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बअबअ
Updated Sun, 19 Nov 2017 11:58 PM IST
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अब उद्योगों को दो दिन में मिलेगा बिजली कनेक्शन
अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी।
उद्योगपतियों को बिजली कनेक्शन लेने के लिए अब निगम के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। निगम उद्योगों की बिजली समस्याओं का एक क्लिक पर समाधान करेगा। उद्योगपतियों को कंपनी शुरू करने से पहले जहां इलेक्ट्रिक इंस्पेक्टर की एनओसी लेनी पड़ती थी, अब सेल्फ सर्टिफाइड डॉक्यूमेंट के आधार पर दो दिन के अंदर बिजली कनेक्शन दिया जाएगा। पहले इसमें 30 से 40 दिन लग जाते थे। इतना ही नहीं अब बिजली कनेक्शन के लिए उपभोक्ताओं को लंबी चौड़ी फाइल बनाने की आवश्यकता नहीं है। इसके लिए अब पहचान पत्र और रिहायसी प्रमाण ही देना पड़ेगा। राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-8 स्थित एक रिसोर्ट में निगम अधिकारियों और जिले के औद्योगिक उपभोक्ताओं से संवाद के दौरान निगम के चीफ इंजीनियर (कंस्ट्रक्शन) सुधीर छाबड़ा ने इसकी जानकारी दी। इस दौरान निगम के एसई राजकुमार जाजौरिया और धारूहेड़ा डिवीजन के कार्यकारी अभियंता अविनाश यादव ने उद्योगपतियों को सवालों के जवाब दिए और उनके सुझावों पर काम करने की बात कही। इस मौके पर एसडीओ बावल राजेंद्र सिंह ने उद्योगपतियों को हर संभव सहायता देने का आश्वासन दिया।
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सर्कल बने पांच साल हुए, बिल बन रहे नारनौल
बिजली निगम के अधिकारियों एवं उद्योगपतियों में संवाद कार्यक्रम यूं तो एक दूसरे के प्रति विश्वास बढ़ाने के लिए था। निगम की तरफ से जब उद्योगपतियों से सुझाव मांगे तो उन्होंने पुराने ढर्रे पर चली आ रही चीजों को बदलने के सुझाव दे डाले। एक उपभोक्ता ने कहा कि एक तारीख को यूनिट ले ली जाती है। जबकि बिल 15 दिन बाद बनकर आते हैं। यदि कुछ मिस्टेक को जाए तो नारनौल से ठीक होने की बात कही जाती है। उन्होंने कहा कि रेवाड़ी को सर्कल बने पांच साल हो गए हैं। बावजूद इसके बिल के लिए नारनौल की तरफ देखना पड़ता है। रेवाड़ी का रेवेन्यू नारनौल से चार गुणा अधिक है। जिले के इन बड़े उपभोक्ताओं का कहना था कि औद्योगिक उत्पादन पर असर न पड़े इसके लिए कस्टमर केयर से लेकर अन्य सुविधाओं के लिए अलग से सिस्टम होना चाहिए। हालांकि उद्योगपति काफी हद तक जिले में बिजली व्यवस्था से खुश नजर आए।
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निगम में मैन पावर की कमी को पूरा करने का दिया सुझाव
उपभोक्ताओं ने कहा कि निगम में कर्मचारियों की कमी के चलते लोगों को कई बार परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसके लिए निगम को कर्मचारियों को संख्या बढ़ानी चाहिए। ताकि उद्योगों को कम से कम समस्याओं का सामना करना पड़े। इसी के साथ चीफ इंजीनियर ने पीक समय में महंगी बिजली खरीदने को लेकर कहा कि यदि पीक समय में उद्योग बंद रहेंगे तो इसके लिए सरकारी ओर से छूट भी दी जाएगी। उन्होंने कहा कि जो उद्योग रात के समय नहीं चलते वह एक आवेदन के माध्यम से छूट का लाभ ले सकता है।
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एक मार्च से ग्रामीण क्षेत्र में 24 घंटे बिजली देने की है योजना
निगम की ओर से जिले की 35 ग्राम पंचायतों में 24 घंटे बिजली सप्लाई की योजना पर जिले में काम होना शुरू हो गया है। ग्रामीण क्षेत्र में लाइन लॉस कम करने और जर्जर ढांचे को मजबूत करने के लिए करीब 100 करोड़ रुपये की लागत से व्यवस्था को सुधारा जाना है। इसके लिए नए पावर हाउस बनाने के साथ नए ट्रांसफार्मर और नंगे तारों की जगह इंसुलेटेड तारों का जाल बिछाया जाना है। निगम के अनुसार एक मार्च से जिले के सभी घरों में 24 घंटे बिजली सप्लाई शुरू कर दी जाएगी।
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वर्जन-
प्रदेश में उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए सरकार उद्योगपतियों को सुविधाएं देने के लिए प्रयासरत है। इसके लिए कम से कम समय में बिजली कनेक्शन देने के साथ एक क्लिक पर बिजली समस्याओं के समाधान का खाका खिंचा जा रहा है। रविवार को इसी उद्देश्य से अधिकारियों एवं औद्योगिक उपभोक्ताओं के लिए संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। - सुधीर छाबड़ा, चीफ इंजीनियर (कंस्ट्रक्शन), बिजली निगम
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जिले के औद्योगिक उपभोक्ताओं की बिजली समस्याओं को दूर करने के लिए निगम पूरे प्रयास कर रहा है। माहौल को बेहतर बनाने के लिए संवाद जरूरी है। जिले में लाइन लॉस कम कर 24 घंटे बिजली एक मार्च से शुरू कर दी जाएगी। सरकार बिजली व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। - राजकुमार जाजौरिया, एसई, बिजली निगम रेवाड़ी।
