फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Rohtak News ›   45 people donated blood in the camp

शिविर में 45 ने लोगों ने किया रक्तदान

Wed, 16 Jun 2021 01:15 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Wed, 16 Jun 2021 01:15 AM IST
विज्ञापन
45 people donated blood in the camp
अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से विश्व रक्तदाता दिवस पर रक्तदान शिविर आयोजित किया गया। गौड़ ब्राह्मण डिग्री कॉलेज परिसर में मंगलवार को आयोजित शिविर में 45 लोगों ने रक्तदान किया। कॉलेज की यूथ रेडक्रॉस की इकाई एक व दो और आपके साथ एक नई शुरुआत संस्था के सहयोग से लगाए शिविर में रक्तदान करने व शिविर में सहयोग करने का कार्य करने वाली 11 महिलाओं को सम्मानित किया गया। यहां पहली बार रक्तदान करने वाले युवा भी आए, जिनका हौसला बढ़ाया गया।
विज्ञापन

सिविल सर्जन डॉ. अनिल बिरला ने रक्तदाताओं को बैज लगाकर प्रोत्साहित करते हुए कहा कि रक्तदान महादान है। इसे दान करने वाला आपात स्थिति में जीवन से जूझ रहे किसी व्यक्ति का जीवन बचाता है। दान किए गए रक्त से डॉक्टर गंभीर मरीज या किसी प्रसूता का जीवन बचा सकते हैं। हमारा रक्त अनमोल है। इसका कोई विकल्प नहीं है। यह केवल हमारे रक्तदान से ही मिलना संभव है। इसलिए हमें रक्तदान करना चाहिए।
विज्ञापन

रेडक्रॉस के सचिव देवेंद्र चहल ने कहा कि रक्तदाता समाज का अहम हिस्सा हैं। आपात स्थिति में जब भी किसी को रक्त की जरूरत पड़ती है तो भले अपने रक्तदान से इनकार कर दें, मगर ये अनजान रक्तदाता उनके मददगार बनते हैं। वे अपना काम तक छोड़ कर किसी का जीवन बचाने के लिए रक्तदान करने पहुंचते हैं। रक्तदान में युवा शक्ति अहम है। युवा ही सबसे ऊर्जावान होते हैं। इसलिए इन्हें रक्तदान का बेहतर स्रोत कहना अनुचित नहीं होगा। युवाओं को रक्तदान के लिए प्रेरित व प्रोत्साहित करना होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

