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कककक
Updated Fri, 23 Jun 2017 01:21 AM IST
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उद्योगपति बोले- सुरक्षा बढ़ाएं, कर्मचारियों में है दहशत
अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी।
धारूहेड़ा औद्योगिक क्षेत्र में एक ऑनलाइन शॉपिंग वेबसाइट कंपनी के दो कर्मचारियों और गार्ड की आंखों में मिर्च डालकर 19 लाख रुपये लूटने की वारदात कोई नई नहीं हैं। सुरक्षा की कमी से यहां आए दिन इस तरह की घटनाएं होती रहती हैं। कई बार तो पीड़ित पुलिस के झंझट में पड़ने से बचने के लिए रिपोर्ट तक दर्ज नहीं कराते। ठीक यही स्थित समीप औद्योगिक क्षेत्र बावल की है। दोनों औद्योगिक क्षेत्रों में करीब 1200 कंपनियां संचालित हैं। उसमें 30 हजार के करीब मजदूर काम करते हैं। हजारों लोग तो परिवार के साथ आसपास किराए के मकानों मेें रह रहे हैं। इस तरह की घटनाओं से कंपनी संचालकों और मजदूरों में भय है। उद्योगपतियों और कंपनी के अधिकारियों का कहना है कि औद्योगिक क्षेत्र में असुरक्षा का आलम है। सुरक्षा नाकाफी होने की वजह से कर्मचारी में दहशत है।
सुरक्षा इंतजाम भी नाकाफी
धारूहेड़ा औद्योगिक क्षेत्र की सुरक्षा के लिए करीब 50 पुलिसकर्मी लगे हैं। इसके अतिरिक्त थाने से कनेक्टेड दो चौकियां धारूहेड़ा क्षेत्र की सुरक्षा के लिए हैं। इनमें मीपुर पुलिस चौकी और सेक्टर छह पुलिस चौकी है। धारूहेड़ा थाने में एक इंस्पेक्टर, एक एसआई, पांच एएसआई, सात हेडकांस्टेबल और 14 कांस्टेबल हैं। मीरपुर और सेक्टर छह पुलिस चौकियों में भी आठ-आठ के करीब स्टाफ है।
आरोपियों की गिरेबां तक हाथ
19 लाख लूट मामले में पुलिस के हाथ आरोपियों की गिरेबां तक है। धारूहेड़ा थाना प्रभारी कुलदीप ने बताया कि पुलिस आरोपियों के बिल्कुल करीब हैं। शीघ्र इन्हें पकड़कर मामले का खुलासा कर देंगे। वारदात में प्रयुक्त कार आरोपियों ने दिल्ली से लूटी है। राजस्थान के टपूकड़ा क्षेत्र में लावारिस हालत में मिली थी।
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यह कहते हैं फैक्ट्री संचालक
धारूहेड़ा और बावल दोनों औद्योगिक क्षेत्रों की सुरक्षा नाकाफी है। यहां पुलिस की अतिरिक्त व्यवस्था होनी चाहिए। इसके बिना भय का वातावरण बन गया है। - रामपाल, एचआर हेड, एनटीएन बैरिंग
हमारे औद्योगिक क्षेत्र विश्व प्रसिद्ध है। इतना अधिक रेवेन्यू देने के बाद भी यहां की सुरक्षा का पेच समझ से परे है। कर्मचारियों में सुरक्षा की भावना होना बेहद जरूरी है। - विनोद जोशी, जीएम, शंकाई
सुरक्षा की सबसे बड़ी समस्या औद्योगिक क्षेत्र का हुडा और एसएसआईआईडीसी के बीच में फंसना है। स्वामित्व का निर्णय नहीं होने के कारण यह समस्या आ रही है। - बीपी भारद्वाज, डीजेएम कॉमर्शियल, परामाउंट
किसी भी कर्मचारी के लिए सुरक्षा सबसे अहम है। इसके बिना सभी चीजें बेमानी है। औद्योगिक क्षेत्रों में आए दिन आपराधिक घटनाएं घटती रहती हैं। इन पर लगाम लगे। - अनुराधा, एचआर हेड, डी डायमंड
