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एमडीयू में असिस्टेंट प्रोफेसर की भर्ती में अभ्यर्थियों के अंकों में बड़ा फेरबदल
Updated Wed, 21 Jun 2017 02:11 AM IST
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एमडीयू में असिस्टेंट प्रोफेसर की भर्ती में अभ्यर्थियों के अंकों में बड़ा फेरबदल
विनीत तोमर
रोहतक। एमडीयू में असिस्टेंट प्रोफेसर की भर्ती को लेकर अंकों में फेरबदल का बड़ा मामला सामने आया है। विभागीय स्तर पर गठित की गई स्क्रिनिंग कमेटी ने कुछ और नंबर दिए, जबकि अभ्यर्थियों की शिकायत के बाद बनाई गई स्पेशल कमेटी ने जांच कर उन अंकों में अंतर पाया। किसी के नंबर कम दिए गए तो किसी के ज्यादा। ऐसे में अब पहली कमेटी जांच के दायरे में आ सकती है।
यूनिवर्सिटी में असिस्टेंट प्रोफेसर की भर्ती प्रक्रिया चल रही है। इसके लिए अभ्यर्थियों को अपनी सभी क्वालीफिकेशन के साथ अन्य प्रमाण पत्रों के स्कोर को क्लेम करना होता है। यानी अभ्यर्थी दावेदारी करते हैं कि उनके अंक इतने हो सकते हैं। इस दावेदारी के बाद स्क्रीनिंग कमेटी उनके दस्तावेजों की जांच करती है और नंबर देती है। एमडीयू के इमसॉर डिपार्टमेंट की बात करें तो काफी संख्या में अभ्यर्थियों ने असिस्टेंट प्रोफेसर के लिए आवेदन किया हुआ है। इसके बाद विभागीय स्तर पर बनाई गई स्क्रीनिंग कमेटी ने दस्तावेजों की जांच के बाद अंक दे दिए। इसी बीच कुछ अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया कि उन्हें कम अंक दिए गए हैं। इनसो छात्र संगठन ने भी कुछ दिन पहले यह मामला उठाया और यूनिवर्सिटी के प्रशासनिक अधिकारियों से दूसरी कमेटी बनाने की मांग की। इसके बाद एक स्पेशल कमेटी बनाई गई। इस कमेटी ने उन अभ्यर्थियों के अंकों की जांच कर दोबारा से लिस्ट तैयार की। इस लिस्ट में जो मामला सामने आया उसने नए सवाल खड़े कर दिए। दरअसल, दोनों कमेटी ने जांच के बाद अभ्यर्थियों के अंकों की जो लिस्ट तैयार की उसमें बड़ा बदलाव था। किसी अभ्यर्थी के अंक पहले वाली कमेटी ने कम दिए थे तो दूसरी कमेटी ने उन्हें बढ़ा दिया। इसी तरह कुछ अभ्यर्थियों के अंक ज्यादा थे तो उन्हें कम कर दिया गया। बाकायदा यह लिस्ट यूनिवर्सिटी की वेबसाइट पर भी डाली गई है। अब सवाल यह है कि दोनों कमेटी में से आखिर कौन सी कमेटी ने अभ्यर्थियों को सही अंक दिए हैं।
60 अभ्यर्थियों की लिस्ट में मात्र 12 के अंक समान
स्पेशल कमेटी ने करीब 60 अभ्यर्थियों के अंकों की जांच-पड़ताल की। इसके बाद ही अंकों की रिवाइज लिस्ट तैयार की गई। हैरत कि बात यह है कि इतने अभ्यर्थियों की इस लिस्ट में मात्र लगभग 12 अभ्यर्थी ही ऐसे हैं जिनके अंकों में कोई बदलाव नहीं है। यानी कि दोनों कमेटी की जांच में समान अंक मिले। इसके अलावा 48 अभ्यर्थियों के करीब पांच अंकों तक का फेरबदल किया गया है।
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यह बोले अधिकारी
किसी अभ्यर्थी के साथ भेदभाव न हो इसके लिए स्क्रिीनिंग कमेटी की जांच के बाद उनसे आपत्ति मांगी गई थी। इसके बाद स्पेशल कमेटी ने जांच-पड़ताल की। अभ्यर्थियों को पहले क्या अंक दिए थे उसके बारे में विभागीय कमेटी ही बता सकती है।
