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दिल की धड़कन की तरह स्मार्ट मीटर अपडेट करेगा लोड
Updated Fri, 02 Mar 2018 01:16 AM IST
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फ्लैग : बिजली चोरी कर एसी का मजा लेना नहीं आसान
हेडिंग : दिल की धड़कन की तरह स्मार्ट मीटर हर 15 मिनट में अपडेट करेगा लोड
: लोड कम होते ही जांच के दायरे में आ जाएगा मीटर, मीटर रीडर को हिदायत, रीडिंग लेते समय रखे कड़ी नजर
: अप्रैल में दिया जाएगा एसडीओ व जेई को मीटर जांच का टारगेट, शहर के अंदर सभी ट्रांसफार्मर वाइज डाटा की जांच करने में जुटा निगम
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
गर्मियों में बिजली चोरी कर एसी का मजा लेने का प्लान बनाने वालों के लिए अच्छी खबर नहीं है। निगम की ओर से घरों में बाहर लगाए गए स्मार्ट मीटर में स्पेशल फीचर लगाया गया है, जो हर 15 मिनट बाद लोड का रिकार्ड रखेगा। अगर किसी समय लोड कम या ज्यादा हुआ तो निगम उस मीटर को संदिग्ध मानकर जांच करेगा। साथ ही शहर में बिजली चोरी रोकने के लिए निगम ने हर ट्रांसफार्मर पर लगे मीटर के लोड की जांच शुरू कर दी है, ताकि उन एरिया की पहचान की जा सके, जहां बिजली चोरी की जा रही है।
बिजली निगम के सिटी के अंदर 3 लाख से ज्यादा कनेक्शन हैं। इसके लिए तीन डिवीजन बनाई गई हैं, जिसमें डिवीजन नंबर 1 में 768, दो नंबर में 305 और 3 नंबर में 896 ट्रांसफार्मर लगाए गए हैं। सरकारी रिकार्ड में सिटी के अंदर निगम 24 घंटे बिजली सप्लाई कर रहा है, जबकि गांव में 12 घंटे का प्रावधान है। अघोषित कटों के चलते सप्लाई कम हो सकती है। हर साल की तरह गर्मी के मौसम में बिजली की सप्लाई बढ़ने के साथ लाइनलॉस भी बढ़ जाता है।
90 प्रतिशत एरिया में लगा स्मार्ट मीटर, नहीं होगी चोरी आसान
निगम के अधिकारियों ने बताया कि शहर की तीनों डिवीजन में 90 प्रतिशत जगह स्मार्ट मीटर लगाया जा चुका है। बची हुई जगह भी मीटर बदलकर बाहर लगाए जा रहे हैं। इसके साथ ही शहर के अंदर सिस्टम जनरेट रीडिंग लेना शुरू कर दिया है। इसके लिए स्मार्ट मीटर में एक केबल लगी होती है। उस केबल को रीडिंग डिवाइस से जोड़ते ही न केवल रीडिंग अपलोड हो जाता है, बल्कि पूरे माह के लोड का ब्यौरा भी आ जाता है। इसमें यह भी पता लगा जाएगा कि किस समय लोड कम रहा या ज्यादा। अगर बिजली सप्लाई के फ्लो में गड़बड़ी मिली तो निगम उसकी जांच पड़ताल करेगा।
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पॉकेट निकालने की तैयारी, ट्रांसफार्मर वाइज होगी जांच
अनुमान है कि सिटी के अंदर 20 से 25 फीसदी लाइन लोस है, जबकि ग्रामीण एरिया में लाइनलॉस 80 प्रतिशत तक बिजली चोरी हो रही है। ऐसे में निगम ने खासकर सिटी के अंदर बिजली चोरी रोकने के लिए विशेष कदम उठाने का फैसला किया है। क्योंकि ग्रामीण एरिया में बिजली की चोरी रोकने में निगम अब तक नाकाम रहा है। निगम हर ट्रांसफार्मर की खपत यूनिट और संबंधित कनेक्शन पर एकत्रित डाटा का मिलान करेगा। अगर गड़बड़ी मिली तो उस पॉकेट यानी एरिया में सर्च अभियान चलाया जाएगा।
मीटर रीडर को हिदायत, एसी पर रखें नजर
निगम की तरफ से मीटर रीडिंग का कार्य निजी एजेंसी को दिया गया है। एजेंसी को हिदायत है कि रीडिंग लेने जाते समय रीडर न केवल सिस्टम जनरेट रीडिंग ले, बल्कि नजर भी रखे कि कहां नया एसी लगा है। साथ ही जांच कराई जाएगी कि उक्त मकान मालिक ने लोड बढ़वाया है या नहीं।
वर्जन
बिजली चोरी रोकने के लिए निगम पुख्ता प्लान तैयार कर रहा है। स्मार्ट मीटर लगने के बाद अब बिजली की चोरी करना आसान नहीं रहेगा। निगम गड़बड़ी करने वाला व्यक्ति निगम की पकड़ में आ जाएगा। गर्मियों से पहले उन एरिया की पहचान कर ली जाएगी, जहां बिजली चोरी की जा रही है।
