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बिजली निगम का दावा: शहर में तो लग ही नहीं रहे पावर कट
Updated Tue, 25 Jul 2017 02:10 AM IST
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बिजली और पानी पर अधिकारी आमने-सामने
चरखी दादरी।
आधे शहर में गहराए पेयजल संकट पर अब पार्षदों में आवाज मुखर कर ली है। वार्ड नंबर दो के पार्षद महेश गुप्ता ने वार्ड की महिलाओं सहित अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल कर धरना शुरू कर दिया। वहीं, जन स्वास्थ्य विभाग कार्यालय में एसडीएम ओमप्रकाश देवराला की मौजूदगी में पार्षदों ने अपने वार्डों की पेयजल व सीवरेज संबंधित समस्याएं रखी। इस दौरान वार्डों में गहराए पेयजल संकट का मुख्य कारण जन स्वास्थ्य विभाग के एसडीओ ने पावर कटों को भी बताया। इसके तुरंत बाद एसडीएम ने बिजली निगम के एसडीओ को भी जन स्वास्थ्य विभाग कार्यालय में बुला लिया। निगम एसडीओ ने उपस्थित पार्षदों, चेयरमैन व एसडीएम के सामने शहर में पावर कट न लगाए जाने का तर्क दिया। अलग-अलग दो पहलु सामने आने पर एसडीएम ओमप्रकाश देवराला भी असमंजस में पड़ गए और बैठक से जाते-जाते शहर के वार्डों की बिजली, पानी व सीवरेज संबंधी समस्याओं का 15 दिन के अंदर समाधान करने के निर्देश दे गए। इसके बाद पार्षदों ने अपने-अपने वार्डों की सीवेरज व पेयजल संबंधी समस्याओं से अवगत करवा दिया।
इस समय शहर में रामनगर जलघर से प्रतिदिन जबकि चंपापुरी मुख्य जलघर से एक दिन छोड़कर एक दिन पेयजल सप्लाई की जा रही है। इससे आधे शहर में पेयजल किल्लत गहराई हुई है। वहीं, जलघरों के सैंपल भी स्वास्थ्य विभाग की जांच में फेल हो गए थे। करीब पांच माह पहले जन स्वास्थ्य विभाग ने पार्षदों की मांग पर शहर का सर्वे तो कर दिया लेकिन अब तक धरातल पर काम शुरू नहीं करवाया गया। इससे नाराज पार्षदों ने तीन दिन पहले ही एसडीएम ओमप्रकाश देवराला को मामले से अवगत कराया था। सोमवार को एसडीएम ओमप्रकाश देवराला और चेयरमैन संजय छपारिया व दस पार्षद जन स्वास्थ्य विभाग कार्यालय पेयजल व सीवरेज समस्याओं का कारण व समाधान की प्रक्रिया जानने पहुंचे। इस दौरान एक्सईएन की गैरमौजूदगी में एसडीओ रामपाल ने पार्षदों से समस्याएं पूछी। इसके बाद एसडीओ ने बताया कि शहर में बिजली कटों के चलते बिजली सप्लाई काफी हद तक प्रभावित हो रही है। इस तर्क की जांच करने के लिए एसडीएम ने तुरंत बिजली निगम के एसडीओ विक्रम परमार को मौके पर बुला लिया। एसडीएम ने जब निगम एसडीओ को पेयजल सप्लाई के प्रभावित होने का कारण बिजली कट बताया तो एसडीओ ने स्पष्ट इंकार कर दिया। एसडीओ विक्रम परमार ने कहा कि शहर में केवल देे फीडरों पर ही इस समय पावर कट लगाए जा रहे हैं, इसके अलावा बाकी सात अन्य फीडरों पर कोई कट नहीं लगाए जा रहे। एसडीओ ने कहा कि वाटर वकर्स को 24 घंटे बिजली सप्लाई दी जा रही है। एक-दूसरे से अलग तर्क सामने आने पर एसडीएम ने जन स्वास्थ्य विभाग के एक्सईएन को फोन पर मामले से अवगत कराया और 15 दिन के अंदर सभी समस्याओं के समाधान के निर्देश दिए। इसके बाद वार्ड पार्षदों ने एसडीओ रामपाल को अपने-अपने वार्डों की पेयजल-सीवरेज संबंधी जरूरतों व समस्याओं की जानकारी दी।
