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पांच टीमों ने सुबह-सुबह पकड़े बिजली चोरी के 21 मामले
Updated Fri, 09 Jun 2017 12:43 AM IST
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पांच टीमों ने पकड़े बिजली चोरी के 21 मामले
चरखी दादरी।
शहर में लगी स्ट्रीट लाइटों के जरिए भी लोग धड़ल्ले से बिजली चोरी कर रहे हैं। इस तरह एक ही दिन में पांच मामले सामने आए हैं। इनके अलावा 16 बिजली चोरी के अन्य मामले भी निगम की पांच टीमों ने पकड़े हैं। छापमारी की यह कार्रवाई वीरवार सुबह पांच बजे की गई। महज तीन घंटे में भी निगमों की टीमों ने चोरी के 21 मामले पकड़कर उन पर आठ लाख रुपये का जुर्माना ठोंक दिया। इतना ही नहीं स्ट्रीट लाइट जिन घरों की दीवारों पर लगी थी उनके मालिकों के खिलाफ भी निगम अधिकारी एफआईआर दर्ज करवाने जा रहे हैं। निगम अधिकारियों का मानना है कि स्ट्रीट लाइटों के जरिए इस समय शहर में लोग सबसे अधिक बिजली चोरी कर रहे हैं। अब निगम का सबसे अधिक फोस शहर में लगी करीब साढ़े हजार स्ट्रीट लाइटों पर फोस रहेगा।
बिजली निगम के एक्सईएन ने वीरवार सुबह दादरी सिटी एसडीओ विक्रम सिंह परमार, झोझूकलां एसडीओ राजदीप, अटेला कलां एसडीओ बिजेंद्र सिंह, सब-अर्बन एसडीओ जयप्रकाश घणघस, सांजरवास एसडीओ अमनदीप के नेतृत्व में पांच टीमें गठित कर इन्हें छापामारी करने भेजा। इस दौरान दिल्ली बाईपास पर सबसे अधिक बिजली चोरी के मामले पकड़ में आए। सिटी एसडीओ विक्रम सिंह ने बताया कि पांच घरों में यहां स्ट्रीट लाइटों के जरिए चोरी पकड़ी गई है। इन पर लोड के मुताबिक जुर्माना लगा दिया गया है। वहीं, इसके बाद एसडीओ विक्रम सिंह परमार की टीम ने शहर स्थित एक प्लास्टिक फैक्ट्री में छापामारी की। यहां टीम को भारी अनियमितताएं मिली। निगम अधिकारियों ने बताया कि यहां 11600 यूनिट ब्लॉक पाई गई। इनके अलावा शहर के प्रेमनगर, कबीर बस्ती, घिकाड़ा रोड, पुरा शहर से भी बिजली चोरी के 16 मामले और पकड़े। निगम अधिकारियों ने बताया कि पिछले माह भी चोरी के 242 मामले पकड़े गए थे और इन पर 27 लाख रुपये जुर्माना ठोंका गया था। इसमें से करीब 12 लाख रुपये जुर्माना राशि उपभोक्ता निगम के खजाने में जमा भी करवा चुके हैं।
स्ट्रीट लाइट से बिजली चोरी, मकान मालिक पर एफआईआर
निगम के एसडीओ विक्रम सिंह परमार ने बताया कि शहर में स्ट्रीट लाइटों के जरिए बिजली चोरी करने के कई मामले पकड़ में आ चुके हैं। ऐसे में अब निगम इन्हीं पर सबसे अधिक फोकस करेगा। उन्होंने बताया कि अगर स्ट्रीट लाइट खंभे पर लगी है तो इसे नगर परिषद की माना जाएगा। लेकिन अगर लाइट किसी मकान की दीवार या अन्य जगह लगी है और इसके जरिए बिजली चोरी होती है तो उक्त मकान मालिक इसका हर्जाना भुगतेगा। उन्होंने बताया कि जुर्माना राशि अदा न करने पर मकान मालिक के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई जाएगी।
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वर्जन:
सुबह-सुबह हमारी टीमों ने छापमारी कर बिजली चोरी के 21 मामले पकड़े हैं। इनमें स्ट्रीट लाइटों के जरिए बिजली चोरी करने के कई मामले हैं। इन पर करीब आठ लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। एक प्लास्टिक फैक्ट्री में भी बिजली चोरी पकड़ी गई है।
