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साढ़े पांच साल के वेटरनरी कोर्स पर मुहर, देशभर में बढ़ाई गई सीटें
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
Updated Sun, 15 Nov 2015 02:23 AM IST
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लंबे समय बाद वेटरनरी काउंसिल ऑफ इंडिया ने पाठ्यक्रम से लेकर कई अन्य प्रक्रिया में बदलाव किया है।
पांच साल के सिलेबस को अपडेट कर साढ़े पांच साल का कर दिया गया है। वहीं, अभी तक जो इंटर्नशिप छह माह की होती थी, उसे भी अब एक साल का कर दिया गया है।
छात्र अब देेश के किसी भी संस्थान में इंटर्नशिप कर सकेंगे।
साथ ही देशभर के वेटरनरी कॉलेजों में सीटें भी बढ़ा दी गई हैं। यह बात शनिवार को वीसीआई (भारतीय पशु चिकित्सा परिषद) के चेयरमैन डॉ. उमेश चंद्र शर्मा ने यहां स्थित जिमखाना क्लब में पत्रकारवार्ता में कही।
क्लब में आयोजित एक सेमिनार में भाग लेने आए डॉ. शर्मा ने प्रेसवार्ता में कहा कि देशभर में 13 वेटरनरी यूनिवर्सिटी और 56 वेटरनरी कॉलेज हैं।
इसमें एक यूनिवर्सिटी और दो कॉलेज हरियाणा में हैं। किसानों व इंडस्ट्री की जरूरत के अनुसार परिषद ने पशु चिकित्सा से संबंधित कोर्साें के सिलेबस में बदलाव किया है।
यह बदलाव वर्ष 2016-17 से पूरे देश में लागू हो जाएगा। बैचलर ऑफ वेटरनरी साइंस एंड एनीमल हसबेंडरी (बीवीएससी एंड एएच) के सिलेबस को अपडेट कर दिया गया है।
अब इंटर्नशिप के समय स्टूडेंट्स को 15000 रुपये प्रतिमाह की राशि भी दी जाएगी। इसके अलावा परिषद पशु चिकित्सा से संबंधित न्यूनतम मापदंड भी निर्धारित करने जा रहा है, जिसके तहत पशु चिकित्सालय कैसे हों, उनमें क्या-क्या सुविधाएं हों और किस स्तर के चिकित्सक हों, इसे लेकर सख्त नियम बनाए जाएंगे।
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इस मौके पर पशुपालन विभाग के उपनिदेशक सूर्य खटकड़ भी मौजूद रहे।
7 कॉलेज खोलने की बजाय, बढ़ाई 400 सीटें
डॉ. शर्मा ने बताया कि देशभर के वेटरनरी कॉलेजों में इंफ्रास्ट्रक्चर के मुकाबले सीटें कम हैं। ऐसे में अधिकांश स्टूडेंट्स को एडमिशन नहीं मिल पाता था। अब सभी कॉलेजों में कुल मिलाकर 400 सीटें बढ़ाई गई हैं। सीटों का अनुपात देखें तो इतनी सीटों के लिए लगभग सात नए कॉलेज खोलने पड़ते। पुराने कॉलेजों में ही सीटें बढ़ने के बाद इसी सत्र से इसका फायदा मिलेगा।
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पांच साल के सिलेबस को अपडेट कर साढ़े पांच साल का कर दिया गया है। वहीं, अभी तक जो इंटर्नशिप छह माह की होती थी, उसे भी अब एक साल का कर दिया गया है।
छात्र अब देेश के किसी भी संस्थान में इंटर्नशिप कर सकेंगे।
साथ ही देशभर के वेटरनरी कॉलेजों में सीटें भी बढ़ा दी गई हैं। यह बात शनिवार को वीसीआई (भारतीय पशु चिकित्सा परिषद) के चेयरमैन डॉ. उमेश चंद्र शर्मा ने यहां स्थित जिमखाना क्लब में पत्रकारवार्ता में कही।
क्लब में आयोजित एक सेमिनार में भाग लेने आए डॉ. शर्मा ने प्रेसवार्ता में कहा कि देशभर में 13 वेटरनरी यूनिवर्सिटी और 56 वेटरनरी कॉलेज हैं।
इसमें एक यूनिवर्सिटी और दो कॉलेज हरियाणा में हैं। किसानों व इंडस्ट्री की जरूरत के अनुसार परिषद ने पशु चिकित्सा से संबंधित कोर्साें के सिलेबस में बदलाव किया है।
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यह बदलाव वर्ष 2016-17 से पूरे देश में लागू हो जाएगा। बैचलर ऑफ वेटरनरी साइंस एंड एनीमल हसबेंडरी (बीवीएससी एंड एएच) के सिलेबस को अपडेट कर दिया गया है।
अब इंटर्नशिप के समय स्टूडेंट्स को 15000 रुपये प्रतिमाह की राशि भी दी जाएगी। इसके अलावा परिषद पशु चिकित्सा से संबंधित न्यूनतम मापदंड भी निर्धारित करने जा रहा है, जिसके तहत पशु चिकित्सालय कैसे हों, उनमें क्या-क्या सुविधाएं हों और किस स्तर के चिकित्सक हों, इसे लेकर सख्त नियम बनाए जाएंगे।
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इस मौके पर पशुपालन विभाग के उपनिदेशक सूर्य खटकड़ भी मौजूद रहे।
7 कॉलेज खोलने की बजाय, बढ़ाई 400 सीटें
डॉ. शर्मा ने बताया कि देशभर के वेटरनरी कॉलेजों में इंफ्रास्ट्रक्चर के मुकाबले सीटें कम हैं। ऐसे में अधिकांश स्टूडेंट्स को एडमिशन नहीं मिल पाता था। अब सभी कॉलेजों में कुल मिलाकर 400 सीटें बढ़ाई गई हैं। सीटों का अनुपात देखें तो इतनी सीटों के लिए लगभग सात नए कॉलेज खोलने पड़ते। पुराने कॉलेजों में ही सीटें बढ़ने के बाद इसी सत्र से इसका फायदा मिलेगा।