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अभी 15 दिन और घोर बिजली संकट झेलेंगे शहरवासी
Updated Thu, 12 Jul 2018 03:00 AM IST
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फ्लैग : 220 सब स्टेशन सांपला का एमडीयू 132 केवीए को बिजली देने वाला ट्रांसफॉर्मर फुंका
हेडिंग : बिजली का बड़ा झटका, 15 दिन तक लगेगा पेयजल किल्लत का करंट
बिजली-पानी को लेकर 15 दिनों तक शहर में रहेगा हाहाकार
-उपकरणों का इंतजाम करने में जुटा निगम, अधिकारी बोले ट्रांसफॉर्मर दुरुस्त होने में लग जाएंगे 15 दिन
-पीजीआईएमएस, मॉडल टाउन, ओल्ड पावर, ऑफिसर कॉलोनी, सेक्टर एक सब स्टेशन को होती थी सप्लाई
-चार-पांच घंटे की अघोषित कटौती कर खोखरा कोट सब स्टेशन से की जा रही पूरे शहर में बिजली की आपूर्ति
-जलघरों को भी बिजली की सप्लाई मांग के अनुरूप नहीं हो पा रही
-चेन्नई से आई इंजीनियरों की टीम ने उपकरणों की सूची अधिकारियों को सौंपी
अमर उजाला एक्सक्लूसिव
फोटो....
नीरज वर्मा
रोहतक। शहरवासियों को 15 दिन तक बिजली और पानी का संकट झेलना पड़ेगा। इसकी वजह 132 केवीए एमडीयू सब स्टेशन को बिजली देने वाला 220 केवीए सब स्टेशन सांपला का ट्रांसफॉर्मर फुंकना है। ट्रांसफॉर्मर को दुरुस्त करने के लिए चेन्नई से आई इंजीनियरों की टीम ने निरीक्षण कर उपकरणों की सूची दे दी है। अधिकारियों का कहना है कि उपकरण आने और ट्रांसफॉर्मर दुरुस्त होने में 15 दिन लग जाएंगे। वहीं पहले ही दिन शहर के कई इलाकों में मंगलवार रात से बुधवार शाम तक घोर बिजली संकट बना रहा। यहां 18 घंटे में पांच-छह घंटे ही बिजली सप्लाई हो सकी। वहीं 15 दिनों तक शहर के लोगों को काट-काट कर बिजली दी जाएगी। इससे पेयजल किल्लत भी होने वाली है।
220 केवीए सांपला में 100-100 एमवीए के दो ट्रांसफॉर्मर लगे हैं। जिस ट्रांसफॉर्मर से 132 केवीए एमडीयू को पोषित किया जाता है, वह मेंटिनेंस के अभाव के चलते फुंक गया। इस कारण 33केवीए सब स्टेशन मॉडल टाउन, ओल्ड पावर हाउस कॉलोनी, ऑफीसर कॉलोनी, सेक्टर एक और पीजीआईएमएस की आपूर्ति ठप हो गई। इससे आधे शहर में बिजली का घोर संकट पैदा हो गया। इसकी जानकारी होने के बाद अधिकारी हरकत में आए और 132 केवीए खोखरा कोट सब स्टेशन से कटौती करके आपूर्ति का फैसला लिया। सूत्र बताते हैं कि खोखरा कोट सब स्टेशन पूरे शहर में बिजली सप्लाई नहीं कर सकता, इसलिए ओवरलोडिंग का बहना बनाकर तीन-चार घंटे के लिए बिजली काटी जा रही है।
220 केवीए सब स्टेशन सांपला के एक्सईएन वीके राघव का कहना है कि रोहतक के एमडीयू सब स्टेशन को बिजली सप्लाई करने वाला ट्रांसफॉर्मर फुंकने की वजह से बिजली सप्लाई ठप पड़ी हुई है। इस ट्रांसफॉर्मर को सही होने में 15 दिन लग जाएंगे। इंजीनियरों की टीम द्वारा सौंपी गई सूची के अनुसार उपकरण मंगाने के लिए डिमांड भेजी दी गई है।
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ओवरलोडिंग का राग अलाप रहे अधिकारी
