अप्रूवड कालोनियों में तो रात भर अंधेरा छाया रहता है। नगर परिषद की ओर से शहर में अब 300 स्ट्रीट लाइटें लगाने की प्लान है। नगर परिषद ने पहली बार नवंबर प्रथम सप्ताह में टेंडर लगाए थे। एजेंसियों से टेंडर रेट माफिक न आने पर परिषद की ओर से इसकी फाइल डीसी के पास भेजी गई थी। डीसी से मंजूरी न मिलने पर यह रद्द कर दिए गए थे। 25 जनवरी को दूसरी बार टेंडर जारी किए थे लेकिन एक ही एजेंसी द्वारा आवेदन करने की वजह से रद्द करने पड़े थे। परिषद अधिकारियों का मानना है कि कम से कम से तीन एजेंसी की तरफ से आवेदन होने चाहिए तभी टेंडर अलॉट की प्रक्रिया पूरी मानी जाती है। परिषद की गलियों के लिए 30 वाट की एलईडी लाइटें लगाने की प्लानिंग है। नगर परिषद की प्लान है कि प्रत्येक वार्ड में कम से कम 10-15 एलइडी लगाई जाए ताकि पूरी तरह से सभी गलियों में रोशनी हो सके।
नियम व शर्तें आ रही थी आवेदन में आड़े
नगर परिषद की ओर से तीसरी बार लगाए गए टेंडर 21 मार्च को खुले लेकिन शर्त सख्त होने की वजह से एजेंसियों ने कोई रुचि नहीं दिखाई। नगर परिषद ने अप्रैल माह में 300 लाइटों के टेंडर चौथी बार लगाए गए लेकिन यह प्रयास भी सफल नहीं हो पाया था। सूत्रों की मानें तो सरकार की तरफ से लगाई गई शर्तें व नियम सख्त होने के चलते एजेंसी इसके लिए आवेदन करने से कतरा रही थी।
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चार पार्षदों की कमेटी करनी पड़ी थी गठित
हाउस की मीटिंग में इस प्रोजेक्ट को सिरे चढ़वाने के लिए पार्षदों की चार सदस्यीय कमेटी का गठन भी किया गया था। इसमें तय किया गया कि डीसी से मिलकर इस प्रोजेक्ट को सिरे चढ़ाया जाए। इसके बाद अपने स्तर पर लाइटें खरीदने के लिए यह कमेटी डीसी से भी मिली थी।
‘अमर उजाला’ की मुहिम लाई रंग
नगर परिषद ने अब इस प्रोजेक्ट का टेंडर एक एजेंसी ने रिसीव कर लिए हैं। अब सोमवार को इस प्रोजेक्ट के लिए वर्क ऑर्डर जारी हो जाएंगे। शहर में स्ट्रीट लाइटों की कमी हो देखते हुए अमर उजाला ने इस मुद्दे को अपने अलग-अलग संस्करणों में प्रमुखता से प्रकाशित किया था। गत छह मार्च के अंक में ‘नप के स्ट्रीट लाइट प्रोजेक्ट को मिली मंजूरी’ शीर्षक से खबर प्रकाशित की गई थी। इसके अलावा एक अप्रैल के अंक में ‘शहर में स्ट्रीट लाइटों के टेंडर हुए चौथी बार’, 18 अप्रैल को ‘स्ट्रीट लाइट का मसला पहुंच डीसी दरबार’ शीर्षक से खबर प्रकाशित हुई थी।
स्ट्रीट लाइट लगवाए जाने को लेकर सोमवार को वर्क ऑर्डर जारी हो जाएंगे। ऑर्डर के बाद एक माह के भीतर पूरे शहर में लाइटें लगा दी जाएंगी।
संजय यादव, सचिव नगर परिषद
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चरखी दादरी। शहर में स्ट्रीट लाइट लगाने के लिए अब रास्ता साफ हो चुका है। पिछले आठ महीने से स्ट्रीट लाइटों के टेंडर रिसीव न होने की वजह से लाइटें नहीं लग पा रही थी। अब 300 एलइडी लाइटों के टेंडर रिसीव हो गए हैं और सोमवार को वर्क आर्डर जारी हो जाएंगे। शहर में आए दिन करीब 100 लाइटें खराब हैं। शहर के विभिन्न भागों में काफी संख्या में लाइटें खराब पड़ी हैं कहीं बिजली के तार टूटे हुए हैं तो कहीं बिजली सिस्टम ठीक नहीं है। करीब 150 लाइटें पूरी तरह से कंडम हो चुकी हैं। इन लाइटों की बार-बार मेंटनेंस कर काम चलाया जा रहा है। शहर के कई भागों में मेन लाइटों की स्क्रीन भी खराब पड़ी हैं। हाउस की मीटिंग में नगर पार्षद समय-समय पर स्ट्रीट लाइटों का मुद्दा उठाते आ रहे हैं।