- विक्रम सिंह परमार, एसडीओ
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चरखी दादरी।
शहर में लगी स्ट्रीट लाइटों के जरिए भी लोग धड़ल्ले से बिजली चोरी कर रहे हैं। इस तरह एक ही दिन में पांच मामले सामने आए हैं। इनके अलावा 16 बिजली चोरी के अन्य मामले भी निगम की पांच टीमों ने पकड़े हैं। छापमारी की यह कार्रवाई वीरवार सुबह पांच बजे की गई। महज तीन घंटे में भी निगमों की टीमों ने चोरी के 21 मामले पकड़कर उन पर आठ लाख रुपये का जुर्माना ठोंक दिया। इतना ही नहीं स्ट्रीट लाइट जिन घरों की दीवारों पर लगी थी उनके मालिकों के खिलाफ भी निगम अधिकारी एफआईआर दर्ज करवाने जा रहे हैं। निगम अधिकारियों का मानना है कि स्ट्रीट लाइटों के जरिए इस समय शहर में लोग सबसे अधिक बिजली चोरी कर रहे हैं। अब निगम का सबसे अधिक फोस शहर में लगी करीब साढ़े हजार स्ट्रीट लाइटों पर फोस रहेगा।
बिजली निगम के एक्सईएन ने वीरवार सुबह दादरी सिटी एसडीओ विक्रम सिंह परमार, झोझूकलां एसडीओ राजदीप, अटेला कलां एसडीओ बिजेंद्र सिंह, सब-अर्बन एसडीओ जयप्रकाश घणघस, सांजरवास एसडीओ अमनदीप के नेतृत्व में पांच टीमें गठित कर इन्हें छापामारी करने भेजा। इस दौरान दिल्ली बाईपास पर सबसे अधिक बिजली चोरी के मामले पकड़ में आए। सिटी एसडीओ विक्रम सिंह ने बताया कि पांच घरों में यहां स्ट्रीट लाइटों के जरिए चोरी पकड़ी गई है। इन पर लोड के मुताबिक जुर्माना लगा दिया गया है। वहीं, इसके बाद एसडीओ विक्रम सिंह परमार की टीम ने शहर स्थित एक प्लास्टिक फैक्ट्री में छापामारी की। यहां टीम को भारी अनियमितताएं मिली। निगम अधिकारियों ने बताया कि यहां 11600 यूनिट ब्लॉक पाई गई। इनके अलावा शहर के प्रेमनगर, कबीर बस्ती, घिकाड़ा रोड, पुरा शहर से भी बिजली चोरी के 16 मामले और पकड़े। निगम अधिकारियों ने बताया कि पिछले माह भी चोरी के 242 मामले पकड़े गए थे और इन पर 27 लाख रुपये जुर्माना ठोंका गया था। इसमें से करीब 12 लाख रुपये जुर्माना राशि उपभोक्ता निगम के खजाने में जमा भी करवा चुके हैं।
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स्ट्रीट लाइट से बिजली चोरी, मकान मालिक पर एफआईआर
निगम के एसडीओ विक्रम सिंह परमार ने बताया कि शहर में स्ट्रीट लाइटों के जरिए बिजली चोरी करने के कई मामले पकड़ में आ चुके हैं। ऐसे में अब निगम इन्हीं पर सबसे अधिक फोकस करेगा। उन्होंने बताया कि अगर स्ट्रीट लाइट खंभे पर लगी है तो इसे नगर परिषद की माना जाएगा। लेकिन अगर लाइट किसी मकान की दीवार या अन्य जगह लगी है और इसके जरिए बिजली चोरी होती है तो उक्त मकान मालिक इसका हर्जाना भुगतेगा। उन्होंने बताया कि जुर्माना राशि अदा न करने पर मकान मालिक के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई जाएगी।
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वर्जन:
सुबह-सुबह हमारी टीमों ने छापमारी कर बिजली चोरी के 21 मामले पकड़े हैं। इनमें स्ट्रीट लाइटों के जरिए बिजली चोरी करने के कई मामले हैं। इन पर करीब आठ लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। एक प्लास्टिक फैक्ट्री में भी बिजली चोरी पकड़ी गई है।
- विक्रम सिंह परमार, एसडीओ