{"_id":"67e30588601a6939390210f1","slug":"843-lakhs-resulted-in-the-negligence-of-the-officials-the-pocket-of-the-city-government-remained-empty-rohtak-news-c-17-roh1019-623297-2025-03-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rohtak News: 84.3 लाख में पड़ी अधिकारियों की अनदेखी, शहर की सरकार की जेब रह गई खाली","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rohtak News: 84.3 लाख में पड़ी अधिकारियों की अनदेखी, शहर की सरकार की जेब रह गई खाली
विज्ञापन
25सीटीके15 : शहीद भगत सिंह कांप्लैक्स उद्घाटन के आठ साल बाद भी खाली पड़ा। अमर उजाला25 सीटीके
रोहतक। नगर निगम के अधिकारियों की अनदेखी के चलते शहर की सरकार की जेब खाली रह गई। एक साल में नगर निगम के खाते में एक करोड़ 70 लाख रुपये किराया आना था, लेकिन 86 लाख रुपये ही आ सके हैं, क्योंकि शहीद भगत सिंह वाणिज्यिक कॉम्प्लेक्स धूल फांक रहा है और सिविल अस्पताल के सामने बनी निगम की खाली पड़ी दुकान किराये या लीज पर देने से पहले कंडम हो गई हैं।
2011 में नगर निगम ने पार्क की जगह 7 करोड़ की लागत से शहीद भगत सिंह काॅमर्शियल कॉम्प्लेक्स एवं पार्किंग स्थल की नींव रखी थी। 2015 में बिल्डिंग बनकर तैयार हो गई, लेकिन दो साल बाद 2017 में तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने इसका उद्घाटन किया। निगम ने पार्किंग को 2019 में ठेके पर देने का प्रयास किया। प्रति माह 58 हजार रुपये मासिक किराया तय किया गया, लेकिन व्यापारियों ने अपने वाहन 10 रुपये पार्किंग फीस के बावजूद खड़े नहीं किए। इसके चलते पार्किंग एक माह भी नहीं चल सकी। इसके बाद तीन बार निगम ने पार्किंग ठेके पर देने के लिए बोली आयोजित की, लेकिन कामयाबी नहीं मिल सकी।
कॉम्प्लेक्स में बनीं दुकानें भी लीज या किराये पर नहीं दी जा सकीं। निगम ने बोली पर देने का प्रयास किया, लेकिन कोई दुकानदार या व्यापारी सामने नहीं आया। कहा गया कि प्रशासन दुकानों का किराया व लीज की राशि ज्यादा तय कर रहा है। इसके बाद फाइल ठंडे बस्ते में चली गई। उधर, सिविल अस्पताल के सामने निगम ने काफी समय पहले दुकानें बनाई थीं, लेकिन अभी तक उनको किराये पर नहीं दिया गया। उनके शटर तक गलने लगे हैं।
विज्ञापन
मामला मेरे नोटिस में नहीं है। संबंधित अधिकारियों से इस संबंध में पूछा जाएगा, ताकि नए वित्त वर्ष में शहीद भगत सिंह कॉम्प्लेक्स व दुकानों को किराया या लीज पर देकर आय बढ़ाई जा सके।
- धर्मेंद्र सिंह, आयुक्त नगर निगम।
विज्ञापन
2011 में नगर निगम ने पार्क की जगह 7 करोड़ की लागत से शहीद भगत सिंह काॅमर्शियल कॉम्प्लेक्स एवं पार्किंग स्थल की नींव रखी थी। 2015 में बिल्डिंग बनकर तैयार हो गई, लेकिन दो साल बाद 2017 में तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने इसका उद्घाटन किया। निगम ने पार्किंग को 2019 में ठेके पर देने का प्रयास किया। प्रति माह 58 हजार रुपये मासिक किराया तय किया गया, लेकिन व्यापारियों ने अपने वाहन 10 रुपये पार्किंग फीस के बावजूद खड़े नहीं किए। इसके चलते पार्किंग एक माह भी नहीं चल सकी। इसके बाद तीन बार निगम ने पार्किंग ठेके पर देने के लिए बोली आयोजित की, लेकिन कामयाबी नहीं मिल सकी।
विज्ञापन
कॉम्प्लेक्स में बनीं दुकानें भी लीज या किराये पर नहीं दी जा सकीं। निगम ने बोली पर देने का प्रयास किया, लेकिन कोई दुकानदार या व्यापारी सामने नहीं आया। कहा गया कि प्रशासन दुकानों का किराया व लीज की राशि ज्यादा तय कर रहा है। इसके बाद फाइल ठंडे बस्ते में चली गई। उधर, सिविल अस्पताल के सामने निगम ने काफी समय पहले दुकानें बनाई थीं, लेकिन अभी तक उनको किराये पर नहीं दिया गया। उनके शटर तक गलने लगे हैं।
विज्ञापन
मामला मेरे नोटिस में नहीं है। संबंधित अधिकारियों से इस संबंध में पूछा जाएगा, ताकि नए वित्त वर्ष में शहीद भगत सिंह कॉम्प्लेक्स व दुकानों को किराया या लीज पर देकर आय बढ़ाई जा सके।
- धर्मेंद्र सिंह, आयुक्त नगर निगम।