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Rohtak News: लोक अदालत में चार मुकदमों की सुनवाई कर 3 बंदियों को किया रिहा
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रोहतक। जिला एवं सत्र न्यायाधीश नीरजा कुलवंत कलसन के मार्गदर्शन में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव डॉ. तरन्नुम खान जेल लोक अदालत का आयोजन किया गया। लोक अदालत में 4 मुकदमों की सुनवाई की गई, जिसमें 3 बंदियों को रिहा किया गया। यह इस महीने की दूसरी जेल लोक अदालत थी।
डॉ. तरन्नुम खान ने बताया कि इस महीने की पहली जेल लोक अदालत 2 अप्रैल 2025 को लगाई गई, जिसमें भी 3 मुकदमों की सुनवाई की गई और तीन बंदियों को रिहा किया गया। मार्च में कुल 2 जेल लोक अदालतों का आयोजन किया गया, जिसमें 7 मुकदमों की सुनवाई हुई और 6 बंदियों को रिहा किया गया। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया की ओर से चलाए गए मिशन मोड अभियान के तहत जिला जेल रोहतक में बंद कैदियों को इसके बारे में अवगत कराया। उन्होंने बताया कि अगर कोई कैदी सुप्रीम कोर्ट में अपनी सजा के खिलाफ अपील करना चाहता है तो उसके लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रोहतक की ओर से गठित पांच लीगल एंड डिफेंस काउंसिल जिसमें एक महिला पैनल अधिवक्ता की टीम बनाई गई है। इससे मिलकर वह अपनी लिखित दरखास्त देकर व केस की पूरी जानकारी बता कर अपने केस की अपील सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया में दायर करवा सकते हैं।
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डॉ. तरन्नुम खान ने बताया कि इस महीने की पहली जेल लोक अदालत 2 अप्रैल 2025 को लगाई गई, जिसमें भी 3 मुकदमों की सुनवाई की गई और तीन बंदियों को रिहा किया गया। मार्च में कुल 2 जेल लोक अदालतों का आयोजन किया गया, जिसमें 7 मुकदमों की सुनवाई हुई और 6 बंदियों को रिहा किया गया। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया की ओर से चलाए गए मिशन मोड अभियान के तहत जिला जेल रोहतक में बंद कैदियों को इसके बारे में अवगत कराया। उन्होंने बताया कि अगर कोई कैदी सुप्रीम कोर्ट में अपनी सजा के खिलाफ अपील करना चाहता है तो उसके लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रोहतक की ओर से गठित पांच लीगल एंड डिफेंस काउंसिल जिसमें एक महिला पैनल अधिवक्ता की टीम बनाई गई है। इससे मिलकर वह अपनी लिखित दरखास्त देकर व केस की पूरी जानकारी बता कर अपने केस की अपील सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया में दायर करवा सकते हैं।
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