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साढ़े तीन माह जनसेवा सर्वे करेंगे शिक्षक, ठप रहेगी पढ़ाई !
Updated Fri, 14 Jul 2017 01:47 AM IST
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साढ़े तीन माह जनसेवा सर्वे करेंगे शिक्षक, ठप रहेगी पढ़ाई !
चरखी दादरी।
जुलाई माह के अंत में सरकार के निर्देशों पर जिले में शुरू होने वाले जन सेवा सर्वे को लेकर अभी से विरोध शुरू हो गया है। विरोध का कारण जिले के 50 प्रतिशत शिक्षकों की ड्यूटी आगामी साढ़े तीन माह के लिए सर्वे कार्य में लगाना है। ड्यूटी चार्ट के अनुसार कई स्कूल तो ऐसे हैं जिनका पूरा स्टाफ ही सर्वे कार्य में व्यस्त रहेगा। ऐसे में सर्वे के चलते जिले के 50 प्रतिशत राजकीय स्कूलों की पढ़ाई आगामी साढ़े तीन माह के लिए ठप रहेगी। खुद शिक्षक इस सर्वे कार्य में ड्यूटी लगाने से खफा है और वीरवार को बौंद कलां खंड के शिक्षकों ने ट्रेनिंग के दौरान ही इस पर ऐतराज जता दिया। इन शिक्षकों ने ट्रेनिंग का बहिष्कार कर जिला राजस्व अधिकारी से मुलाकात भी की। विभागीय सूत्र बताते है कि दादरी खंड के शिक्षकों ने भी ट्रेनिंग के दौरान सरकार के इस फैसले पर विरोध जताते हुए सर्वे कार्य निजी एजेंसी से कराने की मांग की थी। दादरी, बाढड़ा व बौंद खंड में 363 राजकीय स्कूल हैं। बौंदकलां ब्लॉक में 115, दादरी ब्लॉक में 118 व बाढड़ा ब्लॉक में 130 राजकीय स्कूल हैं। बौंद कलां में 360 मास्टर है, 221 प्राथमिक अध्यापक व 210 लेक्चरर है।
बौंद खंड कार्यकारिणी प्रधान संजय शास्त्री ने बताया कि सरकार के निर्देश पर प्रशासन ने 250 शिक्षकों की ड्यूटियां जन सेवा सर्वे में लगा दी गई हैं। साढ़े तीन महीने के लिए जन सेवा सर्वे चलेगा और शिक्षकों को बच्चों को पढ़ाने की बजाय यह कार्य करना होगा। कई स्कूल तो ऐसे है जिनमें 100 प्रतिशत स्टाफ की ड्यूटियां इस कार्य के लिए लगा दी गई है। सर्वे का समय भी स्कूल के समय के साथ तालमेल नहीं खा पा रहा है। इस कार्य से स्कूलों का पढ़ाई का कार्य पूर्ण रूप से बाधित हो जाएगा। संजय शास्त्री के साथ अशोक कुमार डीपीई, प्राचार्य जलधीर सिंह, प्राचार्य धन सिंह, प्राचार्य मुकेश वशिष्ठ, अश्वनी कुमार, अशोक कुमार, राजेश कुमार, सुरेश कुमार व अनेकों अध्यापक सर्वे प्रशिक्षण कार्यक्रम में उपस्थित थे।
पालतू जानवर से लेकर इंसान तक का जुटाएंगे डाटा
शिक्षकों को ट्रेनिंग देने के लिए सरकार ने एक निजी कंपनी हायर कर रखी है। इस कंपनी के कर्मचारी ही शिक्षकों को सर्वे कार्य की जानकारियां दे रहे हैं। बौंद खंड प्रधान संजय शास्त्री ने बताया कि इस ट्रेनिंग में हिदायतें दी गई हैं कि हर परिवार के सभी आंकड़े सर्वे के दौरान जुटाने हैं। इसमें घर के पालतू जानवर से लेकर चल-अचल संपत्ति, सदस्यों की संख्या सहित तमाम ब्यौरा शामिल है।
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टेबलेट के साथ ग्राउंड पर उतरेंगे शिक्षक
बौंद खंड प्रधान ने बताया कि जुलाई माह के अंत तक सर्वे शुरू हो जाएगा। इससे पहले जिन शिक्षकों की ड्यूटी इस कार्य में लगाई गई हैं उन्हें टेबलेट दिए जाएंगे। सर्वे का पूरा कार्य पेपरलैस होगा और शिक्षकों को टेबलेट के जरिए ही ऑन लाइन हर परिवार का ब्यौरा अपडेट करना होगा। उन्होंने बताया कि सर्वे का समय सुबह नौ से पांच बजे का रहेगा।
