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नील गाय का शिकार कर थैलों में भरकर बेच दिया मांस
Updated Thu, 21 Dec 2017 01:46 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
ओढां।
गांव मैहनाखेड़ा में बावरी समाज के कुछ लोगाें द्वारा एक नील गाय का शिकार कर उसका मांस बेचने का मामला सामने आया है। सूचना पाकर पहुंचे अधिकारियों ने घटना का जायजा लेने उपरांत तीन लोगों के खिलाफ वन्य प्राणी अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है।
वन्य जीव प्राणी विभाग के उप-निरिक्षक लीलू राम और परमजीत सिंह को सूचना मिली थी कि गांव मैहनाखेड़ा और भूना के निकट खेतों में कुछ बावरी लोग नील गाय का शिकार कर उसका मांस बेचने की कोशिश में लगे हैं। सूचना पाकर दोनों अधिकारियों ने जब मैहनाखेड़ा क्षेत्र में घटनास्थल का निरीक्षण किया तो वहां नील गाय का कुछ भाग पड़ा हुआ मिला। अधिकारियों ने जब पूछताछ की तो पता चला कि आरोपी नील गाय का मांस थैलों में भरकर गांव खारियां की तरफ ले गए हैं, जिसके बाद दोनों अधिकारियों ने गांव भूना के सरपंच तुलसी राम एवं प्रमुख लोगों को साथ लेकर खारियां निवासी सुल्तान राम नामक व्यक्ति के खेत में रह रहे उक्त लोगों यहां छापेमारी की। अधिकारियों को आरोपी तो नहीं मिले, लेकिन वहां से उन्हें नील गाय का आधा पका मांस मिला। पता चला कि उक्त लोगों ने थैलों में भरा मांस अधिकारियों के पहुंचने से पूर्व ही बेच दिया।
विभाग के उप-निरीक्षक लीलू राम ने बताया कि आरोपियोें ने मंगलवार रात्रि को नील गाय का शिकार किया था। दूसरे दिन सुबह उक्त लोग जब मांस थैलों में भरकर ले जा रहे थे तो किसी व्यक्ति ने इसकी सूचना दी। उन्होंने बताया कि इस संबंध में तीन आरोपियों के खिलाफ वन्य प्राणी अधिनियम 1972 की धारा 52 और 39 के तहत मामला दर्ज कर लिया है। उन्होंने बताया कि आरोपियों की पहचान के लिए जांच पड़ताल की जा रही है। वहीं, मृत नील गाय का वैटरनरी सर्जन अंकित शर्मा ने पोस्टमार्टम किया।
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गांव मैहनाखेड़ा में बावरी समाज के कुछ लोगाें द्वारा एक नील गाय का शिकार कर उसका मांस बेचने का मामला सामने आया है। सूचना पाकर पहुंचे अधिकारियों ने घटना का जायजा लेने उपरांत तीन लोगों के खिलाफ वन्य प्राणी अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है।
वन्य जीव प्राणी विभाग के उप-निरिक्षक लीलू राम और परमजीत सिंह को सूचना मिली थी कि गांव मैहनाखेड़ा और भूना के निकट खेतों में कुछ बावरी लोग नील गाय का शिकार कर उसका मांस बेचने की कोशिश में लगे हैं। सूचना पाकर दोनों अधिकारियों ने जब मैहनाखेड़ा क्षेत्र में घटनास्थल का निरीक्षण किया तो वहां नील गाय का कुछ भाग पड़ा हुआ मिला। अधिकारियों ने जब पूछताछ की तो पता चला कि आरोपी नील गाय का मांस थैलों में भरकर गांव खारियां की तरफ ले गए हैं, जिसके बाद दोनों अधिकारियों ने गांव भूना के सरपंच तुलसी राम एवं प्रमुख लोगों को साथ लेकर खारियां निवासी सुल्तान राम नामक व्यक्ति के खेत में रह रहे उक्त लोगों यहां छापेमारी की। अधिकारियों को आरोपी तो नहीं मिले, लेकिन वहां से उन्हें नील गाय का आधा पका मांस मिला। पता चला कि उक्त लोगों ने थैलों में भरा मांस अधिकारियों के पहुंचने से पूर्व ही बेच दिया।
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विभाग के उप-निरीक्षक लीलू राम ने बताया कि आरोपियोें ने मंगलवार रात्रि को नील गाय का शिकार किया था। दूसरे दिन सुबह उक्त लोग जब मांस थैलों में भरकर ले जा रहे थे तो किसी व्यक्ति ने इसकी सूचना दी। उन्होंने बताया कि इस संबंध में तीन आरोपियों के खिलाफ वन्य प्राणी अधिनियम 1972 की धारा 52 और 39 के तहत मामला दर्ज कर लिया है। उन्होंने बताया कि आरोपियों की पहचान के लिए जांच पड़ताल की जा रही है। वहीं, मृत नील गाय का वैटरनरी सर्जन अंकित शर्मा ने पोस्टमार्टम किया।
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