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Rohtak News: श्रीमद्भागवत के महत्व से श्रद्धालुओं को अवगत कराया
Mon, 31 Aug 2026 09:02 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Mon, 31 Aug 2026 09:02 PM IST
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48-झंग कॉलोनी में कथा व्यास पंकज मानस शास्त्री का स्वागत करते श्रद्धालु। स्रोत श्रद्धालु
संवाद न्यूज एजेंसी
रोहतक। झंग कॉलोनी स्थित उमेश्वर महादेव मंदिर में श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन सोमवार को काफी संख्या में श्रद्धालु कथा श्रवण करने पहुंचे। कथा व्यास पंकज मानस शास्त्री ने श्रद्धालुओं को श्रीमद्भागवत के महत्व से अवगत कराया। श्रद्धालुओं ने उन्हें सम्मानित भी किया।
उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा केवल धार्मिक आयोजन नहीं है बल्कि यह मानव जीवन को सत्य, प्रेम, सेवा, संस्कार और भक्ति के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देने वाला दिव्य ज्ञान का महासागर है। उन्होंने संदेश दिया कि मनुष्य को जीवन में अहंकार, लोभ और मोह का त्याग कर प्रभु भक्ति एवं मानव सेवा के मार्ग को अपनाना चाहिए।
कथा के दूसरे दिन ज्ञान, भक्ति, भजन, उत्साह, उमंग और आध्यात्मिक आनंद का संगम देखने को मिला। कथा स्थल पर शाम को श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया और पूरा पंडाल श्रद्धालुओं से भर गया। कथा के दौरान प्रस्तुत मधुर भजनों ने श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया। इस अवसर पर सतपाल अरोड़ा, पार्षद कंचन खुराना, पूर्व पार्षद अशोक खुराना, जतिन बतरा सहित अनेक श्रद्धालुओं ने कथा श्रवण किया।
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रोहतक। झंग कॉलोनी स्थित उमेश्वर महादेव मंदिर में श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन सोमवार को काफी संख्या में श्रद्धालु कथा श्रवण करने पहुंचे। कथा व्यास पंकज मानस शास्त्री ने श्रद्धालुओं को श्रीमद्भागवत के महत्व से अवगत कराया। श्रद्धालुओं ने उन्हें सम्मानित भी किया।
उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा केवल धार्मिक आयोजन नहीं है बल्कि यह मानव जीवन को सत्य, प्रेम, सेवा, संस्कार और भक्ति के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देने वाला दिव्य ज्ञान का महासागर है। उन्होंने संदेश दिया कि मनुष्य को जीवन में अहंकार, लोभ और मोह का त्याग कर प्रभु भक्ति एवं मानव सेवा के मार्ग को अपनाना चाहिए।
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कथा के दूसरे दिन ज्ञान, भक्ति, भजन, उत्साह, उमंग और आध्यात्मिक आनंद का संगम देखने को मिला। कथा स्थल पर शाम को श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया और पूरा पंडाल श्रद्धालुओं से भर गया। कथा के दौरान प्रस्तुत मधुर भजनों ने श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया। इस अवसर पर सतपाल अरोड़ा, पार्षद कंचन खुराना, पूर्व पार्षद अशोक खुराना, जतिन बतरा सहित अनेक श्रद्धालुओं ने कथा श्रवण किया।
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