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जाटलैंड में शाह का हुड्डा को दबंग अंदाज में जवाब
Updated Thu, 03 Aug 2017 02:02 AM IST
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जाटलैंड में भाजपा की दमदार दस्तक
विजेंद्र कौशिक
रोहतक।
हरियाणा के अपने कमजोर हिस्से को मजबूत करने के लिए भाजपा ने दमदार दस्तक दी है। बुधवार को पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के आगमन को मेगा शो बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी गई। इसके पीछे भाजपा की रणनीति है कि जाटलैंड में सबसे मजबूत होने का संदेश दिया जाएगा। पूर्व सीएम भूपेंद्र हुड्डा का गढ़ होने के कारण कांग्रेस का भी वर्तमान में यह एक मजबूत हिस्सा है। बुधवार को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने हर स्तर पर यहां पैठ बनाने की मजबूत कोशिश की।
रोड शो में भीड़ जुटाकर जाट लैंड में संदेश देने का प्रयास किया है कि पूर्व सीएम हुड्डा का विकल्प भाजपा है। पिछले लोकसभा और विधानसभा चुनाव में प्रदेश में भाजपा ने शानदार प्रदर्शन किया। लोकसभा में केवल रोहतक सीट पर कांग्रेस जीती थी। दरअसल
जाटलैंड की राजनीति को समझने के लिए तीन साल पीछे जाना पड़ेगा। पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा के कार्यकाल में रोहतक का दबदबा पूरे प्रदेश में था। आलम यह था कि सरकारी कार्यालयों तक रोहतक की धमक रहती थी। इतना ही नहीं, 2014 के विधानसभा चुनाव से पहले हुड्डा ने सांपला में एक जनसभा में कहा था कि आप मेरी पीढ़ पर हाथ रखना, फिर मैं किसे कै बस म्ह ना आऊं। हुड्डा को पता था कि जाटलैंड में उनकी गहरी पकड़ है। 2014 में मोदी लहर के बावजूद हुड्डा ने जाटलैंड के तीन जिलों रोहतक, सोनीपत और झज्जर में 14 में से 10 सीट जीतकर इस बात को साबित भी कर दिया था। भाजपा केवल रोहतक, सोनीपत व बहादुरगढ़ की शहरी सीट के साथ बादली में ही जीत हासिल कर सकी।
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ग्रामीण एरिया में हुड्डा के विकल्प बनने पर जोर
भाजपा की रणनीतिकार जाटलैंड में हुड्डा को घेरने के लिए यह संदेश देना चाहते हैं कि केंद्र में कांग्रेस काफी कमजोर जो चुकी है। काफी राज्यों में सत्ता से बाहर हो चुकी है। जबकि भाजपा केंद्र के साथ-साथ पूरे देश में आगे बढ़ रही है। पीएम मोदी और अमित शाह जैसे दिग्गज नेता हैं। ऐसे में हुड्डा को मजबूत करने से कोई फायदा नहीं होगा। भाजपा का साथ देने से मजबूती मिलेगी। यहीं कारण है कि अमित शाह के दौरे में पार्टी का काफी जोर रोड शो में भीड़ जुटाने पर रहा ताकि संदेश जाए कि जाटलैंड में भाजपा का जनाधार बढ़ रहा है।
जाट नेताओं को किया शाह के स्वागत में आगे
अमित शाह के दौरे का प्रबंधन बेहद प्लानिंग के तहत किया गया है। स्वागत में पार्टी के जाट नेताओं को आगे रखा गया। टीकरी बार्डर से लेकर रोहतक तक जगह-जगह पर प्रदेश अध्यक्ष सुभाष बराला, कैप्टन अभिमन्यु, ओमप्रकाश धनखड़ से लेकर सांपला में रोहद बाईपास पर धर्मबीर हुड्डा, सांपला से आगे शमशेर खरकड़ा, सौरभ फरमाणा, बलराज कुंडू के होर्डिंग में नजर आए। वहीं रामअवतार वाल्मीकि ने भी जोश के साथ शाह का स्वागत किया।
कांग्रेस का सबसे मजबूत किला जाटलैंड, इनेलो में भी दम
पिछले लोकसभा और विधानसभा चुनाव पर नजर डालें तो रोहतक कांग्रेस का प्रदेश में सबसे मजबूत किला है। कांग्रेस ने पिछले चुनाव में एकमात्र लोकसभा सीट रोहतक से ही हासिल की थी। पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा के बेटे दीपेंद्र हुड्डा लगातार तीसरी बार सांसद बने। जबकि इनेलो का हुड्डा के गढ़ में भाजपा से बेहतर प्रदर्शन रहा था। गन्नौर, राई, गोहाना, बरोदा व गढ़ी सांपला में इनेलो दूसरे स्थान पर रही थी। जबकि खरखौदा और बेरी में निर्दलीय प्रत्याशी दूसरे स्थान पर रहा था। ऐसे में साफ है कि जो जाट मतदाता हुड्डा से नाराज था, उसने भाजपा की बजाए इनेलो को वोट दिया। यहीं कारण है कि भाजपा जाटलैंड में खुद को मजबूत करके एक तीर से कई शिकार करना चाहती है।
