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मनरेगा में 15 दिन कार्य करने के बाद मजदूरों को ठेकेदार ने हटाया
Updated Sat, 09 Jun 2018 02:59 AM IST
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मनरेगा में 15 दिन कार्य करने के बाद मजदूरों को ठेकेदार ने हटाया
फोटो संख्या एसएनजे पांच
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। कारौर गांव में चल रहे मनरेगा कार्य में लगे 25-30 मजदूरों को जब शुक्रवार को आगे से काम पर आने से मना किया गया तो उन्होंने इस पर ऐतराज जताया। मनरेगा मजदूरों ने बताया कि उन्होंने 15 दिन काम किया है। अब ठेकेदार काम पर आने से मना कर रहा है। वह कह रहा है कि वह शहर से मजदूर लाएगा, जबकि अभी 85 दिन का कार्य बाकी है।
मजदूरों ने बताया कि वह करीब दस साल से मनरेगा में कार्य कर रहे हैं और उनकी रोजी-रोटी का साधन ही मनरेगा है। इससे वह अपने परिवार का पालन पोषण करते हैं। यदि उनका यह कार्य बंद हो जाता है तो उनके परिवार के भूखे मरने की नौबत आ सकती है। उन्हें जो भी कार्य दिया जाता है वह उसे पूरी लगन के साथ करते हैं और कभी भी शिकायत का मौका नहीं देते। इसके बावजूद ठेकेदार बाहर से लेबर लाने की बात करता है। कारोर के मजदूरों ने उपायुक्त को ज्ञापन सौंपकर मांग की है कि उनकी समस्या को ध्यान में रखकर दोबारा से उन्हें कार्य में लगाया जाए।
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फोटो संख्या एसएनजे पांच
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। कारौर गांव में चल रहे मनरेगा कार्य में लगे 25-30 मजदूरों को जब शुक्रवार को आगे से काम पर आने से मना किया गया तो उन्होंने इस पर ऐतराज जताया। मनरेगा मजदूरों ने बताया कि उन्होंने 15 दिन काम किया है। अब ठेकेदार काम पर आने से मना कर रहा है। वह कह रहा है कि वह शहर से मजदूर लाएगा, जबकि अभी 85 दिन का कार्य बाकी है।
मजदूरों ने बताया कि वह करीब दस साल से मनरेगा में कार्य कर रहे हैं और उनकी रोजी-रोटी का साधन ही मनरेगा है। इससे वह अपने परिवार का पालन पोषण करते हैं। यदि उनका यह कार्य बंद हो जाता है तो उनके परिवार के भूखे मरने की नौबत आ सकती है। उन्हें जो भी कार्य दिया जाता है वह उसे पूरी लगन के साथ करते हैं और कभी भी शिकायत का मौका नहीं देते। इसके बावजूद ठेकेदार बाहर से लेबर लाने की बात करता है। कारोर के मजदूरों ने उपायुक्त को ज्ञापन सौंपकर मांग की है कि उनकी समस्या को ध्यान में रखकर दोबारा से उन्हें कार्य में लगाया जाए।
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