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एडमिशन रद्द होने वाले छात्र ने की न्याय की मांग
Updated Fri, 01 Sep 2017 02:16 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। एमडीयू के होटल मैनेजमेंट में मंत्री के कहने पर छात्र का एडमिशन रद्द करने का मामला तूल पकड़ रहा है। छात्र ने वीरवार को कुलपति से मिलकर न्याय की मांग की। छात्र का कहना है कि यदि उसे न्याय नहीं मिला तो वह दो दिन बाद आत्मदाह कर लेगा।
खिड़वाली का निवासी छात्र धर्मेंद्र दोपहर के समय कुलपति प्रो. बिजेंद्र कुमार पूनिया के कार्यालय पर पहुंचा। छात्र का कहना है कि उसका एडमिशन एक मंत्री के कहने पर रद्द किया गया है। सभी नियम पूरे होने के बावजूद एडमिशन रद्द कर दिया गया, जो शिक्षा के अधिकार का हनन है। छात्र ने एडमिशन को बहाल किए जाने की मांग की है। उधर, कुलपति ने आश्वासन दिया कि किसी के कहने पर न एडमिशन होता है और न ही रद्द किया जाता है। इस मामले को लेकर कमेटी पर जांच बैठाई गई है। नियमानुसार ही काम किया जाएगा। छात्र का कहना है कि उसका मानसिक उत्पीड़न हो रहा है। न्याय नहीं मिला तो वह आत्मदाह कर लेगा। गौरतलब है कि छात्र ने न्याय की मांग को लेकर कोर्ट में भी याचिका दायर की है।
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रोहतक। एमडीयू के होटल मैनेजमेंट में मंत्री के कहने पर छात्र का एडमिशन रद्द करने का मामला तूल पकड़ रहा है। छात्र ने वीरवार को कुलपति से मिलकर न्याय की मांग की। छात्र का कहना है कि यदि उसे न्याय नहीं मिला तो वह दो दिन बाद आत्मदाह कर लेगा।
खिड़वाली का निवासी छात्र धर्मेंद्र दोपहर के समय कुलपति प्रो. बिजेंद्र कुमार पूनिया के कार्यालय पर पहुंचा। छात्र का कहना है कि उसका एडमिशन एक मंत्री के कहने पर रद्द किया गया है। सभी नियम पूरे होने के बावजूद एडमिशन रद्द कर दिया गया, जो शिक्षा के अधिकार का हनन है। छात्र ने एडमिशन को बहाल किए जाने की मांग की है। उधर, कुलपति ने आश्वासन दिया कि किसी के कहने पर न एडमिशन होता है और न ही रद्द किया जाता है। इस मामले को लेकर कमेटी पर जांच बैठाई गई है। नियमानुसार ही काम किया जाएगा। छात्र का कहना है कि उसका मानसिक उत्पीड़न हो रहा है। न्याय नहीं मिला तो वह आत्मदाह कर लेगा। गौरतलब है कि छात्र ने न्याय की मांग को लेकर कोर्ट में भी याचिका दायर की है।
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