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अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी।
उद्योगपतियों को बिजली कनेक्शन लेने के लिए अब निगम के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। निगम उद्योगों की बिजली समस्याओं का एक क्लिक पर समाधान करेगा। उद्योगपतियों को कंपनी शुरू करने से पहले जहां इलेक्ट्रिक इंस्पेक्टर की एनओसी लेनी पड़ती थी, अब सेल्फ सर्टिफाइड डॉक्यूमेंट के आधार पर दो दिन के अंदर बिजली कनेक्शन दिया जाएगा। पहले इसमें 30 से 40 दिन लग जाते थे। इतना ही नहीं अब बिजली कनेक्शन के लिए उपभोक्ताओं को लंबी चौड़ी फाइल बनाने की आवश्यकता नहीं है। इसके लिए अब पहचान पत्र और रिहायसी प्रमाण ही देना पड़ेगा। राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-8 स्थित एक रिसोर्ट में निगम अधिकारियों और जिले के औद्योगिक उपभोक्ताओं से संवाद के दौरान निगम के चीफ इंजीनियर (कंस्ट्रक्शन) सुधीर छाबड़ा ने इसकी जानकारी दी। इस दौरान निगम के एसई राजकुमार जाजौरिया और धारूहेड़ा डिवीजन के कार्यकारी अभियंता अविनाश यादव ने उद्योगपतियों को सवालों के जवाब दिए और उनके सुझावों पर काम करने की बात कही। इस मौके पर एसडीओ बावल राजेंद्र सिंह ने उद्योगपतियों को हर संभव सहायता देने का आश्वासन दिया।
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सर्कल बने पांच साल हुए, बिल बन रहे नारनौल
बिजली निगम के अधिकारियों एवं उद्योगपतियों में संवाद कार्यक्रम यूं तो एक दूसरे के प्रति विश्वास बढ़ाने के लिए था। निगम की तरफ से जब उद्योगपतियों से सुझाव मांगे तो उन्होंने पुराने ढर्रे पर चली आ रही चीजों को बदलने के सुझाव दे डाले। एक उपभोक्ता ने कहा कि एक तारीख को यूनिट ले ली जाती है। जबकि बिल 15 दिन बाद बनकर आते हैं। यदि कुछ मिस्टेक को जाए तो नारनौल से ठीक होने की बात कही जाती है। उन्होंने कहा कि रेवाड़ी को सर्कल बने पांच साल हो गए हैं। बावजूद इसके बिल के लिए नारनौल की तरफ देखना पड़ता है। रेवाड़ी का रेवेन्यू नारनौल से चार गुणा अधिक है। जिले के इन बड़े उपभोक्ताओं का कहना था कि औद्योगिक उत्पादन पर असर न पड़े इसके लिए कस्टमर केयर से लेकर अन्य सुविधाओं के लिए अलग से सिस्टम होना चाहिए। हालांकि उद्योगपति काफी हद तक जिले में बिजली व्यवस्था से खुश नजर आए।
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निगम में मैन पावर की कमी को पूरा करने का दिया सुझाव
उपभोक्ताओं ने कहा कि निगम में कर्मचारियों की कमी के चलते लोगों को कई बार परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसके लिए निगम को कर्मचारियों को संख्या बढ़ानी चाहिए। ताकि उद्योगों को कम से कम समस्याओं का सामना करना पड़े। इसी के साथ चीफ इंजीनियर ने पीक समय में महंगी बिजली खरीदने को लेकर कहा कि यदि पीक समय में उद्योग बंद रहेंगे तो इसके लिए सरकारी ओर से छूट भी दी जाएगी। उन्होंने कहा कि जो उद्योग रात के समय नहीं चलते वह एक आवेदन के माध्यम से छूट का लाभ ले सकता है।
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एक मार्च से ग्रामीण क्षेत्र में 24 घंटे बिजली देने की है योजना
निगम की ओर से जिले की 35 ग्राम पंचायतों में 24 घंटे बिजली सप्लाई की योजना पर जिले में काम होना शुरू हो गया है। ग्रामीण क्षेत्र में लाइन लॉस कम करने और जर्जर ढांचे को मजबूत करने के लिए करीब 100 करोड़ रुपये की लागत से व्यवस्था को सुधारा जाना है। इसके लिए नए पावर हाउस बनाने के साथ नए ट्रांसफार्मर और नंगे तारों की जगह इंसुलेटेड तारों का जाल बिछाया जाना है। निगम के अनुसार एक मार्च से जिले के सभी घरों में 24 घंटे बिजली सप्लाई शुरू कर दी जाएगी।
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वर्जन-
प्रदेश में उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए सरकार उद्योगपतियों को सुविधाएं देने के लिए प्रयासरत है। इसके लिए कम से कम समय में बिजली कनेक्शन देने के साथ एक क्लिक पर बिजली समस्याओं के समाधान का खाका खिंचा जा रहा है। रविवार को इसी उद्देश्य से अधिकारियों एवं औद्योगिक उपभोक्ताओं के लिए संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। - सुधीर छाबड़ा, चीफ इंजीनियर (कंस्ट्रक्शन), बिजली निगम
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जिले के औद्योगिक उपभोक्ताओं की बिजली समस्याओं को दूर करने के लिए निगम पूरे प्रयास कर रहा है। माहौल को बेहतर बनाने के लिए संवाद जरूरी है। जिले में लाइन लॉस कम कर 24 घंटे बिजली एक मार्च से शुरू कर दी जाएगी। सरकार बिजली व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। - राजकुमार जाजौरिया, एसई, बिजली निगम रेवाड़ी।