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छात्र-छात्राओं ने सीखा लाल चंदन से कपड़ां को डाइंग करना

Thu, 28 Mar 2019 02:08 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Thu, 28 Mar 2019 02:08 AM IST
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छात्र-छात्राओं ने सीखा लाल चंदन से कपड़ां को डाइंग करना
रोहतक। स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ परफ ॉर्मिंग एंड विजुअल आर्ट्स के डिजाइन एंड टेक्सटाइल विभाग में चल रही दो दिवसीय नेचुरल डाइंग और ब्लॉक प्रिंटिंग वर्कशॉप का बुधवार को समापन किया गया। इस मौके पर जयपुर के सांगानेर से आए नेचुरल डाइंग एक्सपर्ट अवधेश पांडेय ने विद्यार्थियों को सूती, रेजा, खादी के फेब्रिक पर नेचुरल डाइंग करना सिखाया। उन्होंने वर्कशॉप के दौरान मेहंदी के पत्तों से किस प्रकार रंगा जाता है और लंबे समय तक चमक के लिए क्या तरीके अपनाने बारे में बताया। इसके साथ ही मेहंदी के पत्तों से डाइंग किए गए कपड़ों के बाद बचे हुए पत्तों से ब्लॅाक प्रिंटिंग करना सिखाया। पाडेंय ने बताया कि प्राकृतिक रंगो से डाइंग किए कपड़े पहनने वालों को चर्म रोग नहीं होते। वर्कशॉप को टेक्सटाइल डिजाइन इंचार्ज निहारिका सिंह ने कोऑर्डिनेट किया।
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एक किलो लाल चंदन पाउडर से 300 मीटर कपड़ा रंगा जा सकता है
वर्कशॉप के दौरान उन्होंने लाल चंदन की बारीक पिसी हुई लकड़ी को उबालकर ठंडा कर दुप्पट्टे, कुर्ती, कमीज को रंग कर दिखाया। उन्होंने बताया कि जिन लोगों को इत्र, परफ्यूम से एलर्जी होती है। वह लाल चंदन से डाइंग किए हुए कपड़ों का प्रयोग कर सकते हैं। इससे आपको न तो किसी प्रकार की परेशानी होगी और कपड़े में चमक के साथ-साथ खूशबू भी बरकरार रहेगी। एक किलो लाल चंदन पाउडर से तीन सौ मीटर से ज्यादा कपड़ा घर पर रंगा जा सकता है। इस लाल चंदन से गहरा लाल, हल्का लाल, मेहरून कलर कपड़े पर किया जा सकता है।
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1400 शेड्स निकालने पर मिला राष्ट्रीय अवॉर्ड
जयपुर के सागांनैर से आए अवधेश पांडेय दो बार राष्ट्रपति अवॉर्डी रह चुके हैं। एक बार इन्हें नेचुरल डाइंग से 1400 शेड्स निकालने के लिए अवॉर्ड मिला तो दूसरा अवॉर्ड सुंगधित कलर डाई बनाने के लिए मिला। उन्होंने विद्यार्थियों को पेड़ों की पत्तियों, फुलों, जड़, छाल, फलियों को सुखाकर, इनको कुटकर व पीसकर फिर पानी में उबाल कर कलर निकालना सिखाया। उन्होंने मेहंदी की पत्तियों, केशु के फुलों, अखरोट की छाल, प्याज के छिलकों, नील पौधें की जड़ों, अमलताश की फलियों, हल्दी की गांठ, मजिष्ठा की लकड़ियों और अर्जुन की छाल से प्राकृतिक रंग निकालना सिखाया।
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