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म्हारा रोहतक टॉप 100 में, प्रदेश में दूसरे स्थान पर, मिला 89वां रेंक
Updated Sun, 24 Jun 2018 02:40 AM IST
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फ्लैग : केंद्रीय स्वच्छता सर्वेक्षण 2018 का परिणाम जारी
हेडिंग : म्हारा रोहतक टॉप 100 में, प्रदेश में दूसरे स्थान पर, मिली 89वीं रैंक
: सर्विस लेन प्रोग्रेस में खा गया रोहतक करनाल से मात, डायरेक्ट निरीक्षण व सिटीजन फीडबैक में प्रदेश के अंदर से टॉप
: पिछले साल 500 सिटी में से रोहतक को मिला था 297वां स्थान
: अबकी बार और लाख से ज्यादा जनसंख्या वाली 4 हजार 41 सिटी में हुआ था सर्वेक्षण
: शहर में सफाई व्यवस्था पर हर माह निगम खर्च कर रहा करोड़ों रुपये
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। केंद्रीय स्वच्छता सर्वेक्षण 2018 में म्हारा रोहतक टॉप 100 में आ गया है। नगर निगम को एक लाख से ज्यादा की जनसंख्या वाली 4 हजार 41 सिटी में से 89वीं रैंक मिली है, जबकि पिछले साल 500 नगर निगम में से 295वां स्थान मिला था। प्रदेश के अंदर रोहतक करनाल के बाद दूसरे स्थान पर है। करनाल को 41वां स्थान मिला है। हालांकि डायरेक्ट निरीक्षण व सिटीजन फीडबैक में रोहतक के करनाल से ज्यादा नंबर हैं, लेकिन सर्विस लेन प्रोग्रेस में अंकों का अंतर 401 है।
जनवरी व फरवरी माह में केंद्रीय स्वच्छता सर्वेक्षण अभियान के तहत शहर में एक सप्ताह तक सर्वेक्षण किया गया। सर्वेक्षण टीम ने तीन श्रेणी में प्रक्रिया को बांट कर जांच पड़ताल की। इसके बाद परिणाम आया है। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि अगर सर्विस लेन प्रोग्रेस में मात नहीं खाते को प्रदेश के अंदर रोहतक टॉप स्थान पर रहता। बता दें कि पिछले साल रोहतक का संतोषजनक स्थान नहीं रहा था। इसके चलते निगम ने इस साल सफाई पर न केवल करोड़ों रुपये खर्च किए, बल्कि लाखों रुपये खर्च कर 15 आधुनिक शौचालयों का निर्माण करवाया। खुले में शौच मुक्त अभियान के तहत अधिकारी सुबह-सुबह फील्ड में निकले। साथ ही सॉलिड वेस्ट ट्रीटमेंट प्लांट को चालू करवाया, जो पिछले साल बंद था। इसके चलते इस बार रोहतक को अच्छी रैंकिंग मिली है।
कहां मिले कितने नंबर
रोहतक
श्रेणी अंक
सर्विस लेन प्रोग्रेस 295/1400
डायरेक्ट ऑबजर्वेशन 1101/1200
सिटीजन फीडबैक 1217/1400
करनाल
श्रेणी अंक
सर्विस लेन प्रोग्रेस 696/1400
डायरेक्ट ऑबजर्वेशन 1060/1200
सिटीजन फीडबैक 1201/1400
सर्विस लेन प्रोग्रेस में मात खा गया निगम
नगर निगम रोहतक ने सर्वेक्षण परिणाम के अंदर डायरेक्टर ऑब्जर्वेशन में करनाल से 41 और सिटीजन फीडबैक में 16 अंक ज्यादा है, लेकिन सर्विस लेन प्रोग्रेस में 401 अंक कम हैं। यहीं कारण है कि करनाल को कुल अंक 2957 तो रोहतक को 2613 अंक मिले हैं। इस कारण करनाल जहां 41वें स्थान पर है, जबकि रोहतक निगम का 89वीं रैंक आयी है।
