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बाघेश्वर धाम डकैती : 22 दिन बाद भी पुलिस के हाथ खाली
Updated Sat, 03 Feb 2018 01:44 AM IST
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बाघेश्वर धाम डकैती : 22 दिन बाद भी पुलिस के हाथ खाली
महेंद्रगढ़। बाघेश्वर धाम में हुई डकैती की घटना के 22 दिन बीतने के बाद भी पुलिस को कोई सुराग नहीं मिल पाया है। पुलिस तकनीक, मुखबिरी तथा संपर्क के आधार पर आरोपियों को पकड़ने का प्रयास कर रही है। इतना ही नहीं आरोपियों को पकड़ने के लिए प्रलोभन भी दिया जा रहा है। पुलिस ने अभी तक हरियाणा तथा हरियाणा सीमा से लगते राजस्थान के गांवों में तलाशी करने के बाद भी डाकुओं को कोई सुराग नहीं लगा पाई।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार इस घटना के पीछे बावरिया गैंग का हाथ हो सकता है। पुलिस ने पलवल, ईटाला, सिंघाना (झुंझुनू), नीमराणा (अलवर), कोसली, साहलावास, छुछकवास, पालावास, मामड़िया, दोसोद (अलवर), पीपली (अलवर), अलवर आदि क्षेत्र में आरोपियों की तलाश कर चुके हैं। पुलिस ने बताया कि आरोपियों को पकड़ने के लिए तीन टीमें गठित की हुई हैं। इसके अलावा साइबर सेल की दो टीमें गठित की हुई हैं। जो पूरे दिन इन आरोपियों की तलाश में जुटी रहती है।
भगवान महाबीर मंदिर से अष्टधातु मूर्ति चोरी करने वाले आरोपी भी नहीं हुए गिरफ्तार
आपको बता दें कि पांच नवंबर को नारनौल में महावीर दिगंबर जैन मंदिर में भगवान पारसनाथ, चंद्र प्रभु, शांति नाथ, सिद्धार्थ नाथ सहित छह मूर्तियां अष्ट धातु की मूर्तियां स्थापित की हुई थी। पांच नवंबर की रात को चोरों ने मंदिर से छह प्रतिमाएं, 2 चांदी के छत्र, भगवान महाबीर का महामंडल, दो सुरक्षा चक्र तथा दान पत्र में रखे सवा लाख रुपये नकद चोरी कर ले गए। इस चोरी की घटना में भी पुलिस को कोई सुराग नहीं लगा पाई है और न ही किसी चोर को गिरफ्तार किया है।
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बाघेश्वर धाम डकैती की घटना में अभी तक कोई सुराग नहीं लगा है। टीमें आरोपियों की तलाश में लगी हुुई है। पुलिस ने आरोपियों की सूचना देने वाले व्यक्ति को 5 लाख रुपये ईनाम देने की भी घोषणा की है।
कमलदीप गोयल, पुलिस अधीक्षक
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महेंद्रगढ़। बाघेश्वर धाम में हुई डकैती की घटना के 22 दिन बीतने के बाद भी पुलिस को कोई सुराग नहीं मिल पाया है। पुलिस तकनीक, मुखबिरी तथा संपर्क के आधार पर आरोपियों को पकड़ने का प्रयास कर रही है। इतना ही नहीं आरोपियों को पकड़ने के लिए प्रलोभन भी दिया जा रहा है। पुलिस ने अभी तक हरियाणा तथा हरियाणा सीमा से लगते राजस्थान के गांवों में तलाशी करने के बाद भी डाकुओं को कोई सुराग नहीं लगा पाई।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार इस घटना के पीछे बावरिया गैंग का हाथ हो सकता है। पुलिस ने पलवल, ईटाला, सिंघाना (झुंझुनू), नीमराणा (अलवर), कोसली, साहलावास, छुछकवास, पालावास, मामड़िया, दोसोद (अलवर), पीपली (अलवर), अलवर आदि क्षेत्र में आरोपियों की तलाश कर चुके हैं। पुलिस ने बताया कि आरोपियों को पकड़ने के लिए तीन टीमें गठित की हुई हैं। इसके अलावा साइबर सेल की दो टीमें गठित की हुई हैं। जो पूरे दिन इन आरोपियों की तलाश में जुटी रहती है।
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भगवान महाबीर मंदिर से अष्टधातु मूर्ति चोरी करने वाले आरोपी भी नहीं हुए गिरफ्तार
आपको बता दें कि पांच नवंबर को नारनौल में महावीर दिगंबर जैन मंदिर में भगवान पारसनाथ, चंद्र प्रभु, शांति नाथ, सिद्धार्थ नाथ सहित छह मूर्तियां अष्ट धातु की मूर्तियां स्थापित की हुई थी। पांच नवंबर की रात को चोरों ने मंदिर से छह प्रतिमाएं, 2 चांदी के छत्र, भगवान महाबीर का महामंडल, दो सुरक्षा चक्र तथा दान पत्र में रखे सवा लाख रुपये नकद चोरी कर ले गए। इस चोरी की घटना में भी पुलिस को कोई सुराग नहीं लगा पाई है और न ही किसी चोर को गिरफ्तार किया है।
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बाघेश्वर धाम डकैती की घटना में अभी तक कोई सुराग नहीं लगा है। टीमें आरोपियों की तलाश में लगी हुुई है। पुलिस ने आरोपियों की सूचना देने वाले व्यक्ति को 5 लाख रुपये ईनाम देने की भी घोषणा की है।
कमलदीप गोयल, पुलिस अधीक्षक