-वार्ड में 200 फुट के हिस्से में चार गलियों में सीवरेज की लाइन नहीं है। पांच गलियों में पेयजल की लाइन विभाग द्वारा अब तक नहीं डाली गई। वार्ड में काफी समय से दूषित पानी सप्लाई हो रहा है। की-मेन को बदलने की मांग भी काफी समय से कर रहे हैं लेकिन अब तक ध्यान नहीं दिया गया।
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महेश गुप्ता, पार्षद वार्ड दो
--रेलवे ओवरब्रिज के नीचे पिछले दो माह से सीवरेज ओवरफ्लो की समस्या बनी हुई है। दयानंद कॉलोनी में पेयजल सप्लाई के लो प्रेशर के चलते सभी घरों तक पानी नहीं पहुंच पा रहा। वार्ड की दस गलियों में अब तक सीवरेज व पेयजल की नई लाइन नहीं बिछाई गई है।
दिनेश जागड़ा पार्षद वार्ड चार
--वार्ड में चार गलियों में पेयजल की लाइन नहीं है। राव वाला मोहल्ले पिछले काफी समय में गंदा पानी आ रहा है। खटीकान मोहल्ला से गोशाला क्षेत्र में दूषित पानी सप्लाई हो रहा है। सीवरेज ओवरफ्लो की समस्या भी गहराई हुई है जबकि कुछ नई पेयजल व सीवरेज लाइनें डालने की जरूरत है।
मनोज, पार्षद वार्ड 10
-पेयजल किल्लत के कारण वार्डवासियों को काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है। विभाग कर्मचारी समय पर पेयजल की सप्लाई नहीं करते है। वार्डवासियों को अपने स्तर पर पानी की व्यवस्था करनी पड़ती है। कई गलियों में सीवरेज व पेयजल लाइनों को बदलने व कुछ गलियों में नई लाइन डालने की जरूरत है।
कृष्ण, वार्ड 12 पार्षद प्रतिनिधि
--पानी की समस्या के कारण वार्ड के लोग पिछले काफी समय से परेशान है। वार्ड के कुछ हिस्से में सीवरेज मिक्स पानी आ रहा है। पेयजल व सीवरेज की कई लाइनें कंडम पड़ी हैं। वार्ड की दो गलियों में नई सीवरेज लाइन डालने की दरकार है। मैंने दोबारा से सभी समस्याएं अधिकारियों के सामने रख दी हैं।
सुभाष स्वामी, वार्ड 13 पार्षद प्रतिनिधि
--वार्ड नंबर सात मे।ं सीवरेज ओवरफ्लो की कई गलियों में समस्या है। सीवरेज मेनहॉल की सफाई समय पर नहीं की जाती। पेयजल सप्लाई के नाम पर भी दूषित पानी वार्ड में पहुंच रहा है। वार्ड के कुछ हिस्से में नई पेयजल व सीवरेज लाइन डालने की भी दरकार है। इन सबकी जानकारी मैंने एसडीएम की मौजूदगी में दे दी है।
संजय छपारिया, चेयरमैन नगर परिषद
--वार्ड में न तो नियमित पेयजल होती है और न ही समय पर। विभागीय अधिकारियों को सिविल अस्पताल बूस्टिंग स्टेशन को पूरा पानी देना चाहिए। जिससे वार्ड के लोगों को पेयजल की समस्या से निजात मिल सके। वार्ड की ससीवरेज व पेयजल समस्याओं से एसडीएम साह्ब की मौजूदगी में विभागीय अधिकारियों को अवगत करा दिया है।
एडवोकेट विक्रम, वार्ड 17 पार्षद प्रतिनिधि
--वार्ड के पिछले हिस्से में पानी का प्रेशर न बनने के कारण लोग काफी परेशान है। वार्ड में लोगों को पानी के टैंकर मंगवाने पड़ रहे है। विभाग के पास अधिक मात्रा में पानी होने के बाद एक दिन बाद में पेयजल सप्लाई कर रहा है। वार्ड की गलियों मेंनई पेयजल व सीवरेज लाइनें बिछाने व सीवरेज मिक्स पानी की समस्या से छुटकारा दिलाने की मांग मैंने की है।
