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पुलिस की हीलाहवाली के चलते 23 दिन बाद भी मोबाइल की रिपोर्ट नहीं
Updated Fri, 11 May 2018 02:40 AM IST
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शिकंजे में जासूस
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आईएसआई महिला एजेंट को सैन्य फोटो भेजने का मामला
23 दिन बाद भी नहीं मिली गौरव के टूटे मोबाइल की रिपोर्ट
- देश की सुरक्षा से जुड़ा मामला होने के बाद भी ढील बरत रही पुलिस और फोरेंसिक विभाग
- आईएसआई एजेंट के संपर्क में रहने वाले आरोपी के मोबाइल को गुरुग्राम भेजा गया था जांच को
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
देश की सुरक्षा से जुड़ा मामला होने के बाद भी पुलिस पाकिस्तानी जासूस के मामले में ढिलाई बरत रही है। 23 दिन पहले भेजे गए गौरव के मोबाइल की डिटेल गुरुग्राम लैब अभी तक नहीं भेज सकी है। आईएसआई की महिला एजेंट को सूचनाएं भेजे जाने के आरोप में जब पुलिस ने आरोपी गौरव को पकड़ा था तो उसने जमीन पर पटक कर अपना मोबाइल तोड़ दिया था। तब पुलिस ने उसका डेटा निकलवाने को गुरुग्राम की लैब में भेजा था। तब से 23 दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस हर बार पूछने पर जल्द रिपोर्ट आने की बात कहती है।
जिला पुलिस और केंद्रीय खुफिया एजेंसी की टीम ने 15 अप्रैल को डबल पार्क से आईएसआई एजेंट के संपर्क में रहने वाले सोनीपत निवासी गौरव को गिरफ्तार किया था। पुलिस की पूछताछ में सामने आया था कि आरोपी गौरव आईएसआई की महिला को सेना से जुड़ी जानकारियां भेज रहा था। पुलिस जब आरोपी को पकड़ने पहुंची थी तो उसने मोबाइल को जमीन पर पटककर तोड़ दिया था। इसके बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था। तोड़े गए मोबाइल को जांच के लिए गुरुग्राम लैब भेजा गया था। लेकिन 23 दिन बीतने के बाद भी रिपोर्ट नहीं भेजी गई है। देश की सुरक्षा से मामला होने के बावजूद पुलिस व गुरुग्राम लैब के अधिकारी क्यों लापरवाही बरत रहे हैं?
मोबाइल को जांच के लिए गुरुग्राम लैब भेजा गया है। जल्द ही रिपोर्ट आ जाएगी। इसके बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
-श्री भगवान, एसएचओ, सिविल लाइन थाना
तत्काल उपलब्ध करानी चाहिए थी रिपोर्ट
रिटायर्ड निरीक्षक उम्मेद सिंह कहते हैं कि आईएसआई एजेंट वाला मामला देश की सुरक्षा से जुड़ा हुआ है। मोबाइल की रिपोर्ट के लिए पुलिस को लैब में अधिकारी को भेजना चाहिए था। ताकि पाकिस्तान के एसआईएस एजेंट तक जल्द से जल्द पहुंचा जा सके। पुलिस को इस मामले में लापरवाही कतई नहीं करनी चाहिए।
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आईएसआई महिला एजेंट को सैन्य फोटो भेजने का मामला
23 दिन बाद भी नहीं मिली गौरव के टूटे मोबाइल की रिपोर्ट
- देश की सुरक्षा से जुड़ा मामला होने के बाद भी ढील बरत रही पुलिस और फोरेंसिक विभाग
- आईएसआई एजेंट के संपर्क में रहने वाले आरोपी के मोबाइल को गुरुग्राम भेजा गया था जांच को
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
देश की सुरक्षा से जुड़ा मामला होने के बाद भी पुलिस पाकिस्तानी जासूस के मामले में ढिलाई बरत रही है। 23 दिन पहले भेजे गए गौरव के मोबाइल की डिटेल गुरुग्राम लैब अभी तक नहीं भेज सकी है। आईएसआई की महिला एजेंट को सूचनाएं भेजे जाने के आरोप में जब पुलिस ने आरोपी गौरव को पकड़ा था तो उसने जमीन पर पटक कर अपना मोबाइल तोड़ दिया था। तब पुलिस ने उसका डेटा निकलवाने को गुरुग्राम की लैब में भेजा था। तब से 23 दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस हर बार पूछने पर जल्द रिपोर्ट आने की बात कहती है।
जिला पुलिस और केंद्रीय खुफिया एजेंसी की टीम ने 15 अप्रैल को डबल पार्क से आईएसआई एजेंट के संपर्क में रहने वाले सोनीपत निवासी गौरव को गिरफ्तार किया था। पुलिस की पूछताछ में सामने आया था कि आरोपी गौरव आईएसआई की महिला को सेना से जुड़ी जानकारियां भेज रहा था। पुलिस जब आरोपी को पकड़ने पहुंची थी तो उसने मोबाइल को जमीन पर पटककर तोड़ दिया था। इसके बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था। तोड़े गए मोबाइल को जांच के लिए गुरुग्राम लैब भेजा गया था। लेकिन 23 दिन बीतने के बाद भी रिपोर्ट नहीं भेजी गई है। देश की सुरक्षा से मामला होने के बावजूद पुलिस व गुरुग्राम लैब के अधिकारी क्यों लापरवाही बरत रहे हैं?
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मोबाइल को जांच के लिए गुरुग्राम लैब भेजा गया है। जल्द ही रिपोर्ट आ जाएगी। इसके बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
-श्री भगवान, एसएचओ, सिविल लाइन थाना
तत्काल उपलब्ध करानी चाहिए थी रिपोर्ट
रिटायर्ड निरीक्षक उम्मेद सिंह कहते हैं कि आईएसआई एजेंट वाला मामला देश की सुरक्षा से जुड़ा हुआ है। मोबाइल की रिपोर्ट के लिए पुलिस को लैब में अधिकारी को भेजना चाहिए था। ताकि पाकिस्तान के एसआईएस एजेंट तक जल्द से जल्द पहुंचा जा सके। पुलिस को इस मामले में लापरवाही कतई नहीं करनी चाहिए।
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