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पीजीआई से बच्चा चुराने वाली कोर्ट में पेश
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रोहतक। पीजीआई से चोरी होने के बाद से अपनी मां की गोद में वापस आने तक करीब नौ घंटे बच्ची भूख से बिलखती रही। नवजात बच्ची को चुराने वाली महिला ने दूध की एक बूंद तक नहीं दी। उसे देर रात मां की गोद में आकर ही राहत मिली। इससे पहले आरोपी महिला उसे गोद में लिए घूमती रही। उसमें उसके नाम के अनुरूप न ममता नजर आई न दया की महक। यह खुलासा पुलिस की जांच में हुआ है। पुलिस ने उसे अदालत में पेश कर पांच दिन के रिमांड पर लिया है। इससे पूछताछ की जा रही है। हालांकि महक उर्फ ममता बार-बार अपने बयान बदल कर पुलिस का सिर दर्द बनी हुई है।
पुलिस ने आरोपी महिला को शुक्रवार अदालत में पेश किया। यहां से उसे रिमांड पर भेज दिया। इस दौरान वह एक बयान पर नहीं टिक रही है। यह महिला खुद दो महीने पहले गर्भवती थी। इसने अपनी डिलीवरी में बेटा होने की बात कही है। बेटा कहां है, इसे लेकर भ्रम की स्थिति बनी हुई है। इसकी वजह महिला का कभी बच्चे के मरने तो कभी बहन को देने की बात कहना है। यही नहीं अपनी डिलीवरी को लेकर भी यह पुलिस को गुमराह कर रही है। कभी यह कहती है डिलीवरी रोहतक में हुई तो कभी कहती है सोनीपत में। कभी डिलीवरी अस्पताल में होने तो कभी घर में होने की बात कह कर परेशानी बढ़ा रही है। पुलिस ने उसके बयानों के आधार पर पड़ताल भी की, मगर फिलहाल उसकी डिलीवरी या बच्चे का कोई सुराग या पुष्टि नहीं हुई है।
बच्चा चोर गिरोह से हो सकता है संपर्क
पुलिस बच्चा चोरी के इस मामले को पूरी गंभीरता से ले रही है। यही वजह है कि इस केस की जांच के लिए एसआईटी गठित की गई है। पुलिस को शक है कि महिला का संपर्क बच्चा चोर गिरोह से हो सकता है। यही नहीं पहले चोरी हुए बच्चे के तार भी इससे जुड़े हो सकते हैं। ऐसे में पुलिस ने एक बार फिर नए सिरे से पुराने केस को खंगालना शुरू कर दिया है।
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ममता ने की दूसरी शादी
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी महिला महक उर्फ ममता ने दूसरी शादी की है। यह महिला करीब तीन-चार साल पहले पीजीआईएमएस में नौकरी करती थी। इसने 31 दिसंबर को एक बच्चे को जन्म दिया था। इस बच्चे के बारे में फिलहाल कोई जानकारी नहीं मिली है।
यह है मामला
गोतम नगर गोहाना निवासी सूरज की पत्नी मनीषा गर्भवती अवस्था में 17 फरवरी को पीजीआईएमएस के वार्ड नंबर-दो में भर्ती हुई थी। मनीषा ने 20 फरवरी को एक लड़की को जन्म दिया। वार्ड में 21 फरवरी की दोपहर करीब सवार बारह बजे बच्ची चोरी हो गई। मनीषा अपनी ननद रिंकल के साथ संस्थान की दूसरी मंजिल पर आधार कार्ड बनवाकर लौटी थी। इस दौरान आरोपी महिला ने रिकंल से बच्ची उसे देने व अपनी भाभी को संभालने की बात कहते हुए उससे नवजात बच्ची ले ली। बाद में परिवार ने बच्ची को तलाशा तो वह नहीं मिली। इसके बाद कैंपस में बच्चा चोरी की सूचना व्हाट्सएप ग्रुप के जरिये फैल गई। बाद में पुलिस ने तत्परता व सजगता दिखाते हुए महज सवा चार घंटे में बरामद कर लिया। बच्चा चोर महिला को सीसीटीवी से मिली फुटेज के आधार पर तलाशते हुए पुलिस ने केस हल किया।
