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बारिश से बालंद में 500 एकड़ धान की फसल डूबने का खतरा, पानी की निकासी के लिए बिजली कनेक्शन की जरूरत

Tue, 24 Jul 2018 02:36 AM IST
Updated Tue, 24 Jul 2018 02:36 AM IST
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बारिश से बालंद में 500 एकड़ धान की फसल डूबने का खतरा, पानी की निकासी के लिए बिजली कनेक्शन की जरूरत
फोटो :
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बारिश से बालंद में 500 एकड़ धान की फसल डूबने का खतरा, पानी की निकासी के लिए बिजली कनेक्शन की जरूरत
-गांव का जोहड ओवरफ्लो होने से नालियां फुल, घरों में जलभराव का खतरा बढ़ा
-स्कूल परिसर में भी जमा हुआ बरसाती पानी
-ग्रामीणों ने बिजली सप्लाई के लिए ट्रांसफार्मर लगाने की निगम अधिकारियों से की अपील
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। बारिश ने बालंद के करीब 500 एकड़ में धान की फसल लेने वाले किसानों की परेशानी बढ़ा दी है। बरसाती पानी की निकासी न होने से फसल डूबने का खतरा बन गया है। खेत ही नहीं, इनके साथ लगने वाले रिहायशी क्षेत्र में जोहड़ भी ओवरफ्लो हो गया है। जोहड़ का पानी आने से नालियों के रास्ते पानी घर तक पहुंच गया है। अब और बारिश आई तो यह पानी घरों में घुसेगा। ग्रामीणों ने पानी निकासी के लिए निगम से पंप सेट को बिजली सप्लाई देने की अपील की है। इस संबंध में सोमवार को गांव के कुछ ग्रामीणों ने नया ट्रांसफार्मर लगवाने के लिए बिजली निगम के एसडीओ से मुलाकात की। यहां से उन्हें शीघ्र ही समस्या के समाधान का आश्वासन मिला है।
बालंद गांव पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा के राजनीकि सलाहकार प्रो. वीरेंद्र सिंह का गांव है। पिछले दस वर्षों तक सत्ता के करीब रहने के बावजूद गांव की यह समस्या बरकरार है। इस ओर किसी का ध्यान नहीं गया। मौजूदा सरकार में भी इस समस्या को हल नहीं किया जा रहा है। जबकि ग्रामीण दो बार सीएम से, एक बार कृषि मंत्री, दो बार उपायुक्त व अन्य जगह न्याय की गुहार लगा चुके हैं।
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बारिश का सीजन शुरू हो गया है। पिछले दो तीन दिनों में अच्छी बारिश हुई है। इस कारण गांव का जोहड़ लबालब भर गया है। यहां से ओवरफ्लो हुआ पानी गलियों में भरने लगा है।
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-आनंद, ग्रामीण, बालंद

गांव में बारिश के बाद जोहड़ के साथ पुराने व नए स्कूल परिसर में पानी भर गया है। पानी इतना ज्यादा है कि यह सड़क तक पहुंच गया है।
-कपूर सिंह, ग्रामीण बालंद

खेतों में धान की रोपाई हो गई है। फसल को पानी भी दे दिया है। अब बारिश ने भी राहत दी है, मगर यह राहत और बरसी तो परेशानी बढ़ जाएगी। खेत निचाई में होने के कारण यहां पानी जमा हो गया है। बारिश के कारण फसल डूबने सरीखे हालात बन गए हैं। पानी और गिरा तो फसल बर्बाद हो जाएगी।
-बलवान सिंह, ग्रामीण बालंद

नीची जमीन पर खेत होने के कारण ये पानी से भर गए हैं। ज्यादा बरसाती आने पर उसे निकालने के लिए पंप है। इस पंप के लिए बिजली नहीं है। यहां ट्रांसफार्मर लगाया जाना है। इससे अतिरिक्त पानी को लिफ्ट करके जवाहर लाल नेहरू नहर में डाला जा सकता है। ऐसा नहीं होने पर गांव में बाढ़ के हालात बनने की स्थिति पैदा हो गई है।

-कप्तान सिंह, ग्रामीण बालंद

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पानी निकासी की गांव में पुरानी समस्या है। पंचायत इस बारे में सरकार से मांग कर चुकी है। सीएम, कृषि मंत्री व अन्य अधिकारियों को इस बारे में अवगत कराते हुए समाधान की अपील की गई है। बारिश और आई तो गांव के हालात बाढ़ सरीखे बन जाएंगे। फसल बर्बाद होने का भी डर बना हुआ है। ग्रामीणों ने ट्रांसफार्मर के लिए बिजली निगम एसडीओ से संपर्क किया है।
-बल्लू बालंद, सरपंच प्रतिनिधि बालंद
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