{"_id":"6a9599b7d3cf3176eb0fcb96","slug":"prof-as-mann-retires-after-four-decades-of-academic-research-and-administrative-service-rohtak-news-c-17-ali1038-912955-2026-08-31","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rohtak News: चार दशक की शैक्षणिक, शोध और प्रशासनिक सेवा के बाद प्रो. एएस मान सेवानिवृत्त","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rohtak News: चार दशक की शैक्षणिक, शोध और प्रशासनिक सेवा के बाद प्रो. एएस मान सेवानिवृत्त
Mon, 31 Aug 2026 08:41 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Mon, 31 Aug 2026 08:41 PM IST
विज्ञापन
28-प्रो. एएस मान
संवाद न्यूज एजेंसी
रोहतक। महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय के वरिष्ठ प्रोफेसर एवं डीन शैक्षणिक मामले प्रो. एएस मान सोमवार को करीब चार दशक की शैक्षणिक, शोध एवं प्रशासनिक सेवाओं के बाद सेवानिवृत्त हो गए। एमडीयू के पूर्व छात्र रहे प्रो. मान ने वर्ष 1990 में अमॉर्फस सेमीकंडक्टर्स के क्षेत्र में पीएचडी की।
उन्होंने वर्ष एमडीयू में 1987 में लेक्चरर के रूप में अपने शिक्षण कॅरिअर की शुरुआत की और लंबे सेवाकाल के दौरान वरिष्ठ प्रोफेसर के पद तक पहुंचे। एक्सपेरिमेंटल कंडेंस्ड मैटर फिजिक्स एवं मैटीरियल्स साइंस के क्षेत्र में उनके शोध कार्य को विशेष पहचान मिली।
प्रो. मान के 100 से अधिक शोध-पत्र देश-विदेश की प्रतिष्ठित शोध पत्रिकाओं में प्रकाशित हुए हैं। उन्होंने डीएसटी और एनएससी से वित्तपोषित शोध परियोजनाओं पर कार्य किया। डीएसटी-फिस्ट और यूजीसी-एसएपी कार्यक्रमों के समन्वयक के रूप में भी उन्होंने महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाई। प्रो. मान भौतिकी विभाग के अध्यक्ष, भौतिक विज्ञान संकाय के डीन, डीन कॉलेज डेवलपमेंट काउंसिल और निदेशक शोध के पद पर रहे।
विज्ञापन
करीब चार दशक के सेवाकाल में प्रो. मान ने एक शिक्षक, शोधकर्ता, मार्गदर्शक और कुशल शैक्षणिक प्रशासक के रूप में अलग पहचान बनाई। उनके मार्गदर्शन में शोधार्थियों ने शोध के क्षेत्र में आगे बढ़ते हुए विश्वविद्यालय का नाम रोशन किया।
विज्ञापन
रोहतक। महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय के वरिष्ठ प्रोफेसर एवं डीन शैक्षणिक मामले प्रो. एएस मान सोमवार को करीब चार दशक की शैक्षणिक, शोध एवं प्रशासनिक सेवाओं के बाद सेवानिवृत्त हो गए। एमडीयू के पूर्व छात्र रहे प्रो. मान ने वर्ष 1990 में अमॉर्फस सेमीकंडक्टर्स के क्षेत्र में पीएचडी की।
उन्होंने वर्ष एमडीयू में 1987 में लेक्चरर के रूप में अपने शिक्षण कॅरिअर की शुरुआत की और लंबे सेवाकाल के दौरान वरिष्ठ प्रोफेसर के पद तक पहुंचे। एक्सपेरिमेंटल कंडेंस्ड मैटर फिजिक्स एवं मैटीरियल्स साइंस के क्षेत्र में उनके शोध कार्य को विशेष पहचान मिली।
विज्ञापन
प्रो. मान के 100 से अधिक शोध-पत्र देश-विदेश की प्रतिष्ठित शोध पत्रिकाओं में प्रकाशित हुए हैं। उन्होंने डीएसटी और एनएससी से वित्तपोषित शोध परियोजनाओं पर कार्य किया। डीएसटी-फिस्ट और यूजीसी-एसएपी कार्यक्रमों के समन्वयक के रूप में भी उन्होंने महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाई। प्रो. मान भौतिकी विभाग के अध्यक्ष, भौतिक विज्ञान संकाय के डीन, डीन कॉलेज डेवलपमेंट काउंसिल और निदेशक शोध के पद पर रहे।
विज्ञापन
करीब चार दशक के सेवाकाल में प्रो. मान ने एक शिक्षक, शोधकर्ता, मार्गदर्शक और कुशल शैक्षणिक प्रशासक के रूप में अलग पहचान बनाई। उनके मार्गदर्शन में शोधार्थियों ने शोध के क्षेत्र में आगे बढ़ते हुए विश्वविद्यालय का नाम रोशन किया।