कुलदीप गांधी, पार्षद वार्ड 18
--वार्ड में सीवरेज के मेन हॉल का लेवल गली के बराबर नहीं है। घिकाड़ा बूस्टिंग स्टेशन से पेयजल सप्लाई में सीवरेज मिक्स पानी आ रहा है। वेयर हाउस के साथ लगाती गली में सीवरेज लाइन ही नहीं डाली गई है। घिकाड़ा रोड व शहीद भगत सिंह चौक के समीप भी पेयजल की लाइन नहीं बिछाई गई है।
विरेंद्र पप्पू, पार्षद वार्ड 19
--तेजाब फैक्टरी के बैक साइड में सीवरेज की लाइन कंडम पड़ी है। इसके अलावा वार्ड में पेयजल की समस्या भी बनी हुई है। वार्ड में पेयजल व सीवरेज की नई लाइनें डालने की जरूरत है। कुछ गलियों में डाली गई पेयजल लाइनों का लेवल दुरुस्त नहीं है। सीवरेज व पेयजल लाइनों की कमी के चलते गलियों का निर्माण रूका हुआ है।
रोहित कुमार, पार्षद वार्ड 21
15 दिन में समाधान नहीं हुआ तो फिर लूंगा एक्शन: एसडीएम
एसडीएम ओमप्रकाश देवराला ने बताया कि पार्षदों व जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की बैठक उनकी मौजूदगी में हुई है। विभाग एसडीओ ने बिजली कटों को पेयजल सप्लाई प्रभावित होने का कारण बताया लेकिन निगम के एसडीओ ने इस बात से इंकार कर दिया। इसके बाद मैंने जन स्वास्थ्य विभाग के एक्सईएन जितेंद्र हुड्डा को फोन कर मामले से अवगत कराया और सीवरेज व पेयजल संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए 15 दिन का समय दिया है। इस दौरान अगर समाधान नहीं हुआ तो फिर मैं इस मामले में कोई एक्शन लूंगा।
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चरखी दादरी।
आधे शहर में गहराए पेयजल संकट पर अब पार्षदों में आवाज मुखर कर ली है। वार्ड नंबर दो के पार्षद महेश गुप्ता ने वार्ड की महिलाओं सहित अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल कर धरना शुरू कर दिया। वहीं, जन स्वास्थ्य विभाग कार्यालय में एसडीएम ओमप्रकाश देवराला की मौजूदगी में पार्षदों ने अपने वार्डों की पेयजल व सीवरेज संबंधित समस्याएं रखी। इस दौरान वार्डों में गहराए पेयजल संकट का मुख्य कारण जन स्वास्थ्य विभाग के एसडीओ ने पावर कटों को भी बताया। इसके तुरंत बाद एसडीएम ने बिजली निगम के एसडीओ को भी जन स्वास्थ्य विभाग कार्यालय में बुला लिया। निगम एसडीओ ने उपस्थित पार्षदों, चेयरमैन व एसडीएम के सामने शहर में पावर कट न लगाए जाने का तर्क दिया। अलग-अलग दो पहलु सामने आने पर एसडीएम ओमप्रकाश देवराला भी असमंजस में पड़ गए और बैठक से जाते-जाते शहर के वार्डों की बिजली, पानी व सीवरेज संबंधी समस्याओं का 15 दिन के अंदर समाधान करने के निर्देश दे गए। इसके बाद पार्षदों ने अपने-अपने वार्डों की सीवेरज व पेयजल संबंधी समस्याओं से अवगत करवा दिया।
