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अभी भी आ रहा गंदा पानी, पीलिया के रोगियों की बढ़ रही संख्या, अधिकारी आते हैं पर करते कुछ नहीं

Wed, 27 Feb 2019 02:30 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Wed, 27 Feb 2019 02:30 AM IST
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अभी भी आ रहा गंदा पानी, पीलिया के रोगियों की बढ़ रही संख्या, अधिकारी आते हैं पर करते कुछ नहीं
अमर उजाला ब्यूरो
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रोहतक। अभी भी गंदा पानी सप्लाई में आ रहा है। इसके चलते पीलिया के रोगियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। पब्लिक हेल्थ के अधिकारी मंगलवार सुबह जांच के लिए आए, लेकिन उस समय पेयजल सप्लाई चालू नहीं थी। उन्होंने दोपहर फिर आने का नाम लिया और जब वह आए तो पानी पिछले दिनों की तुलना में साफ था, लेकिन इसमें बदबू थी। यह आरोप जनता कॉलोनी के लोगों ने लगाए।
स्थानीय लोगों ने बताया कि जनता कॉलोनी, न्यू राजेंद्र कॉलोनी में पेयजल सप्लाई बदहाल है। यहां सीवर का मिक्स पानी आता है। इसके चलते उनके कई घरों में पीलिया के रोगियों की संख्या बढ़ गई है। अधिकारी उनकी समस्या सुनने की बजाए टाल-मटोल करते हैं। मंगलवार को विभाग की टीम जांच करने जरूर पहुंची, लेकिन पीछे से सप्लाई को ही बंद कर दिया गया। ऐसे में उन्हें दूषित पेयजल सप्लाई में कैसे दिखा पाते। टीम ने दोपहर को दोबारा आने की बात कही तो वह आए, इस समय पानी पहले की तुलना में कम गंदा आया। इस सप्लाई के पानी में बदबू अधिक थी। मौके पर आए अधिकारियों ने कहा कि वह उनकी इस समस्या का भी जल्द समाधान करा देंगे। मौके पर अधिकारियों को बताया गया कि वह न्यू राजेंद्र कॉलोनी चले तो उन्हें वहां की स्थिति भी दिखा दी जाएगी। लेकिन अधिकारियों ने वहां जाने से मना कर दिया।
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बोले अधिकारी
आज पब्लिक हेल्थ विभाग की टीम ने मौके पर जाकर जांच की। कहीं पर कोई समस्या नहीं मिली। पानी में क्लोरीन की मात्रा बढ़ती है तो उसमें स्मैल आने के साथ पानी के रंग में कुछ बदलाव आ जाता है। एसडीओ और जेई को कहा गया है कि वह अन्य स्थानों पर भी स्वयं जांच करें और समस्या को दूर करें।
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-भानू प्रताप, कार्यकारी अभियंता, पब्लिक हेल्थ

हम जिस समय मौके पर गए, हमें पानी साफ मिला। तकरीबन दस घरों में पानी की जांच की गई, कहीं कुछ नहीं मिला। इसके बावजूद यदि कहीं समस्या है तो उसकी जांच करवा कर समाधान करवा दिया जाएगा। दूषित पेयजल संबंधी समस्या की शिकायत विभाग को नहीं मिली है। जांच के दौरान लोगों ने दूसरी कॉलोनी का नाम लिया है, वहां भी जांच करवाई जाएगी।
- एसके गर्ग, एसडीई, पब्लिक हेल्थ

बोलीं पार्षद व आम जनता
पब्लिक हेल्थ विभाग की टीम मंगलवार को कॉलोनी में आई थी। इसमें अधिकारियों ने कहा कि वह समस्या जल्द सही करवा देंगे। जब टीम आई तो सप्लाई का पानी नहीं आ रहा था, उन्हें फिल्टर का पानी पीने के लिए दिया गया था। इसके बाद उन्हें न्यू राजेंद्र कॉलोनी की समस्या के बारे में बताया गया तो वह साथ नहीं गए। एक अधिकारी ने कहा कि वह दो चार दिन में आकर समस्या का समाधान करा देंगे। टीम ने दोपहर पौने तीन बजे आने को कहा था लेकिन वह घर पर नहीं आए।
-दीपिका नारा, निगम पार्षद

बदबूदार पानी आ रहा है। जब जांच के लिए टीम आई तो उन्हें मौके पर चलने को कहा गया, लेकिन वह साथ नहीं गई। टीम सदस्य दोनों समय आए हैं, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। दोपहर की सप्लाई में भी पानी से बदबू आ रही थी।
- देवेंद्र ठेकेदार

दूषित पेयजल सप्लाई हो रहा है। इसके चलते मेरे बच्चे अक्षिता और आरव को पीलिया हो गया है। डॉक्टर कह रहे हैं कि दूषित पेयजल पीने से उन्हें समस्या हुई है। अभी उनका उपचार 15 दिन चलेगा। अधिकारी सुनने को व बात मानने को तैयार नहीं होते।
- प्रदीप सिंहपुरिया

दूषित पेयजल का प्रयोग करने से पीलिया हो गया है। मंगलवार को दोपहर टीम आई थी, एक अधिकारी ने अपना नंबर दिया है और कहा है कि आगे से समस्या हो तो वह उन्हें बताएं। लेकिन जब अधिकारियों को कुछ कहते हैं तो कोई सुनता ही नहीं है।
- नीरज

दूषित पेयजल का प्रयोग करने से पीलिया हो गया है। पब्लिक हेल्थ विभाग सुनने को तैयार नहीं होता। अमर उजाला समाचार पत्र ने जब उनकी समस्या उठाई तो पूरी टीम जांच करने आई है, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ है।

- राघव

पब्लिक हेल्थ या नगर निगम...
शहर की पेयजल व सीवर व्यवस्था नगर निगम और पब्लिक हेल्थ के बीच उलझ कर रह गई है। इसका परिणाम यह हो रहा है कि इस ओर कोई भी ध्यान नहीं दे रहा है। जनता आरोप लगा रही है कि दूषित पेयजल मिल रहा है और वह पीलिया से ग्रस्त हो रहे हैं। शहर की पेयजल व सीवर व्यवस्था को निगम संभालेगा या पब्लिक हेल्थ किसी को पता नहीं है। हर बार नई तारीख तय होती है और आगे बढ़ा दी जाती है। इसका परिणाम यह होता है कि उपभोक्ताओं की शिकायतों को नजर अंदाज कर दिया जाता है। अधिकारी जांच के नाम पर खानापूर्ति करते हैं और चले जाते हैं।
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