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चांद के दीदार के साथ तरावीह शुरू, पहला रोजा आज
Updated Fri, 18 May 2018 02:56 AM IST
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चांद के दीदार के साथ तरावीह शुरू, पहला रोजा आज
- उलेमाओं ने की रमजान में कुरान की तिलावत करने की अपील
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
चांद के दीदार के साथ ही तरावीह की नमाज शुरू हो गई। मुस्लिमों ने पहला रोजा रखा। मस्जिदों में उलेमाओं ने अकीदतमंदों से पूरे माह रमजान रखने की अपील की।
बुधवार की शाम चांद का दीदार करने के लिए शहर के खोखरा कोट समेत विभिन्न स्थानों पर मुस्लिम समुदाय के लोग अपने मकानों की छतों पर चढ़ गए थे। चांद दिखाई देने के बाद जैसे ही रमजान शुरू होने का एलान किया गया। अकीदतमंदों ने शीशे वाली व लाल मस्जिद में तरावीह की नमाज अदा की। रमजान की घोषणा के बाद लोगों ने बाजारों में पहुंचकर सामान की भी खरीददारी की। बाजारों में खरीददारी करने के लिए लोगों की भीड़ लगी रही। तरावीह की नमाज के दौरान उलेमाओं ने अकीदतमंदों से पांचों वक्त की नमाज पढ़ने तथा कुरान-ए-पाक की तिलावत करने की अपील की। शुक्रवार अलसुबह सहरी करने के बाद अकीदतमंदों ने रोजा रखा।
तीन अशरों में बांटा गया है रमजान
रोहतक की चमेली मार्केट स्थित शीशे वाली मस्जिद के मौलाना अब्दुस सलाम ने बताया कि अल्लाहताआला ने
रमजान माह को तीन अशरों में बांटा है। पहला अशरा रहमत, दूसरा मगफिरत व तीसरा जहन्नुम की आग से आजादी का होता है। एक अशरा दस दिन का होता है।
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- उलेमाओं ने की रमजान में कुरान की तिलावत करने की अपील
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
चांद के दीदार के साथ ही तरावीह की नमाज शुरू हो गई। मुस्लिमों ने पहला रोजा रखा। मस्जिदों में उलेमाओं ने अकीदतमंदों से पूरे माह रमजान रखने की अपील की।
बुधवार की शाम चांद का दीदार करने के लिए शहर के खोखरा कोट समेत विभिन्न स्थानों पर मुस्लिम समुदाय के लोग अपने मकानों की छतों पर चढ़ गए थे। चांद दिखाई देने के बाद जैसे ही रमजान शुरू होने का एलान किया गया। अकीदतमंदों ने शीशे वाली व लाल मस्जिद में तरावीह की नमाज अदा की। रमजान की घोषणा के बाद लोगों ने बाजारों में पहुंचकर सामान की भी खरीददारी की। बाजारों में खरीददारी करने के लिए लोगों की भीड़ लगी रही। तरावीह की नमाज के दौरान उलेमाओं ने अकीदतमंदों से पांचों वक्त की नमाज पढ़ने तथा कुरान-ए-पाक की तिलावत करने की अपील की। शुक्रवार अलसुबह सहरी करने के बाद अकीदतमंदों ने रोजा रखा।
तीन अशरों में बांटा गया है रमजान
रोहतक की चमेली मार्केट स्थित शीशे वाली मस्जिद के मौलाना अब्दुस सलाम ने बताया कि अल्लाहताआला ने
रमजान माह को तीन अशरों में बांटा है। पहला अशरा रहमत, दूसरा मगफिरत व तीसरा जहन्नुम की आग से आजादी का होता है। एक अशरा दस दिन का होता है।