इस समय प्रत्येक वार्ड में लाइटों की जरूरत बनी हुई है। शहर की बाहरी कालोनियों में कच्ची गलियां होने से रात को आवागमन में कालोनीवासियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। नई अप्रूवड कालोनियों में तो रात भर अंधेरा छाया रहता है। नगर परिषद की ओर से शहर में अब 300 स्ट्रीट लाइटें लगाने की प्लान है। नगर परिषद ने पहली बार नवंबर प्रथम सप्ताह में टेंडर लगाए थे। एजेंसियों से टेंडर रेट माफिक न आने पर परिषद की ओर से इसकी फाइल डीसी के पास भेजी गई थी। डीसी से मंजूरी न मिलने पर यह रद्द कर दिए गए थे। 25 जनवरी को दूसरी बार टेंडर जारी किए थे लेकिन एक ही एजेंसी द्वारा आवेदन करने की वजह से रद्द करने पड़े थे। परिषद अधिकारियों का मानना है कि कम से कम से तीन एजेंसी की तरफ से आवेदन होने चाहिए तभी टेंडर अलॉट की प्रक्रिया पूरी मानी जाती है। परिषद की गलियों के लिए 30 वाट की एलईडी लाइटें लगाने की प्लानिंग है। नगर परिषद की प्लान है कि प्रत्येक वार्ड में कम से कम 10-15 एलइडी लगाई जाए ताकि पूरी तरह से सभी गलियों में रोशनी हो सके।
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नियम व शर्तें आ रही थी आवेदन में आड़े
नगर परिषद की ओर से तीसरी बार लगाए गए टेंडर 21 मार्च को खुले लेकिन शर्त सख्त होने की वजह से एजेंसियों ने कोई रुचि नहीं दिखाई। नगर परिषद ने अप्रैल माह में 300 लाइटों के टेंडर चौथी बार लगाए गए लेकिन यह प्रयास भी सफल नहीं हो पाया था। सूत्रों की मानें तो सरकार की तरफ से लगाई गई शर्तें व नियम सख्त होने के चलते एजेंसी इसके लिए आवेदन करने से कतरा रही थी।
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चार पार्षदों की कमेटी करनी पड़ी थी गठित
हाउस की मीटिंग में इस प्रोजेक्ट को सिरे चढ़वाने के लिए पार्षदों की चार सदस्यीय कमेटी का गठन भी किया गया था। इसमें तय किया गया कि डीसी से मिलकर इस प्रोजेक्ट को सिरे चढ़ाया जाए। इसके बाद अपने स्तर पर लाइटें खरीदने के लिए यह कमेटी डीसी से भी मिली थी।
‘अमर उजाला’ की मुहिम लाई रंग
नगर परिषद ने अब इस प्रोजेक्ट का टेंडर एक एजेंसी ने रिसीव कर लिए हैं। अब सोमवार को इस प्रोजेक्ट के लिए वर्क ऑर्डर जारी हो जाएंगे। शहर में स्ट्रीट लाइटों की कमी हो देखते हुए अमर उजाला ने इस मुद्दे को अपने अलग-अलग संस्करणों में प्रमुखता से प्रकाशित किया था। गत छह मार्च के अंक में ‘नप के स्ट्रीट लाइट प्रोजेक्ट को मिली मंजूरी’ शीर्षक से खबर प्रकाशित की गई थी। इसके अलावा एक अप्रैल के अंक में ‘शहर में स्ट्रीट लाइटों के टेंडर हुए चौथी बार’, 18 अप्रैल को ‘स्ट्रीट लाइट का मसला पहुंच डीसी दरबार’ शीर्षक से खबर प्रकाशित हुई थी।
स्ट्रीट लाइट लगवाए जाने को लेकर सोमवार को वर्क ऑर्डर जारी हो जाएंगे। ऑर्डर के बाद एक माह के भीतर पूरे शहर में लाइटें लगा दी जाएंगी।
संजय यादव, सचिव नगर परिषद