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विजेंद्र कौशिक
रोहतक।
हरियाणा के अपने कमजोर हिस्से को मजबूत करने के लिए भाजपा ने दमदार दस्तक दी है। बुधवार को पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के आगमन को मेगा शो बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी गई। इसके पीछे भाजपा की रणनीति है कि जाटलैंड में सबसे मजबूत होने का संदेश दिया जाएगा। पूर्व सीएम भूपेंद्र हुड्डा का गढ़ होने के कारण कांग्रेस का भी वर्तमान में यह एक मजबूत हिस्सा है। बुधवार को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने हर स्तर पर यहां पैठ बनाने की मजबूत कोशिश की।
रोड शो में भीड़ जुटाकर जाट लैंड में संदेश देने का प्रयास किया है कि पूर्व सीएम हुड्डा का विकल्प भाजपा है। पिछले लोकसभा और विधानसभा चुनाव में प्रदेश में भाजपा ने शानदार प्रदर्शन किया। लोकसभा में केवल रोहतक सीट पर कांग्रेस जीती थी। दरअसल
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जाटलैंड की राजनीति को समझने के लिए तीन साल पीछे जाना पड़ेगा। पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा के कार्यकाल में रोहतक का दबदबा पूरे प्रदेश में था। आलम यह था कि सरकारी कार्यालयों तक रोहतक की धमक रहती थी। इतना ही नहीं, 2014 के विधानसभा चुनाव से पहले हुड्डा ने सांपला में एक जनसभा में कहा था कि आप मेरी पीढ़ पर हाथ रखना, फिर मैं किसे कै बस म्ह ना आऊं। हुड्डा को पता था कि जाटलैंड में उनकी गहरी पकड़ है। 2014 में मोदी लहर के बावजूद हुड्डा ने जाटलैंड के तीन जिलों रोहतक, सोनीपत और झज्जर में 14 में से 10 सीट जीतकर इस बात को साबित भी कर दिया था। भाजपा केवल रोहतक, सोनीपत व बहादुरगढ़ की शहरी सीट के साथ बादली में ही जीत हासिल कर सकी।
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ग्रामीण एरिया में हुड्डा के विकल्प बनने पर जोर
भाजपा की रणनीतिकार जाटलैंड में हुड्डा को घेरने के लिए यह संदेश देना चाहते हैं कि केंद्र में कांग्रेस काफी कमजोर जो चुकी है। काफी राज्यों में सत्ता से बाहर हो चुकी है। जबकि भाजपा केंद्र के साथ-साथ पूरे देश में आगे बढ़ रही है। पीएम मोदी और अमित शाह जैसे दिग्गज नेता हैं। ऐसे में हुड्डा को मजबूत करने से कोई फायदा नहीं होगा। भाजपा का साथ देने से मजबूती मिलेगी। यहीं कारण है कि अमित शाह के दौरे में पार्टी का काफी जोर रोड शो में भीड़ जुटाने पर रहा ताकि संदेश जाए कि जाटलैंड में भाजपा का जनाधार बढ़ रहा है।
जाट नेताओं को किया शाह के स्वागत में आगे
अमित शाह के दौरे का प्रबंधन बेहद प्लानिंग के तहत किया गया है। स्वागत में पार्टी के जाट नेताओं को आगे रखा गया। टीकरी बार्डर से लेकर रोहतक तक जगह-जगह पर प्रदेश अध्यक्ष सुभाष बराला, कैप्टन अभिमन्यु, ओमप्रकाश धनखड़ से लेकर सांपला में रोहद बाईपास पर धर्मबीर हुड्डा, सांपला से आगे शमशेर खरकड़ा, सौरभ फरमाणा, बलराज कुंडू के होर्डिंग में नजर आए। वहीं रामअवतार वाल्मीकि ने भी जोश के साथ शाह का स्वागत किया।
कांग्रेस का सबसे मजबूत किला जाटलैंड, इनेलो में भी दम
पिछले लोकसभा और विधानसभा चुनाव पर नजर डालें तो रोहतक कांग्रेस का प्रदेश में सबसे मजबूत किला है। कांग्रेस ने पिछले चुनाव में एकमात्र लोकसभा सीट रोहतक से ही हासिल की थी। पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा के बेटे दीपेंद्र हुड्डा लगातार तीसरी बार सांसद बने। जबकि इनेलो का हुड्डा के गढ़ में भाजपा से बेहतर प्रदर्शन रहा था। गन्नौर, राई, गोहाना, बरोदा व गढ़ी सांपला में इनेलो दूसरे स्थान पर रही थी। जबकि खरखौदा और बेरी में निर्दलीय प्रत्याशी दूसरे स्थान पर रहा था। ऐसे में साफ है कि जो जाट मतदाता हुड्डा से नाराज था, उसने भाजपा की बजाए इनेलो को वोट दिया। यहीं कारण है कि भाजपा जाटलैंड में खुद को मजबूत करके एक तीर से कई शिकार करना चाहती है।