जब इस मामले में एसई एसके बंसल से बात की गई तो उन्होंने पहले बिजली सप्लाई पर्याप्त होने का दावा करते हुए ओवरलोडिंग की वजह से कटौती की बात कही। जब उनसे सांपला में ट्रांसफॉर्मर फुंकने के बारे में पूछा तब स्वीकार किया कि खोखराकोट सब स्टेशन से कटौती करते बिजली सप्लाई हो रही है। चीफ इंजीनियर वीएस मान से पूछा गया तो उनका कहना था कि इस बारे में मुझे नहीं पता, एसई एसके बंसल को जानकारी होगी।
सेक्टर दो व तीन को खरखौदा सब स्टेशन पर शिफ्ट करने की तैयारी
बिजली विभाग के उच्चाधिकारियों ने खोखराकोट सब स्टेशन का विद्युत भार कम करने के लिए बुधवार को सेक्टर दो व तीन को खरखौदा सब स्टेशन से जोड़ने का फैसला लिया है। एसई एसके बंसल ने बुधवार को आदेश देते हुए कहा कि दो-तीन दिन के अंदर यह व्यवस्था बहाल कर दी जाए ताकि शहरवासियों को बिजली संकट से थोड़ी राहत मिल सके।
मंगलवार रात से बुधवार शाम तक बेहाल रही ये कॉलोनी
शहर की कुछ ऐसे इलाके हैं, जहां मंगलवार रात से बुधवार शाम तक घोर बिजली संकट बना रहा। यहां 18 घंटे में पांच-छह घंटे ही बिजली सप्लाई हो सकी। चिन्योट कॉलोनी, श्रीनगर, धनीपुर, शिवम एन्क्लेव, जनता कॉलोनी, काठ मंडी, गांधी कैंप, राज गोपाल कॉलोनी, शीला बाईपास, बसंत विहार, इंद्रप्रस्थ कॉलोनी, जसवीर कॉलोनी व पटेल नगर में बिजली ने परेशान किया। वहीं, डीएलएफ का ट्रांसफॉर्मर फुंक गया, जो बुधवार शाम तक बदला जा सका। इससे पूरे शहरवासियों को तीन से चार घंटे तक बिजली का संकट झेलना पड़ा।
बिजली न आने से पेयजल की किल्लत
बिजली के गुल रहने से शहर में पेयजल संकट होने लगा है। जलघरों को भी बिजली की सप्लाई मांग के अनुरूप नहीं हो पा रही है। बिजली निगम के जन सुविधा केंद्र पर बुधवार सुबह छह से 11 बजे तक करीब एक सैकड़ा उपभोक्ताओं ने फोन करके बिजली के आने का समय पूछा। उनका कहना था कि जल्द बिजली सप्लाई की जाए अन्यथा परिवार को पूरे दिन पानी के संकट से जूूझना पड़ेगा।
बिजली विभाग ने अब तक नहीं बनाया रोस्टर
सर्दी, गर्मी, बरसात के साथ-साथ बड़ा फॉल्ट आने पर कैसे और कितने घंटे बिजली सप्लाई की जाएगी, इसका बिजली निगम ने कोई रोस्टर नहीं बनाया है। इसकी वजह से शहरवासियों को आए दिन बिजली के संकट से जूझना पड़ रहा है। अधिकारियों का दावा है कि जब हमें 24 घंटे बिजली मिल रही है तो फिर रोस्टर बनाने की क्या जरूरत है। एसई एसके बंसल का कहना है कि पर्याप्त बिजली मिल रही है, जिसकी वजह से अभी तक रोस्टर नहीं बनाया गया है।
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हेडिंग : बिजली का बड़ा झटका, 15 दिन तक लगेगा पेयजल किल्लत का करंट
बिजली-पानी को लेकर 15 दिनों तक शहर में रहेगा हाहाकार
-उपकरणों का इंतजाम करने में जुटा निगम, अधिकारी बोले ट्रांसफॉर्मर दुरुस्त होने में लग जाएंगे 15 दिन
-पीजीआईएमएस, मॉडल टाउन, ओल्ड पावर, ऑफिसर कॉलोनी, सेक्टर एक सब स्टेशन को होती थी सप्लाई
-चार-पांच घंटे की अघोषित कटौती कर खोखरा कोट सब स्टेशन से की जा रही पूरे शहर में बिजली की आपूर्ति
-जलघरों को भी बिजली की सप्लाई मांग के अनुरूप नहीं हो पा रही
-चेन्नई से आई इंजीनियरों की टीम ने उपकरणों की सूची अधिकारियों को सौंपी
अमर उजाला एक्सक्लूसिव
फोटो....