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टॉप 50 में आते, अगर यूजर चार्ज पहले वसूलते
सफाई को लेकर काफी मेहनत की थी। टीम वर्क के चलते टॉप 100 में आने तो तय था, लेकिन उम्मीद टॉप 50 में आने की थी, लेकिन सर्विस लेन प्रोग्रेस श्रेणी में कम अंक मिले। क्योंकि डोर टू डोर कचरा कलेक्शन का अभी सही ढंग से निस्तारण व्यवस्था नहीं बन सकी है। साथ ही यूजर चार्ज अब लागू किया गया है। फिर भी उनके कार्यकाल की यह सबसे बड़ी उपलब्धि है। जल्द ही रोहतक निगम की तरफ से पार्षदों को शानदार विदाई दी जाएगी।
- प्रदीप कुमार डागर, पूर्व निगम आयुक्त रोहतक।
पब्लिक के सहयोग से किया मुकाम हासिल
शहर के लोग भी अब सफाई को लेकर काफी जागरूक हो गए हैं। यहीं कारण है कि सिटीजन फीड बैक व डायरेक्टर ऑबजर्वेशन में प्रदेश में सबसे ज्यादा अंक मिले हैं। उनके कार्यकाल की भी यह अच्छी उपलब्धि रही।
- रेनू डाबला, मेयर नगर निगम
नार्थ जोन में सांपला को 20वां, कलानौर को 59 तो महम को मिला 279वां स्थान
राष्ट्रीय स्वच्छता सर्वेक्षण अभियान के तहत 1 लाख से कम जनसंख्या वाले शहरों में भी निरीक्षण किया गया। नार्थ जोन के अंदर सांपला को 20वां, कलानौर को 59वां तो महम को 279वां स्थान मिला है।
स्वच्छता सर्वेक्षण को लेकर बयान
यह लोगों के सामूहिक प्रयास से संभव हो सका है। डोर टू डोर कचरा कलेक्शन की योजना कारगर रही है। पीएम मोदी के सपने को साकार करने के लिए रोहतक शहर की जनता ने लंबी छलांग लगाई है। सफाई व्यवस्था को बनाए रखने के लिए बजट की कमी नहीं आने दी जाएगी।
मनीष ग्रोवर, सहकारिता मंत्री
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फ्लैग : केंद्रीय स्वच्छता सर्वेक्षण 2018 का परिणाम जारी
हेडिंग : म्हारा रोहतक टॉप 100 में, प्रदेश में दूसरे स्थान पर, मिली 89वीं रैंक
: सर्विस लेन प्रोग्रेस में खा गया रोहतक करनाल से मात, डायरेक्ट निरीक्षण व सिटीजन फीडबैक में प्रदेश के अंदर से टॉप
: पिछले साल 500 सिटी में से रोहतक को मिला था 297वां स्थान
: अबकी बार और लाख से ज्यादा जनसंख्या वाली 4 हजार 41 सिटी में हुआ था सर्वेक्षण
: शहर में सफाई व्यवस्था पर हर माह निगम खर्च कर रहा करोड़ों रुपये
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। केंद्रीय स्वच्छता सर्वेक्षण 2018 में म्हारा रोहतक टॉप 100 में आ गया है। नगर निगम को एक लाख से ज्यादा की जनसंख्या वाली 4 हजार 41 सिटी में से 89वीं रैंक मिली है, जबकि पिछले साल 500 नगर निगम में से 295वां स्थान मिला था। प्रदेश के अंदर रोहतक करनाल के बाद दूसरे स्थान पर है। करनाल को 41वां स्थान मिला है। हालांकि डायरेक्ट निरीक्षण व सिटीजन फीडबैक में रोहतक के करनाल से ज्यादा नंबर हैं, लेकिन सर्विस लेन प्रोग्रेस में अंकों का अंतर 401 है।
