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चीनी सामान के बहिष्कार करने कर निर्णय लिया
Updated Mon, 10 Jul 2017 12:41 AM IST
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चीनी सामान के बहिष्कार करने कर निर्णय लिया
नारनौल। शहर के मोहल्ला चौधरियान स्थित गौड़ सभा भवन में रविवार को सभा के सदस्यों की एक बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता किशनलाल शर्मा ने की, जबकि इसका संचालन अर्जुन लाल शर्मा एडवोकेट ने किया। सर्वप्रथम गुरू पूर्णिमा को लेकर सभा भवन में सभी ने भगवान परशुराम की प्रतिमा के समक्ष पूजा अर्चना की व माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया।
इसके बाद बैठक में सर्वसम्मति से चीनी सामान के बहिष्कार करने कर निर्णय लिया गया। मास्टर किशनलाल शर्मा ने कहा कि चीन द्वारा निर्मित सामान का हम सबको सार्वजनिक रूप से बहिष्कार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस सामान की बिक्री से हमें राजनैतिक, सामाजिक व आर्थिक रूप से नुकसान हो रहा है। इतना ही नहीं यह हमारे देश के विकास में एक बड़ा रोड़ा बना हुआ है। उन्होंने कहा कि जो देश हमारे देश का सम्मान नहीं रखता उसे सबक भी सिखाना जरूरी है। यदि हमने चीन के सामान का बहिष्कार कर दिया तो उसे सबक अपने आप ही मिल जाएगा। इसके बाद बैठक में उपस्थित सभी सदस्यों ने चीनी सामान का उपयोग न करने की भी शपथ ली। बैठक में प्रमुख रूप से आचार्य देवदत्त शास्त्री, श्यामलाल शर्मा, दिनेश शर्मा, दशरथ शर्मा, जगमोहन भारद्वाज, जयप्रकाश कौशिक, दलीप शर्मा, श्यामसुंदर गोस्वामी, जयपाल शर्मा, राकेश मेहता, मदन शर्मा, बनवारीलाल, पुरूषोतम गौड़, दयाकिशन शांडिल्य, शैलेश कुमार तथा भागीरथ कौशिक सहित काफी संख्या में सभा के सदस्य मौजूद थे।
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नारनौल। शहर के मोहल्ला चौधरियान स्थित गौड़ सभा भवन में रविवार को सभा के सदस्यों की एक बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता किशनलाल शर्मा ने की, जबकि इसका संचालन अर्जुन लाल शर्मा एडवोकेट ने किया। सर्वप्रथम गुरू पूर्णिमा को लेकर सभा भवन में सभी ने भगवान परशुराम की प्रतिमा के समक्ष पूजा अर्चना की व माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया।
इसके बाद बैठक में सर्वसम्मति से चीनी सामान के बहिष्कार करने कर निर्णय लिया गया। मास्टर किशनलाल शर्मा ने कहा कि चीन द्वारा निर्मित सामान का हम सबको सार्वजनिक रूप से बहिष्कार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस सामान की बिक्री से हमें राजनैतिक, सामाजिक व आर्थिक रूप से नुकसान हो रहा है। इतना ही नहीं यह हमारे देश के विकास में एक बड़ा रोड़ा बना हुआ है। उन्होंने कहा कि जो देश हमारे देश का सम्मान नहीं रखता उसे सबक भी सिखाना जरूरी है। यदि हमने चीन के सामान का बहिष्कार कर दिया तो उसे सबक अपने आप ही मिल जाएगा। इसके बाद बैठक में उपस्थित सभी सदस्यों ने चीनी सामान का उपयोग न करने की भी शपथ ली। बैठक में प्रमुख रूप से आचार्य देवदत्त शास्त्री, श्यामलाल शर्मा, दिनेश शर्मा, दशरथ शर्मा, जगमोहन भारद्वाज, जयप्रकाश कौशिक, दलीप शर्मा, श्यामसुंदर गोस्वामी, जयपाल शर्मा, राकेश मेहता, मदन शर्मा, बनवारीलाल, पुरूषोतम गौड़, दयाकिशन शांडिल्य, शैलेश कुमार तथा भागीरथ कौशिक सहित काफी संख्या में सभा के सदस्य मौजूद थे।
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