डीएसपी मोहम्मद जमाल के नेतृत्व में पुलिस टीम गठित कर बच्चा चोरी केस की जांच शुरू की गई। पुलिस ने सोशल साइट व लोगों की मदद से महज सवा चार घंटे में आरोपी महिला को नवजात बच्ची समेत बरामद कर लिया। इससे पूछताछ की जा रही है। इसे अदालत ने पांच दिन के रिमांड पर दिया है। यह महिला बार-बार अपने बयान बदल रही है।
जशनदीप सिंह रंधावा, पुलिस अधीक्षक।
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पुलिस ने आरोपी महिला को शुक्रवार अदालत में पेश किया। यहां से उसे रिमांड पर भेज दिया। इस दौरान वह एक बयान पर नहीं टिक रही है। यह महिला खुद दो महीने पहले गर्भवती थी। इसने अपनी डिलीवरी में बेटा होने की बात कही है। बेटा कहां है, इसे लेकर भ्रम की स्थिति बनी हुई है। इसकी वजह महिला का कभी बच्चे के मरने तो कभी बहन को देने की बात कहना है। यही नहीं अपनी डिलीवरी को लेकर भी यह पुलिस को गुमराह कर रही है। कभी यह कहती है डिलीवरी रोहतक में हुई तो कभी कहती है सोनीपत में। कभी डिलीवरी अस्पताल में होने तो कभी घर में होने की बात कह कर परेशानी बढ़ा रही है। पुलिस ने उसके बयानों के आधार पर पड़ताल भी की, मगर फिलहाल उसकी डिलीवरी या बच्चे का कोई सुराग या पुष्टि नहीं हुई है।
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बच्चा चोर गिरोह से हो सकता है संपर्क
पुलिस बच्चा चोरी के इस मामले को पूरी गंभीरता से ले रही है। यही वजह है कि इस केस की जांच के लिए एसआईटी गठित की गई है। पुलिस को शक है कि महिला का संपर्क बच्चा चोर गिरोह से हो सकता है। यही नहीं पहले चोरी हुए बच्चे के तार भी इससे जुड़े हो सकते हैं। ऐसे में पुलिस ने एक बार फिर नए सिरे से पुराने केस को खंगालना शुरू कर दिया है।
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ममता ने की दूसरी शादी
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी महिला महक उर्फ ममता ने दूसरी शादी की है। यह महिला करीब तीन-चार साल पहले पीजीआईएमएस में नौकरी करती थी। इसने 31 दिसंबर को एक बच्चे को जन्म दिया था। इस बच्चे के बारे में फिलहाल कोई जानकारी नहीं मिली है।
यह है मामला
गोतम नगर गोहाना निवासी सूरज की पत्नी मनीषा गर्भवती अवस्था में 17 फरवरी को पीजीआईएमएस के वार्ड नंबर-दो में भर्ती हुई थी। मनीषा ने 20 फरवरी को एक लड़की को जन्म दिया। वार्ड में 21 फरवरी की दोपहर करीब सवार बारह बजे बच्ची चोरी हो गई। मनीषा अपनी ननद रिंकल के साथ संस्थान की दूसरी मंजिल पर आधार कार्ड बनवाकर लौटी थी। इस दौरान आरोपी महिला ने रिकंल से बच्ची उसे देने व अपनी भाभी को संभालने की बात कहते हुए उससे नवजात बच्ची ले ली। बाद में परिवार ने बच्ची को तलाशा तो वह नहीं मिली। इसके बाद कैंपस में बच्चा चोरी की सूचना व्हाट्सएप ग्रुप के जरिये फैल गई। बाद में पुलिस ने तत्परता व सजगता दिखाते हुए महज सवा चार घंटे में बरामद कर लिया। बच्चा चोर महिला को सीसीटीवी से मिली फुटेज के आधार पर तलाशते हुए पुलिस ने केस हल किया।
डीएसपी मोहम्मद जमाल के नेतृत्व में पुलिस टीम गठित कर बच्चा चोरी केस की जांच शुरू की गई। पुलिस ने सोशल साइट व लोगों की मदद से महज सवा चार घंटे में आरोपी महिला को नवजात बच्ची समेत बरामद कर लिया। इससे पूछताछ की जा रही है। इसे अदालत ने पांच दिन के रिमांड पर दिया है। यह महिला बार-बार अपने बयान बदल रही है।
जशनदीप सिंह रंधावा, पुलिस अधीक्षक।