जनवरी व फरवरी माह में केंद्रीय स्वच्छता सर्वेक्षण अभियान के तहत शहर में एक सप्ताह तक सर्वेक्षण किया गया। सर्वेक्षण टीम ने तीन श्रेणी में प्रक्रिया को बांट कर जांच पड़ताल की। इसके बाद परिणाम आया है। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि अगर सर्विस लेन प्रोग्रेस में मात नहीं खाते को प्रदेश के अंदर रोहतक टॉप स्थान पर रहता। बता दें कि पिछले साल रोहतक का संतोषजनक स्थान नहीं रहा था। इसके चलते निगम ने इस साल सफाई पर न केवल करोड़ों रुपये खर्च किए, बल्कि लाखों रुपये खर्च कर 15 आधुनिक शौचालयों का निर्माण करवाया। खुले में शौच मुक्त अभियान के तहत अधिकारी सुबह-सुबह फील्ड में निकले। साथ ही सॉलिड वेस्ट ट्रीटमेंट प्लांट को चालू करवाया, जो पिछले साल बंद था। इसके चलते इस बार रोहतक को अच्छी रैंकिंग मिली है।
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कहां मिले कितने नंबर
रोहतक
श्रेणी अंक
सर्विस लेन प्रोग्रेस 295/1400
डायरेक्ट ऑबजर्वेशन 1101/1200
सिटीजन फीडबैक 1217/1400
करनाल
श्रेणी अंक
सर्विस लेन प्रोग्रेस 696/1400
डायरेक्ट ऑबजर्वेशन 1060/1200
सिटीजन फीडबैक 1201/1400
सर्विस लेन प्रोग्रेस में मात खा गया निगम
नगर निगम रोहतक ने सर्वेक्षण परिणाम के अंदर डायरेक्टर ऑब्जर्वेशन में करनाल से 41 और सिटीजन फीडबैक में 16 अंक ज्यादा है, लेकिन सर्विस लेन प्रोग्रेस में 401 अंक कम हैं। यहीं कारण है कि करनाल को कुल अंक 2957 तो रोहतक को 2613 अंक मिले हैं। इस कारण करनाल जहां 41वें स्थान पर है, जबकि रोहतक निगम का 89वीं रैंक आयी है।
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टॉप 50 में आते, अगर यूजर चार्ज पहले वसूलते
सफाई को लेकर काफी मेहनत की थी। टीम वर्क के चलते टॉप 100 में आने तो तय था, लेकिन उम्मीद टॉप 50 में आने की थी, लेकिन सर्विस लेन प्रोग्रेस श्रेणी में कम अंक मिले। क्योंकि डोर टू डोर कचरा कलेक्शन का अभी सही ढंग से निस्तारण व्यवस्था नहीं बन सकी है। साथ ही यूजर चार्ज अब लागू किया गया है। फिर भी उनके कार्यकाल की यह सबसे बड़ी उपलब्धि है। जल्द ही रोहतक निगम की तरफ से पार्षदों को शानदार विदाई दी जाएगी।
- प्रदीप कुमार डागर, पूर्व निगम आयुक्त रोहतक।
पब्लिक के सहयोग से किया मुकाम हासिल
शहर के लोग भी अब सफाई को लेकर काफी जागरूक हो गए हैं। यहीं कारण है कि सिटीजन फीड बैक व डायरेक्टर ऑबजर्वेशन में प्रदेश में सबसे ज्यादा अंक मिले हैं। उनके कार्यकाल की भी यह अच्छी उपलब्धि रही।
- रेनू डाबला, मेयर नगर निगम
नार्थ जोन में सांपला को 20वां, कलानौर को 59 तो महम को मिला 279वां स्थान
राष्ट्रीय स्वच्छता सर्वेक्षण अभियान के तहत 1 लाख से कम जनसंख्या वाले शहरों में भी निरीक्षण किया गया। नार्थ जोन के अंदर सांपला को 20वां, कलानौर को 59वां तो महम को 279वां स्थान मिला है।
स्वच्छता सर्वेक्षण को लेकर बयान
यह लोगों के सामूहिक प्रयास से संभव हो सका है। डोर टू डोर कचरा कलेक्शन की योजना कारगर रही है। पीएम मोदी के सपने को साकार करने के लिए रोहतक शहर की जनता ने लंबी छलांग लगाई है। सफाई व्यवस्था को बनाए रखने के लिए बजट की कमी नहीं आने दी जाएगी।
मनीष ग्रोवर, सहकारिता मंत्री