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Rohtak News: 60 मिनट में दूर हुआ 60 माह का इंतजार
Thu, 30 Nov 2023 12:33 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Thu, 30 Nov 2023 12:33 AM IST
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रोहतक। एलिवेटेड ट्रैक के विस्थापितों का पांच साल का इंतजार बुधवार दोपहर करीब दो बजे 60 मिनट की प्रक्रिया के बाद खत्म हो गया। सुबह 11 बजे का कार्यक्रम दोपहर एक बजे के बाद शुरू हुआ। नगर निगम की तरफ से जिला विकास भवन के डीआरडीए हॉल में 37 में 36 दुकानदारों के लिए ड्रॉ निकाला गया।
मालिकाना हक साबित न कर पाने पर एक विस्थापित का पहले ही आवेदन रद्द किया जा चुका है। कुछ विस्थापितों ने ड्रॉ प्रक्रिया की शुरुआत में मनपसंद दुकान की मांग रखी, जिसे एसडीएम और ज्वाइंट कमिश्नर ने तुरंत नकार दिया। ज्वाइंट कमिश्नर ने चार भागों में पूरी आवंटन प्रक्रिया चलाई, जोकि शांतिपूर्ण चली। निष्पक्षता के लिए बच्चे से पर्ची निकलवाई गई।
ज्वाइंट कमिश्नर ने कहा कि सभी विस्थापितों को विवेकानंद कॉम्प्लेक्स में दुकानें कागजी कार्रवाई के बाद मिल जाएंगी, अभी इस पर ताला नहीं लगाया जा सकता है। ड्रॉ की शुरुआत में एसडीएम चेयरमैन राकेश कुमार ने कहा कि यह प्रक्रिया भाग्य के भरोसे होती है। अब अगर यहां कोई पेच लगाया जाता है या कोर्ट-कचहरी की जाती है तो आवंटन में और देरी हो जाएगी, इसलिए ड्रॉ सबसे अच्छा विकल्प है।
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दो पारदर्शी डिब्बों से निकाली गई पर्ची
ज्वाइंट कमिश्नर विजय सिंह और एसडीएम राकेश कुमार ने दो पारदर्शी डब्बे मंगवाए। प्रत्येक नाम की पर्ची के चार फोल्ड किए। पर्ची फोल्ड करने में एलओ संदीप बत्रा जुट गए। एक डिब्बे में नाम और दूसरे में दुकान का नंबर था।
निष्पक्षता के लिए बच्चे से निकलवाई गई पर्ची
ड्रॉ आवंटन प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष दिखे, इसके ऐसे लोगों को चुना, जिनका इस प्रक्रिया से कोई लेना-देना न हो। ड्रॉ की शुरुआत में वीडियोग्राफर, साउंडमैन से एक-एक पर्ची निकलवाई गई। बाद में एक बच्चे से सारी पर्ची निकलवाई गई। हर पर्ची के नाम पर तालियां बजती रहीं।
इन्हें थी आवंटन प्रक्रिया से आपत्ति
विस्थापित नरेश कुमार ने ज्वाइंट कमिश्नर से पूछा कि प्रक्रिया में पता नहीं कौन सी दुकान आवंटित हो तो इस पर एसडीएम ने जवाब दिया कि यही सबसे जल्दी आवंटित करने वाली प्रक्रिया है। ज्वाइंट कमिश्नर ने नकार दिया। वहीं विस्थापित कमलेश ने भी अधिकारियों से कहा कि वह बुजुर्ग हैं, उन्हें कोई नीचे की दुकान दी जाए। इस मांग को भी अधिकारियों ने सिरे से नकार दिया।
सीनियर डिप्टी मेयर ने एलओ से पूछा ड्रॉ देरी से शुरू होने का कारण
12 विस्थापितों के देरी से पहुंचने के कारण दोपहर 12 बजे शुरू होने वाला ड्रॉ करीब एक बजे शुरू हुआ। एलओ संदीप बत्रा उनसे संपर्क करने के लिए जद्दोजहद करते दिखे। सीनियर डिप्टी मेयर राजकमल सहगल ने लेट होने का कारण पूछा। उन्होंने ड्रॉ शुरू करने काे कहा। एलओ और सीनियर डिप्टी मेयर कुछ देर तक इसको लेकर बात करते रहे। ज्वाइंट कमिश्नर विजय सिंह, चेयरमैन एसडीएम राकेश कुमार, मेयर मनमोहन गोयल, सीनियर डिप्टी मेयर राजकमल सहगल, एलओ संदीप बत्रा, पार्षद अशोक खुराना, दीपू नागपाल व राधेश्याम ढल मौजूद रहे।
इन्हें मिला अलॉटमेंट
.नाम दुकान नंबर
1. मदन लाल 47
2. श्याम सुंदर 46
3. लाजवंती 33
4. राधा बत्रा 09
5. पवन 42
6. सीमा रानी 45
7. कमलेश नागपाल 23
8. नरेश कुमार 35
9. जयपाल 43
10. सुमन 02
11.सचिन नागपाल 40 व 31
12. ममता रानी 41
13. रेनूबाला 36
14. श्रीराम गोस्वामी 12
15. राजेंद्र कुमार वाधवा 07
16. अशोक कुमार आहूजा 06
17. राजकुमार 39
18. अंकुर व अंकित 03 व 34
19. संदीप 04
20. रमेश कुमार 32