कॉलेज प्राचार्य डॉ. जयपाल शर्मा ने कहा कि हमें रक्तदान करना चाहिए। दान किया गया रक्त किसी का जीवन बचा सकता है। यह किस व्यक्ति के काम आएगा, इस बारे में रक्तदाता को भी जानकारी नहीं होती है। यह शुभ व सराहनीय कार्य कर मन को भी सुकून मिलता है। युवा रक्तदान मुहिम का केंद्र व उद्गम स्थल हैं। यही इस मुहिम को रफ्तार देने के साथ चिकित्सा केंद्रों में मरीजाें के लिए रक्त की कमी को भी दूर सकते हैं। युवाओं को रक्तदान के लिए आगे आने की जरूरत है। शिविर में पीजीआई ब्लड बैंक प्रभारी डॉ. गजेंद्र, महंत थानेश्वर दास, वाईआरसी काउंसलर डॉ. कपिल कौशिक, मनीषा कौशिक, डॉ. तरुण वत्स, डॉ. मंजू, वीरेंद्र मधुर, पुनीत शांडिल्य, अंकित चुलियाना, गुलशन निझावन समेत कॉलेज स्टाफ व अन्य लोग मौजूद रहे।
रक्तदान से जुड़ी महिलाओं का किया सम्मानित
महिला रक्तदाता एवं रक्तदान के क्षेत्र में सराहनीय कार्य करने वालों को शिविर में सम्मानित किया गया। मंगलवार के मंच पर 11 महिलाओं को सम्मानित किया गया। इनमें निर्मला, सविता, सरोज शर्मा, दर्शना, खुशी, डॉ. साक्षी, मीनाक्षी राठी, दिशा, नेहा शर्मा, सुदेश शर्मा, संतोष जैन शामिल हैं।
शिक्षक ने 30वीं बार किया रक्तदान
शिविर में ककराना निवासी शिक्षक रामबीर भी रक्तदान करने पहुंचे। इन्होंने 30वीं बार रक्तदान किया। उन्होंने रक्तदाताओं से रक्तदान मुहिम को आगे बढ़ाने व युवाओं को इस ओर आगे आने के लिए प्रेरित करने की अपील की।
घर में रक्तदान करने वाला दूसरा व्यक्ति हूं। इससे पहले बड़ा भाई पुनीत दो बार रक्तदान कर चुका है। उसी ने बताया कि रक्तदान के बाद किसी तरह का खतरा या नुकसान नहीं होता है। इसीलिए रक्तदान करने पहुंचा हूं। दान किया रक्त किसी का जीवन बचा सकता है।
- रोहित, नेहरू कॉलोनी
पहले कभी रक्तदान नहीं किया। शिविर में पहली बार रक्तदान करने आया हूं। मुझसे पहले परिवार में पिता नरेश कुमार ने रक्तदान किया है। रक्तदान के बारे में सुना है। इससे किसी तरह की कोई दिक्कत या परेशानी नहीं होती है। शरीर में किसी तरह की कमजोरी भी नहीं होती।
- प्रवेश कुमार, मसूदपुर।
कॉलेज में लगे रक्तदान शिविर में पहली बार रक्तदान का अवसर मिला। इसी के साथ रक्तदान करने वाला परिवार का पहला सदस्य बन गया हूं। दान किया गया रक्त किसी के काम आएगा। किसी का जीवन बचा सकूं, इसी सोच के साथ रक्तदान किया है।
-कर्मवीर, मसूदपुर।
दान वही चीज करनी चाहिए, जो हमारे पास हो और दूसरों के काम आ सके। रक्त इसका बेहतर विकल्प है। हमारे शरीर में पर्याप्त मात्रा में रक्त है तो हमें इसे दूसरों के लिए दान अवश्य करना चाहिए। इसी सोच के साथ पहली बार रक्तदान करने पहुंची हूं।
दर्शना, माड़ौदी।
वजन कम होने से 7 बार नहीं कर पाई रक्तदान, 8वीं बार में पहली बार रक्तदान कर बनी रक्तदाता
- हेड कांस्टेबल निर्मला रक्तदान शिविर की सूचना मिलने पर पहुंची गौड़ कॉलेज, किया रक्तदान
विकास सैनी
रोहतक। रक्तदान किसी जरूरतमंद का जीवन बचा सकता है। इसी सोच के साथ रक्तदान करने आई हूं। पहली बार रक्तदान कर अच्छा लगा। इससे पहले सात बार शिविर से बगैर रक्तदान किए ही लौटना पड़ा। यह कहना है गोकर्ण चौकी में तैनात हेड कांस्टेबल निर्मला का। वह मंगलवार को गौड़ ब्राह्मण डिग्री कॉलेज में अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से लगाए गए शिविर में रक्तदान करने पहुंची थी। यहां अमर उजाला से अपने पहली बार रक्तदान करने का अनुभव साझा किया।
शहर के सुखपुरा चौक इलाके में रहने वाली हेड कांस्टेबल निर्मला ने कहा कि मंगलवार को पहली बार रक्तदान करने का अवसर मिला। इससे पहले सात बार बैरंग लौटना पड़ा। हर बार डॉक्टर वजन निर्धारित मापदंड से कम बताकर रक्तदान से मना कर देते थे। पहले मेरा वजन 48 किलोग्राम था। जबकि रक्तदान के लिए 50 किलोग्राम वजन होना अनिवार्य है। वजन के अलावा पहले हीमोग्लोबिन भी कम था। अब यह मात्रा व वजन दोनों पर्याप्त हैं। मंगलवार को शिविर में वजन 67 किलोग्राम मिला। हीमोग्लोबिन की मात्रा भी पर्याप्त रही। इस कारण डॉक्टर ने रक्तदान के लिए चयनित किया।

हेड कांस्टेबल ने बताया कि शादी व दो बच्चों के जन्म के बाद रक्तदान का अवसर मिला। बेड़ा बेटा सात साल व छोटा बेटा चार साल का है। इनके जन्म के बाद ही मेरा वजन भी वजन भी बढ़ा। इसीलिए रक्तदान कर पाई। यही नहीं, हेड कांस्टेबल के पति हरदीप सिंह भी रक्तदाता हैं। वे अब तक छह बार रक्तदान कर चुके हैं। उन्हीं की प्रेरणा से दूसरों का जीवन बचाने के लिए रक्तदान करने पहुंची।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed