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सरकारी नौकरी पर लगे ओपीजेएस विश्वविद्यालय से डिग्री धारक 60 युवा
Updated Tue, 10 Apr 2018 03:04 AM IST
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सरकारी नौकरी पर लगे ओपीजेएस विश्वविद्यालय से डिग्री धारक 60 युवा
भिवानी :
चूरु ओपीजेएस विश्वविद्यालय में फर्जी डिग्री का खेल कई सालों से चल रहा है। मोटी कमाई के खेल में यहां नियमों को ताक पर रख सैकड़ों डिग्रियां बांट दी गई। यूनिवर्सिटी से डिग्री लेकर राजस्थान की रीट भर्ती 2016 में अंग्रेजी एकल विषय में शिक्षक के रूप में कई युवा चयनित हो गए। जांच में सामने आया है कि राजस्थान के साथ ही हरियाणा के भी 30-35 युवाओं ने इसी यूनिवर्सिटी से विभिन्न कोर्सों की डिग्री हासिल कर सरकारी नौकरी हासिल की हुई है। हरियाणा पुलिस की एसआईटी ने डीएसपी संजय बिश्नोई के नेतृत्व में सोमवार को यूनिवर्सिटी में फिर से छापे मारी कर वहां से काफी रिकार्ड अपने कब्जे में लिया। पुलिस ने इस मामले से जुड़े हुए मुख्य आरोपियों की खोजबीन के लिए राजस्थान व रोहतक में अनेक स्थानों पर छापे मारी की।
पुलिस के मुताबिक राजस्थान के चूरू में चलाई जा रही ओपीजेएस यूनिवर्सिटी से एकल विषय में जो डिग्रियां जारी की गई हैं वे सभी 70 प्रतिशत से ऊपर अंक की हैं। प्रदेश के कई जिलों में युवा ओपीजेएस की डिग्री से शिक्षक बने हैं। हरियाणा के भी दर्जनों युवा यहां से एकल विषयों की डिग्री हासिल कर सरकारी महकमों में नौकरी लग गए। भिवानी एसआईटी टीम द्वारा की गई जांच में सामने आया है कि हरियाणा के रोहतक, भिवानी, कुरुक्षेत्र, हिसार के करीब 30 युवा ऐसे हैं, जिनके द्वारा इस यूनिवर्सिटी से डिग्री हासिल कर सरकारी नौकरी हासिल की गई। राजस्थान की बात करें तो वहां के 29 युवाओं ने वर्ष 2016 में आयोजित हुई राजस्थान शिक्षक संघ की परीक्षा में इसी विश्वविद्यालय से एकल विषयों में डिग्री हासिल कर शिक्षक बने।
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यूनिवर्सिटी पहुंची एसआईटी
सोमवार सुबह एसआईटी टीम इंचार्ज डीएसपी संजय बिश्नोई, इंस्पेक्टर श्रीभगवान, इंस्पेक्टर सुखवीर व सीआईए इंस्पेक्टर रवींद्र की पांच सदस्यीय टीम ने यूनिवर्सिटी में छापे मारे। उन्होंने छापों के दौरान फर्जी डिग्री, डिग्रियों का रिकार्ड अपने कब्जे में लिया। पुलिस टीम ने वहां के रिकार्ड रूम को करीब दो घंटे तक खंगाला।
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धरपकड़ के लिए रोहतक, कुरुक्षेत्र व दिल्ली में भी मारे छापे
विश्वविद्यालय की ओर से दिल्ली, रोहतक, कुरुक्षेत्र में विश्वविद्यालय के कार्यालय खोले गए हैं जहां पर भी प्रवेश दिए जाते हैं। पुलिस टीम ने इस गोरखधंधे से जुड़े कई मुख्य आरोपियों की धरपकड़ के लिए रोहतक में भी छापे मारी की, लेकिन पुलिस को मुख्य आरोपी हाथ नहीं लग पाए।। बताया जा रहा है कि पुलिस पर इस मामले को दबाने के लिए पहुंचे हुए लोगों द्वारा दबाव भी बनाया जा रहा है।
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राजस्थान के 29 युवा फर्जी डिग्री हासिल कर बने शिक्षक
राजस्थान शिक्षा विभाग के शाला दर्शन पर अपलोड रीट भर्ती 2016 अंग्रेजी विषय में कई डिग्रियां ओपीजेएस विश्वविद्यालय की लगाई गई हैं। इसमें अजमेर में दो, अलवर में एक, भरतपुर में दो, भीलवाड़ा में दो, चूरू में एक, जालौर में चार, जोधपुर में दो, नागौर में 11, सीकर में एक, टोंक में तीन व उदयपुर में एक अभ्यर्थी का चयन किया गया है।
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विधायक ने खुलासे के लिए एलएलएम की डिग्री के लिए लिया था प्रवेश
बताया जाता है जाता है कि राजगढ़ के विधायक मनोज न्यांगली ने जांच के तौर पर यूनिवर्सिटी में एलएलएम में प्रवेश लिया था, लेकिन वहां की व्यवस्था देखा तो कई खामियां दिखीं। इसके बाद लगातार विधानसभा में मामला उठाया। शिक्षा मंत्री ने कमेटी गठित करने का आश्वासन दिया, लेकिन सरकार ने जांच के लिए एक कदम भी नहीं बढ़ाया।
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वर्शन....
पुलिस ने सोमवार को चूरू में यूनिवर्सिटी में छापे मारी कर रिकार्ड को खंगाला। वहां से काफी अहम दस्तावेज पुलिस ने कब्जे में लिये है। जिन डिग्रियों पर राजस्थान व हरियाणा में सरकारी नौकरी हासिल की हुई थी। इसके साथ ही रोहतक, कुरुक्षेत्र व दिल्ली कार्यालय पर भी अलग-अलग टीम बना कर छापे मारी की गई। जांच में सामने आया है कि 30 से 35 युवा हरियाणा के ऐसे हैं, जिन्होंने से यहां से डिग्री लेकर सरकारी नौकरी हासिल की, जिसकी जांच की जा रही है।
श्रीभगवान, वरिष्ठ सदस्य, एसआईटी
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भिवानी :
चूरु ओपीजेएस विश्वविद्यालय में फर्जी डिग्री का खेल कई सालों से चल रहा है। मोटी कमाई के खेल में यहां नियमों को ताक पर रख सैकड़ों डिग्रियां बांट दी गई। यूनिवर्सिटी से डिग्री लेकर राजस्थान की रीट भर्ती 2016 में अंग्रेजी एकल विषय में शिक्षक के रूप में कई युवा चयनित हो गए। जांच में सामने आया है कि राजस्थान के साथ ही हरियाणा के भी 30-35 युवाओं ने इसी यूनिवर्सिटी से विभिन्न कोर्सों की डिग्री हासिल कर सरकारी नौकरी हासिल की हुई है। हरियाणा पुलिस की एसआईटी ने डीएसपी संजय बिश्नोई के नेतृत्व में सोमवार को यूनिवर्सिटी में फिर से छापे मारी कर वहां से काफी रिकार्ड अपने कब्जे में लिया। पुलिस ने इस मामले से जुड़े हुए मुख्य आरोपियों की खोजबीन के लिए राजस्थान व रोहतक में अनेक स्थानों पर छापे मारी की।
पुलिस के मुताबिक राजस्थान के चूरू में चलाई जा रही ओपीजेएस यूनिवर्सिटी से एकल विषय में जो डिग्रियां जारी की गई हैं वे सभी 70 प्रतिशत से ऊपर अंक की हैं। प्रदेश के कई जिलों में युवा ओपीजेएस की डिग्री से शिक्षक बने हैं। हरियाणा के भी दर्जनों युवा यहां से एकल विषयों की डिग्री हासिल कर सरकारी महकमों में नौकरी लग गए। भिवानी एसआईटी टीम द्वारा की गई जांच में सामने आया है कि हरियाणा के रोहतक, भिवानी, कुरुक्षेत्र, हिसार के करीब 30 युवा ऐसे हैं, जिनके द्वारा इस यूनिवर्सिटी से डिग्री हासिल कर सरकारी नौकरी हासिल की गई। राजस्थान की बात करें तो वहां के 29 युवाओं ने वर्ष 2016 में आयोजित हुई राजस्थान शिक्षक संघ की परीक्षा में इसी विश्वविद्यालय से एकल विषयों में डिग्री हासिल कर शिक्षक बने।