- सुरेश कुमार बंसल, एसई, बिजली निगम
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हेडिंग : दिल की धड़कन की तरह स्मार्ट मीटर हर 15 मिनट में अपडेट करेगा लोड
: लोड कम होते ही जांच के दायरे में आ जाएगा मीटर, मीटर रीडर को हिदायत, रीडिंग लेते समय रखे कड़ी नजर
: अप्रैल में दिया जाएगा एसडीओ व जेई को मीटर जांच का टारगेट, शहर के अंदर सभी ट्रांसफार्मर वाइज डाटा की जांच करने में जुटा निगम
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
गर्मियों में बिजली चोरी कर एसी का मजा लेने का प्लान बनाने वालों के लिए अच्छी खबर नहीं है। निगम की ओर से घरों में बाहर लगाए गए स्मार्ट मीटर में स्पेशल फीचर लगाया गया है, जो हर 15 मिनट बाद लोड का रिकार्ड रखेगा। अगर किसी समय लोड कम या ज्यादा हुआ तो निगम उस मीटर को संदिग्ध मानकर जांच करेगा। साथ ही शहर में बिजली चोरी रोकने के लिए निगम ने हर ट्रांसफार्मर पर लगे मीटर के लोड की जांच शुरू कर दी है, ताकि उन एरिया की पहचान की जा सके, जहां बिजली चोरी की जा रही है।
बिजली निगम के सिटी के अंदर 3 लाख से ज्यादा कनेक्शन हैं। इसके लिए तीन डिवीजन बनाई गई हैं, जिसमें डिवीजन नंबर 1 में 768, दो नंबर में 305 और 3 नंबर में 896 ट्रांसफार्मर लगाए गए हैं। सरकारी रिकार्ड में सिटी के अंदर निगम 24 घंटे बिजली सप्लाई कर रहा है, जबकि गांव में 12 घंटे का प्रावधान है। अघोषित कटों के चलते सप्लाई कम हो सकती है। हर साल की तरह गर्मी के मौसम में बिजली की सप्लाई बढ़ने के साथ लाइनलॉस भी बढ़ जाता है।
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90 प्रतिशत एरिया में लगा स्मार्ट मीटर, नहीं होगी चोरी आसान
निगम के अधिकारियों ने बताया कि शहर की तीनों डिवीजन में 90 प्रतिशत जगह स्मार्ट मीटर लगाया जा चुका है। बची हुई जगह भी मीटर बदलकर बाहर लगाए जा रहे हैं। इसके साथ ही शहर के अंदर सिस्टम जनरेट रीडिंग लेना शुरू कर दिया है। इसके लिए स्मार्ट मीटर में एक केबल लगी होती है। उस केबल को रीडिंग डिवाइस से जोड़ते ही न केवल रीडिंग अपलोड हो जाता है, बल्कि पूरे माह के लोड का ब्यौरा भी आ जाता है। इसमें यह भी पता लगा जाएगा कि किस समय लोड कम रहा या ज्यादा। अगर बिजली सप्लाई के फ्लो में गड़बड़ी मिली तो निगम उसकी जांच पड़ताल करेगा।
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पॉकेट निकालने की तैयारी, ट्रांसफार्मर वाइज होगी जांच
अनुमान है कि सिटी के अंदर 20 से 25 फीसदी लाइन लोस है, जबकि ग्रामीण एरिया में लाइनलॉस 80 प्रतिशत तक बिजली चोरी हो रही है। ऐसे में निगम ने खासकर सिटी के अंदर बिजली चोरी रोकने के लिए विशेष कदम उठाने का फैसला किया है। क्योंकि ग्रामीण एरिया में बिजली की चोरी रोकने में निगम अब तक नाकाम रहा है। निगम हर ट्रांसफार्मर की खपत यूनिट और संबंधित कनेक्शन पर एकत्रित डाटा का मिलान करेगा। अगर गड़बड़ी मिली तो उस पॉकेट यानी एरिया में सर्च अभियान चलाया जाएगा।
मीटर रीडर को हिदायत, एसी पर रखें नजर
निगम की तरफ से मीटर रीडिंग का कार्य निजी एजेंसी को दिया गया है। एजेंसी को हिदायत है कि रीडिंग लेने जाते समय रीडर न केवल सिस्टम जनरेट रीडिंग ले, बल्कि नजर भी रखे कि कहां नया एसी लगा है। साथ ही जांच कराई जाएगी कि उक्त मकान मालिक ने लोड बढ़वाया है या नहीं।
वर्जन
बिजली चोरी रोकने के लिए निगम पुख्ता प्लान तैयार कर रहा है। स्मार्ट मीटर लगने के बाद अब बिजली की चोरी करना आसान नहीं रहेगा। निगम गड़बड़ी करने वाला व्यक्ति निगम की पकड़ में आ जाएगा। गर्मियों से पहले उन एरिया की पहचान कर ली जाएगी, जहां बिजली चोरी की जा रही है।
- सुरेश कुमार बंसल, एसई, बिजली निगम