21. यशपाल 16
22. परवीन कुमार 38
23. कमलेश 55
24. सुंदर लाल 10
25. सालू रानी 26
26. चरणजीत 05
27. देशराज 11
28. संतोष रानी 44
29. साहिल व जतिन वधवा 18
30. अशोक कुमार व संजीव कुमार 08
31. रजनी 22
32. सुरजीत 01
33. सुभाष 30
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मालिकाना हक साबित न कर पाने पर एक विस्थापित का पहले ही आवेदन रद्द किया जा चुका है। कुछ विस्थापितों ने ड्रॉ प्रक्रिया की शुरुआत में मनपसंद दुकान की मांग रखी, जिसे एसडीएम और ज्वाइंट कमिश्नर ने तुरंत नकार दिया। ज्वाइंट कमिश्नर ने चार भागों में पूरी आवंटन प्रक्रिया चलाई, जोकि शांतिपूर्ण चली। निष्पक्षता के लिए बच्चे से पर्ची निकलवाई गई।
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ज्वाइंट कमिश्नर ने कहा कि सभी विस्थापितों को विवेकानंद कॉम्प्लेक्स में दुकानें कागजी कार्रवाई के बाद मिल जाएंगी, अभी इस पर ताला नहीं लगाया जा सकता है। ड्रॉ की शुरुआत में एसडीएम चेयरमैन राकेश कुमार ने कहा कि यह प्रक्रिया भाग्य के भरोसे होती है। अब अगर यहां कोई पेच लगाया जाता है या कोर्ट-कचहरी की जाती है तो आवंटन में और देरी हो जाएगी, इसलिए ड्रॉ सबसे अच्छा विकल्प है।
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दो पारदर्शी डिब्बों से निकाली गई पर्ची
ज्वाइंट कमिश्नर विजय सिंह और एसडीएम राकेश कुमार ने दो पारदर्शी डब्बे मंगवाए। प्रत्येक नाम की पर्ची के चार फोल्ड किए। पर्ची फोल्ड करने में एलओ संदीप बत्रा जुट गए। एक डिब्बे में नाम और दूसरे में दुकान का नंबर था।
निष्पक्षता के लिए बच्चे से निकलवाई गई पर्ची
ड्रॉ आवंटन प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष दिखे, इसके ऐसे लोगों को चुना, जिनका इस प्रक्रिया से कोई लेना-देना न हो। ड्रॉ की शुरुआत में वीडियोग्राफर, साउंडमैन से एक-एक पर्ची निकलवाई गई। बाद में एक बच्चे से सारी पर्ची निकलवाई गई। हर पर्ची के नाम पर तालियां बजती रहीं।
इन्हें थी आवंटन प्रक्रिया से आपत्ति
विस्थापित नरेश कुमार ने ज्वाइंट कमिश्नर से पूछा कि प्रक्रिया में पता नहीं कौन सी दुकान आवंटित हो तो इस पर एसडीएम ने जवाब दिया कि यही सबसे जल्दी आवंटित करने वाली प्रक्रिया है। ज्वाइंट कमिश्नर ने नकार दिया। वहीं विस्थापित कमलेश ने भी अधिकारियों से कहा कि वह बुजुर्ग हैं, उन्हें कोई नीचे की दुकान दी जाए। इस मांग को भी अधिकारियों ने सिरे से नकार दिया।
सीनियर डिप्टी मेयर ने एलओ से पूछा ड्रॉ देरी से शुरू होने का कारण
12 विस्थापितों के देरी से पहुंचने के कारण दोपहर 12 बजे शुरू होने वाला ड्रॉ करीब एक बजे शुरू हुआ। एलओ संदीप बत्रा उनसे संपर्क करने के लिए जद्दोजहद करते दिखे। सीनियर डिप्टी मेयर राजकमल सहगल ने लेट होने का कारण पूछा। उन्होंने ड्रॉ शुरू करने काे कहा। एलओ और सीनियर डिप्टी मेयर कुछ देर तक इसको लेकर बात करते रहे। ज्वाइंट कमिश्नर विजय सिंह, चेयरमैन एसडीएम राकेश कुमार, मेयर मनमोहन गोयल, सीनियर डिप्टी मेयर राजकमल सहगल, एलओ संदीप बत्रा, पार्षद अशोक खुराना, दीपू नागपाल व राधेश्याम ढल मौजूद रहे।
इन्हें मिला अलॉटमेंट
.नाम दुकान नंबर
1. मदन लाल 47
2. श्याम सुंदर 46
3. लाजवंती 33
4. राधा बत्रा 09
5. पवन 42
6. सीमा रानी 45
7. कमलेश नागपाल 23
8. नरेश कुमार 35
9. जयपाल 43
10. सुमन 02
11.सचिन नागपाल 40 व 31
12. ममता रानी 41
13. रेनूबाला 36
14. श्रीराम गोस्वामी 12
15. राजेंद्र कुमार वाधवा 07
16. अशोक कुमार आहूजा 06
17. राजकुमार 39
18. अंकुर व अंकित 03 व 34
19. संदीप 04
20. रमेश कुमार 32
21. यशपाल 16
22. परवीन कुमार 38
23. कमलेश 55
24. सुंदर लाल 10
25. सालू रानी 26
26. चरणजीत 05
27. देशराज 11
28. संतोष रानी 44
29. साहिल व जतिन वधवा 18
30. अशोक कुमार व संजीव कुमार 08
31. रजनी 22
32. सुरजीत 01
33. सुभाष 30