- प्रो. अजय कुमार राजन, डीन एकेडमिक एफेयरर्स एवं स्पेशल कमेटी के अध्यक्ष
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विनीत तोमर
रोहतक। एमडीयू में असिस्टेंट प्रोफेसर की भर्ती को लेकर अंकों में फेरबदल का बड़ा मामला सामने आया है। विभागीय स्तर पर गठित की गई स्क्रिनिंग कमेटी ने कुछ और नंबर दिए, जबकि अभ्यर्थियों की शिकायत के बाद बनाई गई स्पेशल कमेटी ने जांच कर उन अंकों में अंतर पाया। किसी के नंबर कम दिए गए तो किसी के ज्यादा। ऐसे में अब पहली कमेटी जांच के दायरे में आ सकती है।
यूनिवर्सिटी में असिस्टेंट प्रोफेसर की भर्ती प्रक्रिया चल रही है। इसके लिए अभ्यर्थियों को अपनी सभी क्वालीफिकेशन के साथ अन्य प्रमाण पत्रों के स्कोर को क्लेम करना होता है। यानी अभ्यर्थी दावेदारी करते हैं कि उनके अंक इतने हो सकते हैं। इस दावेदारी के बाद स्क्रीनिंग कमेटी उनके दस्तावेजों की जांच करती है और नंबर देती है। एमडीयू के इमसॉर डिपार्टमेंट की बात करें तो काफी संख्या में अभ्यर्थियों ने असिस्टेंट प्रोफेसर के लिए आवेदन किया हुआ है। इसके बाद विभागीय स्तर पर बनाई गई स्क्रीनिंग कमेटी ने दस्तावेजों की जांच के बाद अंक दे दिए। इसी बीच कुछ अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया कि उन्हें कम अंक दिए गए हैं। इनसो छात्र संगठन ने भी कुछ दिन पहले यह मामला उठाया और यूनिवर्सिटी के प्रशासनिक अधिकारियों से दूसरी कमेटी बनाने की मांग की। इसके बाद एक स्पेशल कमेटी बनाई गई। इस कमेटी ने उन अभ्यर्थियों के अंकों की जांच कर दोबारा से लिस्ट तैयार की। इस लिस्ट में जो मामला सामने आया उसने नए सवाल खड़े कर दिए। दरअसल, दोनों कमेटी ने जांच के बाद अभ्यर्थियों के अंकों की जो लिस्ट तैयार की उसमें बड़ा बदलाव था। किसी अभ्यर्थी के अंक पहले वाली कमेटी ने कम दिए थे तो दूसरी कमेटी ने उन्हें बढ़ा दिया। इसी तरह कुछ अभ्यर्थियों के अंक ज्यादा थे तो उन्हें कम कर दिया गया। बाकायदा यह लिस्ट यूनिवर्सिटी की वेबसाइट पर भी डाली गई है। अब सवाल यह है कि दोनों कमेटी में से आखिर कौन सी कमेटी ने अभ्यर्थियों को सही अंक दिए हैं।
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60 अभ्यर्थियों की लिस्ट में मात्र 12 के अंक समान
स्पेशल कमेटी ने करीब 60 अभ्यर्थियों के अंकों की जांच-पड़ताल की। इसके बाद ही अंकों की रिवाइज लिस्ट तैयार की गई। हैरत कि बात यह है कि इतने अभ्यर्थियों की इस लिस्ट में मात्र लगभग 12 अभ्यर्थी ही ऐसे हैं जिनके अंकों में कोई बदलाव नहीं है। यानी कि दोनों कमेटी की जांच में समान अंक मिले। इसके अलावा 48 अभ्यर्थियों के करीब पांच अंकों तक का फेरबदल किया गया है।
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यह बोले अधिकारी
किसी अभ्यर्थी के साथ भेदभाव न हो इसके लिए स्क्रिीनिंग कमेटी की जांच के बाद उनसे आपत्ति मांगी गई थी। इसके बाद स्पेशल कमेटी ने जांच-पड़ताल की। अभ्यर्थियों को पहले क्या अंक दिए थे उसके बारे में विभागीय कमेटी ही बता सकती है।
- प्रो. अजय कुमार राजन, डीन एकेडमिक एफेयरर्स एवं स्पेशल कमेटी के अध्यक्ष