इस समय शहर में रामनगर जलघर से प्रतिदिन जबकि चंपापुरी मुख्य जलघर से एक दिन छोड़कर एक दिन पेयजल सप्लाई की जा रही है। इससे आधे शहर में पेयजल किल्लत गहराई हुई है। वहीं, जलघरों के सैंपल भी स्वास्थ्य विभाग की जांच में फेल हो गए थे। करीब पांच माह पहले जन स्वास्थ्य विभाग ने पार्षदों की मांग पर शहर का सर्वे तो कर दिया लेकिन अब तक धरातल पर काम शुरू नहीं करवाया गया। इससे नाराज पार्षदों ने तीन दिन पहले ही एसडीएम ओमप्रकाश देवराला को मामले से अवगत कराया था। सोमवार को एसडीएम ओमप्रकाश देवराला और चेयरमैन संजय छपारिया व दस पार्षद जन स्वास्थ्य विभाग कार्यालय पेयजल व सीवरेज समस्याओं का कारण व समाधान की प्रक्रिया जानने पहुंचे। इस दौरान एक्सईएन की गैरमौजूदगी में एसडीओ रामपाल ने पार्षदों से समस्याएं पूछी। इसके बाद एसडीओ ने बताया कि शहर में बिजली कटों के चलते बिजली सप्लाई काफी हद तक प्रभावित हो रही है। इस तर्क की जांच करने के लिए एसडीएम ने तुरंत बिजली निगम के एसडीओ विक्रम परमार को मौके पर बुला लिया। एसडीएम ने जब निगम एसडीओ को पेयजल सप्लाई के प्रभावित होने का कारण बिजली कट बताया तो एसडीओ ने स्पष्ट इंकार कर दिया। एसडीओ विक्रम परमार ने कहा कि शहर में केवल देे फीडरों पर ही इस समय पावर कट लगाए जा रहे हैं, इसके अलावा बाकी सात अन्य फीडरों पर कोई कट नहीं लगाए जा रहे। एसडीओ ने कहा कि वाटर वकर्स को 24 घंटे बिजली सप्लाई दी जा रही है। एक-दूसरे से अलग तर्क सामने आने पर एसडीएम ने जन स्वास्थ्य विभाग के एक्सईएन को फोन पर मामले से अवगत कराया और 15 दिन के अंदर सभी समस्याओं के समाधान के निर्देश दिए। इसके बाद वार्ड पार्षदों ने एसडीओ रामपाल को अपने-अपने वार्डों की पेयजल-सीवरेज संबंधी जरूरतों व समस्याओं की जानकारी दी।
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-वार्ड में 200 फुट के हिस्से में चार गलियों में सीवरेज की लाइन नहीं है। पांच गलियों में पेयजल की लाइन विभाग द्वारा अब तक नहीं डाली गई। वार्ड में काफी समय से दूषित पानी सप्लाई हो रहा है। की-मेन को बदलने की मांग भी काफी समय से कर रहे हैं लेकिन अब तक ध्यान नहीं दिया गया।
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महेश गुप्ता, पार्षद वार्ड दो
--रेलवे ओवरब्रिज के नीचे पिछले दो माह से सीवरेज ओवरफ्लो की समस्या बनी हुई है। दयानंद कॉलोनी में पेयजल सप्लाई के लो प्रेशर के चलते सभी घरों तक पानी नहीं पहुंच पा रहा। वार्ड की दस गलियों में अब तक सीवरेज व पेयजल की नई लाइन नहीं बिछाई गई है।
दिनेश जागड़ा पार्षद वार्ड चार
--वार्ड में चार गलियों में पेयजल की लाइन नहीं है। राव वाला मोहल्ले पिछले काफी समय में गंदा पानी आ रहा है। खटीकान मोहल्ला से गोशाला क्षेत्र में दूषित पानी सप्लाई हो रहा है। सीवरेज ओवरफ्लो की समस्या भी गहराई हुई है जबकि कुछ नई पेयजल व सीवरेज लाइनें डालने की जरूरत है।
मनोज, पार्षद वार्ड 10
-पेयजल किल्लत के कारण वार्डवासियों को काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है। विभाग कर्मचारी समय पर पेयजल की सप्लाई नहीं करते है। वार्डवासियों को अपने स्तर पर पानी की व्यवस्था करनी पड़ती है। कई गलियों में सीवरेज व पेयजल लाइनों को बदलने व कुछ गलियों में नई लाइन डालने की जरूरत है।