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अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी।
धारूहेड़ा औद्योगिक क्षेत्र में एक ऑनलाइन शॉपिंग वेबसाइट कंपनी के दो कर्मचारियों और गार्ड की आंखों में मिर्च डालकर 19 लाख रुपये लूटने की वारदात कोई नई नहीं हैं। सुरक्षा की कमी से यहां आए दिन इस तरह की घटनाएं होती रहती हैं। कई बार तो पीड़ित पुलिस के झंझट में पड़ने से बचने के लिए रिपोर्ट तक दर्ज नहीं कराते। ठीक यही स्थित समीप औद्योगिक क्षेत्र बावल की है। दोनों औद्योगिक क्षेत्रों में करीब 1200 कंपनियां संचालित हैं। उसमें 30 हजार के करीब मजदूर काम करते हैं। हजारों लोग तो परिवार के साथ आसपास किराए के मकानों मेें रह रहे हैं। इस तरह की घटनाओं से कंपनी संचालकों और मजदूरों में भय है। उद्योगपतियों और कंपनी के अधिकारियों का कहना है कि औद्योगिक क्षेत्र में असुरक्षा का आलम है। सुरक्षा नाकाफी होने की वजह से कर्मचारी में दहशत है।
सुरक्षा इंतजाम भी नाकाफी
धारूहेड़ा औद्योगिक क्षेत्र की सुरक्षा के लिए करीब 50 पुलिसकर्मी लगे हैं। इसके अतिरिक्त थाने से कनेक्टेड दो चौकियां धारूहेड़ा क्षेत्र की सुरक्षा के लिए हैं। इनमें मीपुर पुलिस चौकी और सेक्टर छह पुलिस चौकी है। धारूहेड़ा थाने में एक इंस्पेक्टर, एक एसआई, पांच एएसआई, सात हेडकांस्टेबल और 14 कांस्टेबल हैं। मीरपुर और सेक्टर छह पुलिस चौकियों में भी आठ-आठ के करीब स्टाफ है।
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आरोपियों की गिरेबां तक हाथ
19 लाख लूट मामले में पुलिस के हाथ आरोपियों की गिरेबां तक है। धारूहेड़ा थाना प्रभारी कुलदीप ने बताया कि पुलिस आरोपियों के बिल्कुल करीब हैं। शीघ्र इन्हें पकड़कर मामले का खुलासा कर देंगे। वारदात में प्रयुक्त कार आरोपियों ने दिल्ली से लूटी है। राजस्थान के टपूकड़ा क्षेत्र में लावारिस हालत में मिली थी।
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यह कहते हैं फैक्ट्री संचालक
धारूहेड़ा और बावल दोनों औद्योगिक क्षेत्रों की सुरक्षा नाकाफी है। यहां पुलिस की अतिरिक्त व्यवस्था होनी चाहिए। इसके बिना भय का वातावरण बन गया है। - रामपाल, एचआर हेड, एनटीएन बैरिंग
हमारे औद्योगिक क्षेत्र विश्व प्रसिद्ध है। इतना अधिक रेवेन्यू देने के बाद भी यहां की सुरक्षा का पेच समझ से परे है। कर्मचारियों में सुरक्षा की भावना होना बेहद जरूरी है। - विनोद जोशी, जीएम, शंकाई
सुरक्षा की सबसे बड़ी समस्या औद्योगिक क्षेत्र का हुडा और एसएसआईआईडीसी के बीच में फंसना है। स्वामित्व का निर्णय नहीं होने के कारण यह समस्या आ रही है। - बीपी भारद्वाज, डीजेएम कॉमर्शियल, परामाउंट
किसी भी कर्मचारी के लिए सुरक्षा सबसे अहम है। इसके बिना सभी चीजें बेमानी है। औद्योगिक क्षेत्रों में आए दिन आपराधिक घटनाएं घटती रहती हैं। इन पर लगाम लगे। - अनुराधा, एचआर हेड, डी डायमंड