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परीक्षा दी 64 ने, चेक होने पहुंची 114 उत्तरपुस्तिका
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
Updated Sat, 11 Jul 2015 02:43 AM IST
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ए ग्रेड एमडीयू का एक और कारनामा सामने आया है।
एमपीएड डिपार्टमेंट में 64 परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी और चेक होने के लिए 114 उत्तरपुस्तिकाएं पहुंचाई गईं।
अब यह समझ से परे है कि 50 नए परीक्षार्थियों की उत्तरपुस्तिका कहां से आई और उन्हें किस मकसद के साथ मूल्यांकन के लिए भेजा गया।
जो भी हो, फिलहाल ये उत्तरपुस्तिकाएं सवालों के घेरे में हैं।
एमडीयू के फिजिकल एजुकेशन डिपार्टमेंट की मई में एमपीएड द्वितीय सेमेस्टर की परीक्षा हुई थी। डिपार्टमेंट में कुल 64 परीक्षार्थियों ने यह परीक्षा दी।
सभी उत्तर पुस्तिकाओं को कंट्रोलर ऑफ एग्जामिनेशन केे पास जमा करा दिया गया।
यहां तक सब ठीक रहा, लेकिन कई दिन बाद डिपार्टमेंट के एक प्रोफेसर के पास ये उत्तरपुस्तिकाएं मूल्यांकन के लिए पहुंची। इन्हें देखकर प्रोफेसर भी हैरान हो गए। दरअसल, 64 परीक्षार्थियों की जगह उनके पास 114 परीक्षार्थियों की उत्तरपुस्तिकाएं भेजी गई हैं। सवाल है कि जिस डिपार्टमेंट में परीक्षार्थी ही 64 हो तो 50 अतिरिक्त उत्तरपुस्तिकाएं कहां से आईं। ऐसा नहीं हो सकता कि किसी दूसरे कोर्स की उत्तरपुस्तिका भूलवश भेज दी गईं हो क्योंकि बाकायदा सभी पर कोर्स का नाम एमपीएड ही लिखा हुआ है। माना जा रहा है कि कहीं न कहीं इन उत्तरपुस्तिकाओं के पीछे भी कोई बड़ा फर्जीवाड़ा तो नहीं। फिलहाल इसकी कोई पुष्टि नहीं है।
पहले भी उठ चुके हैं सवाल
एमडीयू में यह कोई पहला मामला नहीं है। कुछ दिन पूर्व एमडीयू से मूल्यांकन के लिए कॉलेजों में भेजी गई उत्तरपुस्तिकाओं को लेकर भी भारी लापरवाही सामने आयी थी। एमडीयू ने सिक्योरिटी सिस्टम की धज्जियां उड़ाते हुए परीक्षार्थियों के नाम और रोल नंबर का पार्ट भी उत्तरपुस्तिकाओं के साथ ही भेज दिया था। इससे मूल्यांकन करने वाले शिक्षक के सामने परीक्षार्थी के नाम के साथ-साथ उसकी पूरी पहचान भी उजागर हो गई।
कुलपति भी हैरान
64 परीक्षार्थी और 114 उत्तर पुस्तिकाओं के मामले को लेकर जब अमर उजाला ने कुलपति सुधीर राजपाल से संपर्क किया तो वे भी हैरान रह गए। उनका कहना है कि ऐसा संभव ही नहीं है। इस बारे में अधिक जानकारी परीक्षा नियंत्रक ही दे सकते हैं।
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यूं बोले परीक्षा नियंत्रक
परीक्षा नियंत्रक डॉ. बीएस सिंधु ने फोन रिसीव किया और यह कहकर काट दिया कि मीटिंग में हूं बाद में बात करना।
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एमपीएड डिपार्टमेंट में 64 परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी और चेक होने के लिए 114 उत्तरपुस्तिकाएं पहुंचाई गईं।
अब यह समझ से परे है कि 50 नए परीक्षार्थियों की उत्तरपुस्तिका कहां से आई और उन्हें किस मकसद के साथ मूल्यांकन के लिए भेजा गया।
जो भी हो, फिलहाल ये उत्तरपुस्तिकाएं सवालों के घेरे में हैं।
एमडीयू के फिजिकल एजुकेशन डिपार्टमेंट की मई में एमपीएड द्वितीय सेमेस्टर की परीक्षा हुई थी। डिपार्टमेंट में कुल 64 परीक्षार्थियों ने यह परीक्षा दी।
सभी उत्तर पुस्तिकाओं को कंट्रोलर ऑफ एग्जामिनेशन केे पास जमा करा दिया गया।
यहां तक सब ठीक रहा, लेकिन कई दिन बाद डिपार्टमेंट के एक प्रोफेसर के पास ये उत्तरपुस्तिकाएं मूल्यांकन के लिए पहुंची। इन्हें देखकर प्रोफेसर भी हैरान हो गए। दरअसल, 64 परीक्षार्थियों की जगह उनके पास 114 परीक्षार्थियों की उत्तरपुस्तिकाएं भेजी गई हैं। सवाल है कि जिस डिपार्टमेंट में परीक्षार्थी ही 64 हो तो 50 अतिरिक्त उत्तरपुस्तिकाएं कहां से आईं। ऐसा नहीं हो सकता कि किसी दूसरे कोर्स की उत्तरपुस्तिका भूलवश भेज दी गईं हो क्योंकि बाकायदा सभी पर कोर्स का नाम एमपीएड ही लिखा हुआ है। माना जा रहा है कि कहीं न कहीं इन उत्तरपुस्तिकाओं के पीछे भी कोई बड़ा फर्जीवाड़ा तो नहीं। फिलहाल इसकी कोई पुष्टि नहीं है।
पहले भी उठ चुके हैं सवाल
एमडीयू में यह कोई पहला मामला नहीं है। कुछ दिन पूर्व एमडीयू से मूल्यांकन के लिए कॉलेजों में भेजी गई उत्तरपुस्तिकाओं को लेकर भी भारी लापरवाही सामने आयी थी। एमडीयू ने सिक्योरिटी सिस्टम की धज्जियां उड़ाते हुए परीक्षार्थियों के नाम और रोल नंबर का पार्ट भी उत्तरपुस्तिकाओं के साथ ही भेज दिया था। इससे मूल्यांकन करने वाले शिक्षक के सामने परीक्षार्थी के नाम के साथ-साथ उसकी पूरी पहचान भी उजागर हो गई।
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कुलपति भी हैरान
64 परीक्षार्थी और 114 उत्तर पुस्तिकाओं के मामले को लेकर जब अमर उजाला ने कुलपति सुधीर राजपाल से संपर्क किया तो वे भी हैरान रह गए। उनका कहना है कि ऐसा संभव ही नहीं है। इस बारे में अधिक जानकारी परीक्षा नियंत्रक ही दे सकते हैं।
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यूं बोले परीक्षा नियंत्रक
परीक्षा नियंत्रक डॉ. बीएस सिंधु ने फोन रिसीव किया और यह कहकर काट दिया कि मीटिंग में हूं बाद में बात करना।