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बारिश से अनाज मंडी में भीगा 15 हजार कुंतल अनाज

Fri, 13 Apr 2018 01:08 AM IST
Updated Fri, 13 Apr 2018 01:08 AM IST
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बारिश से अनाज मंडी में भीगा 15 हजार कुंतल अनाज
बारिश से अनाज मंडी में भीगा 15 हजार कुंतल अनाज
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चरखी दादरी।
मार्केटिंग बोर्ड व खरीद एजेंसियों के पुख्ता दावों की बुधवार रात हुई बरसात में पोल खुल गई। टीन शेड व तिरपाल की कमी से अनाज मंडी में खुले में पड़ा करीब 15 हजार कुंतल अनाज बुधवार रात हुई बारिश से भीग गया। सरसों व गेहूं की बोरियां भीगने से खफा किसानों ने वीरवार सुबह नारेबाजी कर अपना रोष जताया। अनाज मंडी में खरीद कार्य धीमा होने से किसानों को दो-से तीन रात मंडी में बितानी पड़ रही हैं। मंडी में किसानों के लिए पर्याप्त सुविधाएं नहीं होने से किसान परेशान हैं। बुधवार रात बरसात में अनाज भीगने के बाद वीरवार को अनाज मंडी में गेहूं का खरीद कार्य जारी रहा।
अनाज मंडी में इस समय लिफ्टिंग कार्य बिल्कुल धीमी गति से हो रहा है। बुधवार शाम भी अनाज मंडी में करीब 15000 कुंतल गेहूं व सरसों खुले आसमान नीचे पड़ी थी। बुधवार रात को शहर व आसपास के भागों में तीन एमएम और बाढड़ा उपमंडल में छह एमएम बारिश रिकार्ड की गई है। रात के समय अचानक बारिश आने पर गेहूं व सरसों की फसल भीग गई। अनाज मंडी में गेहूं व सरसों को ढकने के लिए तिरपाल आदि की भी व्यवस्था नहीं है। कई किसान तो अपनी जिंस की बिक्री न होने पर रात के समय मंडी में ही सो रहे थे। बारिश आने पर इन किसानों का अनाज भी भीग गया। अनाज मंडी में इस समय चार शेड लगी हैं । एक शेड के नीचे सरसों की खरीद की जा रही है जबकि तीन शेड गेहूं की खरीद के लिए हैं। इस समय मंडी में कम से कम दो शेड और लगाए जाने की जरूरत है ताकि अनाज भीगने से बचाया जा सके। तिरपाल की व्यवस्था भी नहीं है। आढ़ती अपना खुद का तिरपाल जरूर रखते हैं लेकिन वे अपने खरीदे हुए अनाज को ही ढकते हैं किसानों को सुविधा नहीं मिल पाती।
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अव्यवस्था एवं कुप्रबंधन बना किसानों के लिए परेशानी का कारण
अनाज मंडी में खरीद के लिए अव्यवस्था एवं सही प्रबंधन न होने की वजह से मंडी में किसान के अनाज की समय पर खरीद नहीं हो पा रही है। किसानों को दो से तीन रात मंडी में ही बितानी पड़ रही हैं। रात को समय ठहरने के लिए किसानों को कोई सुविधा भी नहीं मिल पा रही हैं। वीरवार को मंडी में 8760 क्विंटल गेहूं की खरीद की गई। सांय पांच बजे तक 650 क्विंटल सरसों की भी खरीद हो चुकी थी।
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नौ अप्रैल को मंडी में अनाज लेकर पहुंचा था लेकिन खरीद नहीं हो सकी है। रात के समय बारिश आने पर उसका करीब 10 कुंतल अनाज भीग गया जिससे उसके हजारों रुपये का नुकसान हुआ है। प्रशासन को मंडी में शेड की व्यवस्था करनी चाहिए।
किसान जयभगवान, चिड़िया
:: वह मंडी में अनाज बेचने 10 अप्रैल को आया था लेकिन खरीद नहीं हो सकी। उसे टोकन के जरिए 46वां नंबर दिया गया लेकिन खरीद नहीं हो सकी। प्रशासन को खरीद के लिए सही व्यवस्था करनी चाहिए। रात में आई बारिश से उसका अनाज भीग गया है।
किसान धर्मबीर सिंह, चिड़िया
-मंडी मेें प्रवेश के दौरान मुझे 80वां नंबर दिया गया। इस वजह से उसे अनाज की बिक्री के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा। रात को आई बारिश की वजह से उसकी गेहूं से भरी बोरियां भीग गई जिससे काफी नुकसान हो गया।
किसान सुखवीर सिंह, चिड़िया
:: मंडी में अनाज का बारिश से बचाव के लिए तिरपाल व पर्याप्त शेड न होने की वजह से उसका गेहूं भीग गया। करीब 10 कुंतल अनाज खराब हो गया। मंडी में शेड आदि की व्यवस्था होनी चाहिए।

किसान, संदीप छिल्लर
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वर्जन:::
रात को मामूली बारिश आई है। इससे अनाज में कोई खास नुकसान नहीं हुआ है। धूप खिलने पर ही अनाज सूख जाता है। मंडी में दो टीन शेड और लगवाए जाने की जरूरत है। मंडी में खरीद लगातार की जा रही है।
रामकुमार रिटोलिया, प्रधान अनाज मंडी
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