{"_id":"5cbb8f1dbdec2214380c4f36","slug":"41555795741-rohtak-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"अगर 40 की उम्र के पार शरीर में बने गांठ, मासिक धर्म की समस्या हो, वजन घटने लगे तो हो जाएं सावधान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अगर 40 की उम्र के पार शरीर में बने गांठ, मासिक धर्म की समस्या हो, वजन घटने लगे तो हो जाएं सावधान
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रोहतक। जाट कॉलेज के सीरिया देवी कन्या छात्रावास में दिन प्रतिदिन महिलाओं में बढ़ रहे कैंसर के खतरे के प्रति जागरूकता अभियान चलाया गया। इस दौरान एक निजी अस्पताल के महिला रोग विभाग की अध्यक्षा डॉ. सुनीता कुमारी मुख्य वक्ता के रूप में मौजूद रहीं। सेमीनार में उन्होंने बताया कि महिलाओं के शरीर में अगर 40 वर्ष के बाद गांठ बन जाए, मासिक धर्म की समस्या हो, वजन घटने लगे या भूख लगनी कम हो जाए तो ये कैंसर से संबंधित लक्षण हैं। इस तरह के लक्षण नजर आने पर समय पर डॉक्टर से परामर्श कर कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से बचा जा सकता है।
जागरूकता अभियान के दौरान डॉ. सुनीता ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान दौर में जानकारी के अभाव में महिलाओं में बच्चे दानी, ब्रेस्ट व सरवाईकल कैंसर जैसी बीमारियां भयानक रूप लेती जा रही हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं में कैंसर की बीमारी लगातार बढ़ रही है। जिनमें बच्चे दानी के मुंह का कैंसर, ब्रेस्ट कैंसर व सरवाईकल कैंसर के मामले सबसे ज्यादा आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर इन बीमारियों के लक्षण पहली स्टेज पर ही पता लग जाए तो इन बीमारियों का सफल इलाज किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि 9 से 12 वर्ष की लड़कियों को एचपीवी वैक्सिन कराकर भविष्य में इस प्रकार की होने वाली बीमारियों से बचाया जा सकता है। उन्होंने छात्राओं को स्तन कैंसर व विभिन्न प्रकार के कैंसर से बचने के उपाय भी बताए। उन्होंने बताया कि वर्ष 2018 में सरवाईकल कैंसर से 67 हजार के करीब मौतें हुई हैं। बच्चेदानी का कैंसर भी भारत में दूसरे स्थान पर है, जिससे महिलाओं की मृत्यु होती है। इसको देखते हुए हमें ज्यादा से ज्यादा जागरूक होने की आवश्यकता है। जिसके लिए हमें प्रोटीन युक्त भोजन लेना चाहिए। छात्रावास में मुख्य वक्ता का स्वागत हॉस्टल वार्डन डॉ. सरोज बाला, शकुंतला ढाका व छात्राओं ने किया।
विज्ञापन
जागरूकता अभियान के दौरान डॉ. सुनीता ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान दौर में जानकारी के अभाव में महिलाओं में बच्चे दानी, ब्रेस्ट व सरवाईकल कैंसर जैसी बीमारियां भयानक रूप लेती जा रही हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं में कैंसर की बीमारी लगातार बढ़ रही है। जिनमें बच्चे दानी के मुंह का कैंसर, ब्रेस्ट कैंसर व सरवाईकल कैंसर के मामले सबसे ज्यादा आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर इन बीमारियों के लक्षण पहली स्टेज पर ही पता लग जाए तो इन बीमारियों का सफल इलाज किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि 9 से 12 वर्ष की लड़कियों को एचपीवी वैक्सिन कराकर भविष्य में इस प्रकार की होने वाली बीमारियों से बचाया जा सकता है। उन्होंने छात्राओं को स्तन कैंसर व विभिन्न प्रकार के कैंसर से बचने के उपाय भी बताए। उन्होंने बताया कि वर्ष 2018 में सरवाईकल कैंसर से 67 हजार के करीब मौतें हुई हैं। बच्चेदानी का कैंसर भी भारत में दूसरे स्थान पर है, जिससे महिलाओं की मृत्यु होती है। इसको देखते हुए हमें ज्यादा से ज्यादा जागरूक होने की आवश्यकता है। जिसके लिए हमें प्रोटीन युक्त भोजन लेना चाहिए। छात्रावास में मुख्य वक्ता का स्वागत हॉस्टल वार्डन डॉ. सरोज बाला, शकुंतला ढाका व छात्राओं ने किया।
विज्ञापन