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संगठनों ने किया गोचर भूमि मुक्ति आंदोलन को समर्थन देने का ऐलान
Updated Wed, 26 Jul 2017 01:04 AM IST
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संगठनों ने किया गोचर भूमि मुक्ति आंदोलन को समर्थन देने का ऐलान
चरखी दादरी।
गोचर भूमि मुक्ति आंदोलन शुरू करने वाले संत गोपालदास मंगलवार को दादरी पहुंचे। इस अवसर पर उन्होंने रोज गार्डन में आयोजित गोभक्तों के सम्मेलन को भी संबोधित किया। इसके बाद गोभक्तों ने शहर में रोष जुलूस निकाला और लघु सचिवालय पहुंचकर मांगों से संबंधित ज्ञापन भी सौंपा। इस दौरान संत गोपालदास को देखने पहुंचे विभिन्न संगठनों ने संत के आंदोलन को अपना पूर्ण समर्थन देने का ऐलान किया। वहीं, गो भक्तों व सामाजिक संगठनों के सहयोग से लघु सचिवालय में मांगों को लेकर धरना मंगलवार को भी जारी रहा। जिले में संत गोपालदास के समर्थन में दिए जा रहे धरने ने मंगलवार को सातवें दिन में प्रवेश कर लिया है। जिले में धरने के संयोजक मनोज आर्य के आह्वान पर धरने को समर्थन देने के लिए पूर्व सहकारिता मंत्री सतपाल सांगवान ने स्वयं व कांग्रेस पार्टी की तरफ से धरने को समर्थन दिया। चरखी दादरी में संत गोपालदास के आगमन पर स्थानीय गोभक्तों व विभिन्न सामाजिक,तधार्मिक संगठनों के पदाधिकारियों ने ने प्रदेश सरकार के खिलाफ किए गए रोष प्रदर्शन में हिस्सा लिया। इरोष प्रदर्शन रोज गार्डन से शुरू होकर लघु सचिवालय परिसर में संपन्न हुआ। इसमें गोभक्तों ने ‘गऊ बचाओ देश बचाओ, गोभूमि को आजाद कराओ’ का नारा लगाया तो वहीं सत गोपालदास को गाड़ी पर लगे क्रॉस पर बांधा गया। संत गोपालदास ने लोगों को पर्यावरण से होने वाले नुकसान के संबंध में जागरूक करने के लिए प्लॉस्टिक व खाली बोतलों से बनी माला पहनकर पर्यावरण संरक्षण का भी संदेश दिया। संत ने लोगों को बताया कि गोचर भूमि के अलावा प्लॉस्टिक व पॉलीथिन अक्सर गऊ माताएं खाती रहती हैं। यह उनके स्वास्थ्य के लिए व पर्यावरण के लिए बेहद घातक है। इस दौरान भारत स्वाभिमान पंतजलि के सदस्यों, आर्य समाज चरखी दादरी, रानीला गोशाला पदाधिकारियों ने भी धरने को समर्थन दिया। वहीं, चरखी दादरी जिला विकास संगठन के पदाधिकारी डॉ. सुखबीर बलौदा, पूर्व कमांडेंट राजेंद्र जांगड़ा भी अपनी टीम के साथ धरने को समर्थन देने पहुंचे। मंगलवार को अनुज, मनोज आर्य व रणबीर पूर्व मैनेजर गोशाला अनशन पर बैठे। मनोज आर्य ने बताया कि बुधवार को एडवोकेट अनिल साहू व आर्य भूपेन्द्र रामलवास अनशन पर रहेंगे। उन्होंने कहा कि 27 जुलाई को होने वाले दया धर्म की अर्थी पदयात्रा को लेकर संसद कूच एवं घेराव की रणनीति के तहत और जनसमं्र्क अभियान ग्रामीण क्षेत्रों में शुरू कर दिया गया है। इस अवसर पर पूर्व सरपंच ऋषि, बसंत, सुनील कोढू, रामकुमार, इंद्रजीत, रणधीर योगार्थी, सतेंद्र जेवली, मुकेश पूर्व सरपंच, पार्षद विरेन्द्र, पूर्व प्रधान विक्रम सांगवान, पार्षद मनोज वर्मा, पार्षद बबलू, पार्षद कुलदीप गांधी, पार्षद महेश गुप्ता, बिशन आर्य, सुरेन्द्र आर्य, मित्रसेन, सत्यवान शास्त्री, चमेली देवी, राजबाला, सुमित्रा देवी, सुशीला, बलमा, गीता, राजवंती, आशा, पिंकी, मूर्ति आदि मौजूद थे।