नीरज वर्मा
रोहतक। शहरवासियों को 15 दिन तक बिजली और पानी का संकट झेलना पड़ेगा। इसकी वजह 132 केवीए एमडीयू सब स्टेशन को बिजली देने वाला 220 केवीए सब स्टेशन सांपला का ट्रांसफॉर्मर फुंकना है। ट्रांसफॉर्मर को दुरुस्त करने के लिए चेन्नई से आई इंजीनियरों की टीम ने निरीक्षण कर उपकरणों की सूची दे दी है। अधिकारियों का कहना है कि उपकरण आने और ट्रांसफॉर्मर दुरुस्त होने में 15 दिन लग जाएंगे। वहीं पहले ही दिन शहर के कई इलाकों में मंगलवार रात से बुधवार शाम तक घोर बिजली संकट बना रहा। यहां 18 घंटे में पांच-छह घंटे ही बिजली सप्लाई हो सकी। वहीं 15 दिनों तक शहर के लोगों को काट-काट कर बिजली दी जाएगी। इससे पेयजल किल्लत भी होने वाली है।
220 केवीए सांपला में 100-100 एमवीए के दो ट्रांसफॉर्मर लगे हैं। जिस ट्रांसफॉर्मर से 132 केवीए एमडीयू को पोषित किया जाता है, वह मेंटिनेंस के अभाव के चलते फुंक गया। इस कारण 33केवीए सब स्टेशन मॉडल टाउन, ओल्ड पावर हाउस कॉलोनी, ऑफीसर कॉलोनी, सेक्टर एक और पीजीआईएमएस की आपूर्ति ठप हो गई। इससे आधे शहर में बिजली का घोर संकट पैदा हो गया। इसकी जानकारी होने के बाद अधिकारी हरकत में आए और 132 केवीए खोखरा कोट सब स्टेशन से कटौती करके आपूर्ति का फैसला लिया। सूत्र बताते हैं कि खोखरा कोट सब स्टेशन पूरे शहर में बिजली सप्लाई नहीं कर सकता, इसलिए ओवरलोडिंग का बहना बनाकर तीन-चार घंटे के लिए बिजली काटी जा रही है।
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220 केवीए सब स्टेशन सांपला के एक्सईएन वीके राघव का कहना है कि रोहतक के एमडीयू सब स्टेशन को बिजली सप्लाई करने वाला ट्रांसफॉर्मर फुंकने की वजह से बिजली सप्लाई ठप पड़ी हुई है। इस ट्रांसफॉर्मर को सही होने में 15 दिन लग जाएंगे। इंजीनियरों की टीम द्वारा सौंपी गई सूची के अनुसार उपकरण मंगाने के लिए डिमांड भेजी दी गई है।
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ओवरलोडिंग का राग अलाप रहे अधिकारी
जब इस मामले में एसई एसके बंसल से बात की गई तो उन्होंने पहले बिजली सप्लाई पर्याप्त होने का दावा करते हुए ओवरलोडिंग की वजह से कटौती की बात कही। जब उनसे सांपला में ट्रांसफॉर्मर फुंकने के बारे में पूछा तब स्वीकार किया कि खोखराकोट सब स्टेशन से कटौती करते बिजली सप्लाई हो रही है। चीफ इंजीनियर वीएस मान से पूछा गया तो उनका कहना था कि इस बारे में मुझे नहीं पता, एसई एसके बंसल को जानकारी होगी।
सेक्टर दो व तीन को खरखौदा सब स्टेशन पर शिफ्ट करने की तैयारी
बिजली विभाग के उच्चाधिकारियों ने खोखराकोट सब स्टेशन का विद्युत भार कम करने के लिए बुधवार को सेक्टर दो व तीन को खरखौदा सब स्टेशन से जोड़ने का फैसला लिया है। एसई एसके बंसल ने बुधवार को आदेश देते हुए कहा कि दो-तीन दिन के अंदर यह व्यवस्था बहाल कर दी जाए ताकि शहरवासियों को बिजली संकट से थोड़ी राहत मिल सके।
मंगलवार रात से बुधवार शाम तक बेहाल रही ये कॉलोनी
शहर की कुछ ऐसे इलाके हैं, जहां मंगलवार रात से बुधवार शाम तक घोर बिजली संकट बना रहा। यहां 18 घंटे में पांच-छह घंटे ही बिजली सप्लाई हो सकी। चिन्योट कॉलोनी, श्रीनगर, धनीपुर, शिवम एन्क्लेव, जनता कॉलोनी, काठ मंडी, गांधी कैंप, राज गोपाल कॉलोनी, शीला बाईपास, बसंत विहार, इंद्रप्रस्थ कॉलोनी, जसवीर कॉलोनी व पटेल नगर में बिजली ने परेशान किया। वहीं, डीएलएफ का ट्रांसफॉर्मर फुंक गया, जो बुधवार शाम तक बदला जा सका। इससे पूरे शहरवासियों को तीन से चार घंटे तक बिजली का संकट झेलना पड़ा।
बिजली न आने से पेयजल की किल्लत
बिजली के गुल रहने से शहर में पेयजल संकट होने लगा है। जलघरों को भी बिजली की सप्लाई मांग के अनुरूप नहीं हो पा रही है। बिजली निगम के जन सुविधा केंद्र पर बुधवार सुबह छह से 11 बजे तक करीब एक सैकड़ा उपभोक्ताओं ने फोन करके बिजली के आने का समय पूछा। उनका कहना था कि जल्द बिजली सप्लाई की जाए अन्यथा परिवार को पूरे दिन पानी के संकट से जूूझना पड़ेगा।
बिजली विभाग ने अब तक नहीं बनाया रोस्टर
सर्दी, गर्मी, बरसात के साथ-साथ बड़ा फॉल्ट आने पर कैसे और कितने घंटे बिजली सप्लाई की जाएगी, इसका बिजली निगम ने कोई रोस्टर नहीं बनाया है। इसकी वजह से शहरवासियों को आए दिन बिजली के संकट से जूझना पड़ रहा है। अधिकारियों का दावा है कि जब हमें 24 घंटे बिजली मिल रही है तो फिर रोस्टर बनाने की क्या जरूरत है। एसई एसके बंसल का कहना है कि पर्याप्त बिजली मिल रही है, जिसकी वजह से अभी तक रोस्टर नहीं बनाया गया है।