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यूनिवर्सिटी पहुंची एसआईटी
सोमवार सुबह एसआईटी टीम इंचार्ज डीएसपी संजय बिश्नोई, इंस्पेक्टर श्रीभगवान, इंस्पेक्टर सुखवीर व सीआईए इंस्पेक्टर रवींद्र की पांच सदस्यीय टीम ने यूनिवर्सिटी में छापे मारे। उन्होंने छापों के दौरान फर्जी डिग्री, डिग्रियों का रिकार्ड अपने कब्जे में लिया। पुलिस टीम ने वहां के रिकार्ड रूम को करीब दो घंटे तक खंगाला।
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धरपकड़ के लिए रोहतक, कुरुक्षेत्र व दिल्ली में भी मारे छापे
विश्वविद्यालय की ओर से दिल्ली, रोहतक, कुरुक्षेत्र में विश्वविद्यालय के कार्यालय खोले गए हैं जहां पर भी प्रवेश दिए जाते हैं। पुलिस टीम ने इस गोरखधंधे से जुड़े कई मुख्य आरोपियों की धरपकड़ के लिए रोहतक में भी छापे मारी की, लेकिन पुलिस को मुख्य आरोपी हाथ नहीं लग पाए।। बताया जा रहा है कि पुलिस पर इस मामले को दबाने के लिए पहुंचे हुए लोगों द्वारा दबाव भी बनाया जा रहा है।
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राजस्थान के 29 युवा फर्जी डिग्री हासिल कर बने शिक्षक
राजस्थान शिक्षा विभाग के शाला दर्शन पर अपलोड रीट भर्ती 2016 अंग्रेजी विषय में कई डिग्रियां ओपीजेएस विश्वविद्यालय की लगाई गई हैं। इसमें अजमेर में दो, अलवर में एक, भरतपुर में दो, भीलवाड़ा में दो, चूरू में एक, जालौर में चार, जोधपुर में दो, नागौर में 11, सीकर में एक, टोंक में तीन व उदयपुर में एक अभ्यर्थी का चयन किया गया है।
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विधायक ने खुलासे के लिए एलएलएम की डिग्री के लिए लिया था प्रवेश
बताया जाता है जाता है कि राजगढ़ के विधायक मनोज न्यांगली ने जांच के तौर पर यूनिवर्सिटी में एलएलएम में प्रवेश लिया था, लेकिन वहां की व्यवस्था देखा तो कई खामियां दिखीं। इसके बाद लगातार विधानसभा में मामला उठाया। शिक्षा मंत्री ने कमेटी गठित करने का आश्वासन दिया, लेकिन सरकार ने जांच के लिए एक कदम भी नहीं बढ़ाया।
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वर्शन....
पुलिस ने सोमवार को चूरू में यूनिवर्सिटी में छापे मारी कर रिकार्ड को खंगाला। वहां से काफी अहम दस्तावेज पुलिस ने कब्जे में लिये है। जिन डिग्रियों पर राजस्थान व हरियाणा में सरकारी नौकरी हासिल की हुई थी। इसके साथ ही रोहतक, कुरुक्षेत्र व दिल्ली कार्यालय पर भी अलग-अलग टीम बना कर छापे मारी की गई। जांच में सामने आया है कि 30 से 35 युवा हरियाणा के ऐसे हैं, जिन्होंने से यहां से डिग्री लेकर सरकारी नौकरी हासिल की, जिसकी जांच की जा रही है।
श्रीभगवान, वरिष्ठ सदस्य, एसआईटी