कृष्ण, वार्ड 12 पार्षद प्रतिनिधि
--पानी की समस्या के कारण वार्ड के लोग पिछले काफी समय से परेशान है। वार्ड के कुछ हिस्से में सीवरेज मिक्स पानी आ रहा है। पेयजल व सीवरेज की कई लाइनें कंडम पड़ी हैं। वार्ड की दो गलियों में नई सीवरेज लाइन डालने की दरकार है। मैंने दोबारा से सभी समस्याएं अधिकारियों के सामने रख दी हैं।
सुभाष स्वामी, वार्ड 13 पार्षद प्रतिनिधि
--वार्ड नंबर सात मे।ं सीवरेज ओवरफ्लो की कई गलियों में समस्या है। सीवरेज मेनहॉल की सफाई समय पर नहीं की जाती। पेयजल सप्लाई के नाम पर भी दूषित पानी वार्ड में पहुंच रहा है। वार्ड के कुछ हिस्से में नई पेयजल व सीवरेज लाइन डालने की भी दरकार है। इन सबकी जानकारी मैंने एसडीएम की मौजूदगी में दे दी है।
संजय छपारिया, चेयरमैन नगर परिषद
--वार्ड में न तो नियमित पेयजल होती है और न ही समय पर। विभागीय अधिकारियों को सिविल अस्पताल बूस्टिंग स्टेशन को पूरा पानी देना चाहिए। जिससे वार्ड के लोगों को पेयजल की समस्या से निजात मिल सके। वार्ड की ससीवरेज व पेयजल समस्याओं से एसडीएम साह्ब की मौजूदगी में विभागीय अधिकारियों को अवगत करा दिया है।
एडवोकेट विक्रम, वार्ड 17 पार्षद प्रतिनिधि
--वार्ड के पिछले हिस्से में पानी का प्रेशर न बनने के कारण लोग काफी परेशान है। वार्ड में लोगों को पानी के टैंकर मंगवाने पड़ रहे है। विभाग के पास अधिक मात्रा में पानी होने के बाद एक दिन बाद में पेयजल सप्लाई कर रहा है। वार्ड की गलियों मेंनई पेयजल व सीवरेज लाइनें बिछाने व सीवरेज मिक्स पानी की समस्या से छुटकारा दिलाने की मांग मैंने की है।
कुलदीप गांधी, पार्षद वार्ड 18
--वार्ड में सीवरेज के मेन हॉल का लेवल गली के बराबर नहीं है। घिकाड़ा बूस्टिंग स्टेशन से पेयजल सप्लाई में सीवरेज मिक्स पानी आ रहा है। वेयर हाउस के साथ लगाती गली में सीवरेज लाइन ही नहीं डाली गई है। घिकाड़ा रोड व शहीद भगत सिंह चौक के समीप भी पेयजल की लाइन नहीं बिछाई गई है।
विरेंद्र पप्पू, पार्षद वार्ड 19
--तेजाब फैक्टरी के बैक साइड में सीवरेज की लाइन कंडम पड़ी है। इसके अलावा वार्ड में पेयजल की समस्या भी बनी हुई है। वार्ड में पेयजल व सीवरेज की नई लाइनें डालने की जरूरत है। कुछ गलियों में डाली गई पेयजल लाइनों का लेवल दुरुस्त नहीं है। सीवरेज व पेयजल लाइनों की कमी के चलते गलियों का निर्माण रूका हुआ है।
रोहित कुमार, पार्षद वार्ड 21
15 दिन में समाधान नहीं हुआ तो फिर लूंगा एक्शन: एसडीएम
एसडीएम ओमप्रकाश देवराला ने बताया कि पार्षदों व जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की बैठक उनकी मौजूदगी में हुई है। विभाग एसडीओ ने बिजली कटों को पेयजल सप्लाई प्रभावित होने का कारण बताया लेकिन निगम के एसडीओ ने इस बात से इंकार कर दिया। इसके बाद मैंने जन स्वास्थ्य विभाग के एक्सईएन जितेंद्र हुड्डा को फोन कर मामले से अवगत कराया और सीवरेज व पेयजल संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए 15 दिन का समय दिया है। इस दौरान अगर समाधान नहीं हुआ तो फिर मैं इस मामले में कोई एक्शन लूंगा।