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चरखी दादरी।
जुलाई माह के अंत में सरकार के निर्देशों पर जिले में शुरू होने वाले जन सेवा सर्वे को लेकर अभी से विरोध शुरू हो गया है। विरोध का कारण जिले के 50 प्रतिशत शिक्षकों की ड्यूटी आगामी साढ़े तीन माह के लिए सर्वे कार्य में लगाना है। ड्यूटी चार्ट के अनुसार कई स्कूल तो ऐसे हैं जिनका पूरा स्टाफ ही सर्वे कार्य में व्यस्त रहेगा। ऐसे में सर्वे के चलते जिले के 50 प्रतिशत राजकीय स्कूलों की पढ़ाई आगामी साढ़े तीन माह के लिए ठप रहेगी। खुद शिक्षक इस सर्वे कार्य में ड्यूटी लगाने से खफा है और वीरवार को बौंद कलां खंड के शिक्षकों ने ट्रेनिंग के दौरान ही इस पर ऐतराज जता दिया। इन शिक्षकों ने ट्रेनिंग का बहिष्कार कर जिला राजस्व अधिकारी से मुलाकात भी की। विभागीय सूत्र बताते है कि दादरी खंड के शिक्षकों ने भी ट्रेनिंग के दौरान सरकार के इस फैसले पर विरोध जताते हुए सर्वे कार्य निजी एजेंसी से कराने की मांग की थी। दादरी, बाढड़ा व बौंद खंड में 363 राजकीय स्कूल हैं। बौंदकलां ब्लॉक में 115, दादरी ब्लॉक में 118 व बाढड़ा ब्लॉक में 130 राजकीय स्कूल हैं। बौंद कलां में 360 मास्टर है, 221 प्राथमिक अध्यापक व 210 लेक्चरर है।
बौंद खंड कार्यकारिणी प्रधान संजय शास्त्री ने बताया कि सरकार के निर्देश पर प्रशासन ने 250 शिक्षकों की ड्यूटियां जन सेवा सर्वे में लगा दी गई हैं। साढ़े तीन महीने के लिए जन सेवा सर्वे चलेगा और शिक्षकों को बच्चों को पढ़ाने की बजाय यह कार्य करना होगा। कई स्कूल तो ऐसे है जिनमें 100 प्रतिशत स्टाफ की ड्यूटियां इस कार्य के लिए लगा दी गई है। सर्वे का समय भी स्कूल के समय के साथ तालमेल नहीं खा पा रहा है। इस कार्य से स्कूलों का पढ़ाई का कार्य पूर्ण रूप से बाधित हो जाएगा। संजय शास्त्री के साथ अशोक कुमार डीपीई, प्राचार्य जलधीर सिंह, प्राचार्य धन सिंह, प्राचार्य मुकेश वशिष्ठ, अश्वनी कुमार, अशोक कुमार, राजेश कुमार, सुरेश कुमार व अनेकों अध्यापक सर्वे प्रशिक्षण कार्यक्रम में उपस्थित थे।
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पालतू जानवर से लेकर इंसान तक का जुटाएंगे डाटा
शिक्षकों को ट्रेनिंग देने के लिए सरकार ने एक निजी कंपनी हायर कर रखी है। इस कंपनी के कर्मचारी ही शिक्षकों को सर्वे कार्य की जानकारियां दे रहे हैं। बौंद खंड प्रधान संजय शास्त्री ने बताया कि इस ट्रेनिंग में हिदायतें दी गई हैं कि हर परिवार के सभी आंकड़े सर्वे के दौरान जुटाने हैं। इसमें घर के पालतू जानवर से लेकर चल-अचल संपत्ति, सदस्यों की संख्या सहित तमाम ब्यौरा शामिल है।
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टेबलेट के साथ ग्राउंड पर उतरेंगे शिक्षक
बौंद खंड प्रधान ने बताया कि जुलाई माह के अंत तक सर्वे शुरू हो जाएगा। इससे पहले जिन शिक्षकों की ड्यूटी इस कार्य में लगाई गई हैं उन्हें टेबलेट दिए जाएंगे। सर्वे का पूरा कार्य पेपरलैस होगा और शिक्षकों को टेबलेट के जरिए ही ऑन लाइन हर परिवार का ब्यौरा अपडेट करना होगा। उन्होंने बताया कि सर्वे का समय सुबह नौ से पांच बजे का रहेगा।