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चरखी दादरी।
गोचर भूमि मुक्ति आंदोलन शुरू करने वाले संत गोपालदास मंगलवार को दादरी पहुंचे। इस अवसर पर उन्होंने रोज गार्डन में आयोजित गोभक्तों के सम्मेलन को भी संबोधित किया। इसके बाद गोभक्तों ने शहर में रोष जुलूस निकाला और लघु सचिवालय पहुंचकर मांगों से संबंधित ज्ञापन भी सौंपा। इस दौरान संत गोपालदास को देखने पहुंचे विभिन्न संगठनों ने संत के आंदोलन को अपना पूर्ण समर्थन देने का ऐलान किया। वहीं, गो भक्तों व सामाजिक संगठनों के सहयोग से लघु सचिवालय में मांगों को लेकर धरना मंगलवार को भी जारी रहा। जिले में संत गोपालदास के समर्थन में दिए जा रहे धरने ने मंगलवार को सातवें दिन में प्रवेश कर लिया है। जिले में धरने के संयोजक मनोज आर्य के आह्वान पर धरने को समर्थन देने के लिए पूर्व सहकारिता मंत्री सतपाल सांगवान ने स्वयं व कांग्रेस पार्टी की तरफ से धरने को समर्थन दिया। चरखी दादरी में संत गोपालदास के आगमन पर स्थानीय गोभक्तों व विभिन्न सामाजिक,तधार्मिक संगठनों के पदाधिकारियों ने ने प्रदेश सरकार के खिलाफ किए गए रोष प्रदर्शन में हिस्सा लिया। इरोष प्रदर्शन रोज गार्डन से शुरू होकर लघु सचिवालय परिसर में संपन्न हुआ। इसमें गोभक्तों ने ‘गऊ बचाओ देश बचाओ, गोभूमि को आजाद कराओ’ का नारा लगाया तो वहीं सत गोपालदास को गाड़ी पर लगे क्रॉस पर बांधा गया। संत गोपालदास ने लोगों को पर्यावरण से होने वाले नुकसान के संबंध में जागरूक करने के लिए प्लॉस्टिक व खाली बोतलों से बनी माला पहनकर पर्यावरण संरक्षण का भी संदेश दिया। संत ने लोगों को बताया कि गोचर भूमि के अलावा प्लॉस्टिक व पॉलीथिन अक्सर गऊ माताएं खाती रहती हैं। यह उनके स्वास्थ्य के लिए व पर्यावरण के लिए बेहद घातक है। इस दौरान भारत स्वाभिमान पंतजलि के सदस्यों, आर्य समाज चरखी दादरी, रानीला गोशाला पदाधिकारियों ने भी धरने को समर्थन दिया। वहीं, चरखी दादरी जिला विकास संगठन के पदाधिकारी डॉ. सुखबीर बलौदा, पूर्व कमांडेंट राजेंद्र जांगड़ा भी अपनी टीम के साथ धरने को समर्थन देने पहुंचे। मंगलवार को अनुज, मनोज आर्य व रणबीर पूर्व मैनेजर गोशाला अनशन पर बैठे। मनोज आर्य ने बताया कि बुधवार को एडवोकेट अनिल साहू व आर्य भूपेन्द्र रामलवास अनशन पर रहेंगे। उन्होंने कहा कि 27 जुलाई को होने वाले दया धर्म की अर्थी पदयात्रा को लेकर संसद कूच एवं घेराव की रणनीति के तहत और जनसमं्र्क अभियान ग्रामीण क्षेत्रों में शुरू कर दिया गया है। इस अवसर पर पूर्व सरपंच ऋषि, बसंत, सुनील कोढू, रामकुमार, इंद्रजीत, रणधीर योगार्थी, सतेंद्र जेवली, मुकेश पूर्व सरपंच, पार्षद विरेन्द्र, पूर्व प्रधान विक्रम सांगवान, पार्षद मनोज वर्मा, पार्षद बबलू, पार्षद कुलदीप गांधी, पार्षद महेश गुप्ता, बिशन आर्य, सुरेन्द्र आर्य, मित्रसेन, सत्यवान शास्त्री, चमेली देवी, राजबाला, सुमित्रा देवी, सुशीला, बलमा, गीता, राजवंती, आशा, पिंकी, मूर्ति आदि मौजूद थे।