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जर्जर हॉस्टल में रहने को मजबूर भावी डॉक्टर
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पीजीआई : जर्जर हॉस्टल की छत का प्लास्टर गिरा, हादसा टला
गनीमत रही ब्लॉक-ए के कमरे में नहीं था कोई स्टूडेंट
फोटो सहित एसएनजे 11 ए और 11 बी
पीजीआईएमएस के हास्टल में छत का गिरा प्लास्टर।
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। पीजीआईएमएस भावी डॉक्टरों के जीवन को लेकर कितना संजीदा है, इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि आए दिन जर्जर हास्टल में कोई न कोई समस्या होती रहती है। इसका समाधान करने की बजाय प्रशासन आंखें बंद कर बैठा रहता है।
छात्र अभिषेक ने बताया कि उसके ब्वायज हॉस्टल ब्लाक-ए में कमरे की छत का वीरवार को प्लास्टर झड़ गया। गनीमत रही कि वह उस समय कमरे में नहीं था। वह जब अपने कमरे में आया तो कमरे का हाल देख कर 15 मिनट वह डर गया कि यदि वह कमरे में होता तो उसे कितनी चोट आती। जिस तरह छत का प्लास्टर बिस्तर पर गिरा है उसे चोट लगने के साथ उसकी जान पर भी बन आती। गौरतलब है कि कुछ दिन पहले हास्टल के एक कमरे से छत का पंखा भी हुक निकलने की वजह से गिर गया था। बताया जा रहा है कि संस्थान के खेल मैदान में जब तेज आवाज में म्यूजिक चल रहा था तो कमरों में कंपन होती थी। कुछ के प्लास्टर झडे़ तो कुछ के शीशे टूट गए।
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गनीमत रही ब्लॉक-ए के कमरे में नहीं था कोई स्टूडेंट
फोटो सहित एसएनजे 11 ए और 11 बी
पीजीआईएमएस के हास्टल में छत का गिरा प्लास्टर।
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। पीजीआईएमएस भावी डॉक्टरों के जीवन को लेकर कितना संजीदा है, इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि आए दिन जर्जर हास्टल में कोई न कोई समस्या होती रहती है। इसका समाधान करने की बजाय प्रशासन आंखें बंद कर बैठा रहता है।
छात्र अभिषेक ने बताया कि उसके ब्वायज हॉस्टल ब्लाक-ए में कमरे की छत का वीरवार को प्लास्टर झड़ गया। गनीमत रही कि वह उस समय कमरे में नहीं था। वह जब अपने कमरे में आया तो कमरे का हाल देख कर 15 मिनट वह डर गया कि यदि वह कमरे में होता तो उसे कितनी चोट आती। जिस तरह छत का प्लास्टर बिस्तर पर गिरा है उसे चोट लगने के साथ उसकी जान पर भी बन आती। गौरतलब है कि कुछ दिन पहले हास्टल के एक कमरे से छत का पंखा भी हुक निकलने की वजह से गिर गया था। बताया जा रहा है कि संस्थान के खेल मैदान में जब तेज आवाज में म्यूजिक चल रहा था तो कमरों में कंपन होती थी। कुछ के प्लास्टर झडे़ तो कुछ के शीशे टूट गए।
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