{"_id":"598780104f1c1b812a8b4767","slug":"201502052368-rohtak-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"अतिक्रमण बिगाड़ रहा शहर का नक्शा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अतिक्रमण बिगाड़ रहा शहर का नक्शा
Updated Mon, 07 Aug 2017 02:16 AM IST
विज्ञापन
अतिक्रमण बिगाड़ रहा शहर का नक्शा
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
शहर की सड़कों और गलियों में हो रहे अतिक्रमण ने आमजन और निगम के अधिकारियों को परेशान करके रखा है। इसे निजात दिलाने के लिए सरकार और प्रशासन के दावे भी फेल हो रहे हैं। वहीं निगम की हाउस बैठक में भी अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ कार्रवाई का प्रस्ताव पास हुआ था। इसके बाद शहर के सौंदर्यीकरण पर अतिक्रमण नजर लगा रहा है। कमल कॉलोनी, मॉडल टाउन, डीएलएफ कॉलोनी, मानसरोवर कॉलोनी, ग्रीन रोड आदि पॉश कॉलोनियों में अतिक्रमण से सबसे ज्यादा प्रभावित हैं।
शहर के मध्यम वर्गीय कॉलोनियों की बात करें तो यहां की स्थिति सबसे अधिक दयनीय है। गांधी कैंप, जवाहर नगर, श्रीनगर कॉलोनी, दुर्गा कॉलोनी, आर्य नगर, लक्ष्मी नगर, विकास नगर, झंग कॉलोनी, सुभाष नगर और आउटर एरिया में अतिक्रमण की भरमार है।
नहीं खुलता जाम, घुटता रहता है दम
शहर की गलियों के साथ सड़कों पर भी अतिक्रमण हावी है। रेलवे रोड, किला रोड, सिविल रोड, कैंप बाजार, मॉडल टाउन, मेडिकल मोड, शीला बाईपास, गोहाना अड्डा, सुखपुरा चौक, नया बस स्टैंड, पुराना बस स्टैंड पर अतिक्रमण की भरमार है। सड़क का आधा हिस्सा इसके चलते बाधित रहता है।
विज्ञापन
गांधी कैंप में कब्जे की सियासत
शहर के सबसे तंग और बडे़ बाजार के रूप में पहचान रखने वाले गांधी कैंप में अतिक्रमण का सबसे बड़ा कारण राजनीति है। यहां कुछ पार्टियों के समर्थकों ने कब्जा कर रखा है। निगम के पास आने वाली शिकायतों के बावजूद अधिकारी यहां कार्रवाई करने से पीछे हट जाते हैं। कई बार निगम के अतिक्रमण दस्ते के साथ दुकानदारों की तीखी नोंकझोंक देखी गई है।
बोले अधिकारी
नगर निगम अतिक्रमण हटाने के लिए अभियान चलाता रहता है। अधिकारी किसी दबाव में काम नहीं करते। निगम स्वयं और शिकायत के आधार पर समय-समय पर कार्रवाई करता रहता है।
- प्रदीप कुमार, निगमायुक्त
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
शहर की सड़कों और गलियों में हो रहे अतिक्रमण ने आमजन और निगम के अधिकारियों को परेशान करके रखा है। इसे निजात दिलाने के लिए सरकार और प्रशासन के दावे भी फेल हो रहे हैं। वहीं निगम की हाउस बैठक में भी अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ कार्रवाई का प्रस्ताव पास हुआ था। इसके बाद शहर के सौंदर्यीकरण पर अतिक्रमण नजर लगा रहा है। कमल कॉलोनी, मॉडल टाउन, डीएलएफ कॉलोनी, मानसरोवर कॉलोनी, ग्रीन रोड आदि पॉश कॉलोनियों में अतिक्रमण से सबसे ज्यादा प्रभावित हैं।
शहर के मध्यम वर्गीय कॉलोनियों की बात करें तो यहां की स्थिति सबसे अधिक दयनीय है। गांधी कैंप, जवाहर नगर, श्रीनगर कॉलोनी, दुर्गा कॉलोनी, आर्य नगर, लक्ष्मी नगर, विकास नगर, झंग कॉलोनी, सुभाष नगर और आउटर एरिया में अतिक्रमण की भरमार है।
विज्ञापन
नहीं खुलता जाम, घुटता रहता है दम
शहर की गलियों के साथ सड़कों पर भी अतिक्रमण हावी है। रेलवे रोड, किला रोड, सिविल रोड, कैंप बाजार, मॉडल टाउन, मेडिकल मोड, शीला बाईपास, गोहाना अड्डा, सुखपुरा चौक, नया बस स्टैंड, पुराना बस स्टैंड पर अतिक्रमण की भरमार है। सड़क का आधा हिस्सा इसके चलते बाधित रहता है।
विज्ञापन
गांधी कैंप में कब्जे की सियासत
शहर के सबसे तंग और बडे़ बाजार के रूप में पहचान रखने वाले गांधी कैंप में अतिक्रमण का सबसे बड़ा कारण राजनीति है। यहां कुछ पार्टियों के समर्थकों ने कब्जा कर रखा है। निगम के पास आने वाली शिकायतों के बावजूद अधिकारी यहां कार्रवाई करने से पीछे हट जाते हैं। कई बार निगम के अतिक्रमण दस्ते के साथ दुकानदारों की तीखी नोंकझोंक देखी गई है।
बोले अधिकारी
नगर निगम अतिक्रमण हटाने के लिए अभियान चलाता रहता है। अधिकारी किसी दबाव में काम नहीं करते। निगम स्वयं और शिकायत के आधार पर समय-समय पर कार्रवाई करता रहता है।
- प्रदीप कुमार, निगमायुक्त