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नियमों को ताक पर रखकर स्पीड ब्रेकर बन रहे जानलेवा
Updated Mon, 04 Dec 2017 02:58 AM IST
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नियमों को ताक पर रखकर बनाए स्पीड ब्रेकर बन रहे जानलेवा
फोटो सहित
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
नियमों को ताक पर रख कर बनाए जा रहे स्पीड ब्रेकर दुपहिया वाहन चालकों के लिए जानलेवा साबित हो रहे हैं। शहर की सड़कों पर ही नहीं गलियों में भी अनगिनत स्पीड ब्रेकर बनाए गए हैं। इनके लिए किसी भी प्रकार के मानकों की पालना नहीं की गई है। स्थिति यह है कि इनसे होने वाली सड़क दुर्घटनाओं में आम जन को जानमाल का नुकसान उठाना पड़ रहा है।
फिजियोथेरेपिस्ट डॉ. रविंद्र मुदगिल के अनुसार वर्तमान में सड़कों और गलियों में बनाए गए स्पीड ब्रेकर किसी भी नियम को फॉलो नहीं करते। सबसे अधिक समस्या गर्भवती महिलाओं को होती है। स्पीड ब्रेकरों के चलते कमर में झटका लगता है और रीढ़ की हड्डी में भी जर्क आने की संभावना बढ़ जाती है। इससे हड्डी में सूजन आ जाती है और रीढ़ की हड्डी से मस्तिष्क में जाने वाली नसों के गुच्छे स्पाइनल पर दबाव उत्पन्न करते हैं। इससे सियाटिका, सर्वाइकल, कमर दर्द जैसे रोग मरीज को परेशान करते हैं। एक्सपर्ट की मानें तो 30 से 40 फीसदी स्पीड ब्रेकर डिस्क की समस्या को उत्पन्न करते हैं। इसके अलावा बुजुर्गों के लिए यह आफत बन जाते हैं। अचानक झटका लगने से बुजुर्गों की हड्डियां दब कर पिचक जाती है। इससे राहत मिलने में मरीज को लंबा समय लगता है और उसे लंबा उपचार लेना पड़ता है।
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अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
नियमों को ताक पर रख कर बनाए जा रहे स्पीड ब्रेकर दुपहिया वाहन चालकों के लिए जानलेवा साबित हो रहे हैं। शहर की सड़कों पर ही नहीं गलियों में भी अनगिनत स्पीड ब्रेकर बनाए गए हैं। इनके लिए किसी भी प्रकार के मानकों की पालना नहीं की गई है। स्थिति यह है कि इनसे होने वाली सड़क दुर्घटनाओं में आम जन को जानमाल का नुकसान उठाना पड़ रहा है।
फिजियोथेरेपिस्ट डॉ. रविंद्र मुदगिल के अनुसार वर्तमान में सड़कों और गलियों में बनाए गए स्पीड ब्रेकर किसी भी नियम को फॉलो नहीं करते। सबसे अधिक समस्या गर्भवती महिलाओं को होती है। स्पीड ब्रेकरों के चलते कमर में झटका लगता है और रीढ़ की हड्डी में भी जर्क आने की संभावना बढ़ जाती है। इससे हड्डी में सूजन आ जाती है और रीढ़ की हड्डी से मस्तिष्क में जाने वाली नसों के गुच्छे स्पाइनल पर दबाव उत्पन्न करते हैं। इससे सियाटिका, सर्वाइकल, कमर दर्द जैसे रोग मरीज को परेशान करते हैं। एक्सपर्ट की मानें तो 30 से 40 फीसदी स्पीड ब्रेकर डिस्क की समस्या को उत्पन्न करते हैं। इसके अलावा बुजुर्गों के लिए यह आफत बन जाते हैं। अचानक झटका लगने से बुजुर्गों की हड्डियां दब कर पिचक जाती है। इससे राहत मिलने में मरीज को लंबा समय लगता है और उसे लंबा उपचार लेना पड़ता है।
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