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प्रेम का धागा भाई तक पहुंचाने में मददगार होगा वॉटरप्रूफ लिफाफा
Updated Thu, 27 Jul 2017 02:18 AM IST
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प्रेम का धागा भाई तक पहुंचाने में मददगार होगा वॉटरप्रूफ लिफाफा
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। भाई-बहन के अनूठे प्रेम को दर्शाते रक्षाबंधन के त्योहार का अपना अलग ही महत्व है। वर्षों से चली आ रही इस परंपरा में हर बहन की यह ख्वाहिश रहती है कि इस दिन उसके भाई की कलाई सूनी न रहे। इसके लिए वह दूरदराज रहते हुए भी अपने भाई के पास आकर राखी बांधती है। कई मौकों पर उनका भाई के पास पहुंच राखी बांध पाना संभव नहीं हो पाता। इसके लिए राखी भेजने की परंपरा भी रही है। बहन के प्रेम के प्रतीक धागे को भाई तक पहुंचाने के काम में वर्षों से डाकघर का बड़ा रोल रहा है।
बरसात के मौसम को देखते हुए डाकघरों में राखी के लिए स्पेशल वॉटरप्रूफ लिफाफों का इंतजाम किया है। यह रोहतक के मुख्य अकाउंट ऑफिस सहित सभी 38 डाकघरों में सप्लाई कर दिए गए हैं। एक लिफाफे का दाम 10 रुपये रखा गया है। मुख्य पोस्टमास्टर एसके मान ने बताया कि राखी के त्योहार के लिए सभी डाकघरों ने कमर कस ली है। बहनों के लिए सभी डाकघरों के काउंटर यह लिफाफे मौजूद रहेंगे। पिछले साल दूरदराज के इलाकों में राखी पहुंचाने वाली दिक्कतों को देखते हुए इस बार समय से वॉटरप्रूफ लिफाफे पहुंचा दिए गए हैं।
राखी भेजने के लिए डाकघर की लोकप्रियता कायम
आर्मी समेत अनेक विभागों और दूरदराज के इलाकों में रहने वाले भाईयों को राखी भेजने लिए बहनों के लिए अभी भी डाकघर ही सबसे बड़ा विकल्प है। यह कई प्राइवेट एजेंसी के मुकाबले सस्ता और विश्वसनीय भी है।
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डाकघर से पोस्ट करने का खर्च
पूरे भारत में कहीं भी भेजने पर
20 ग्राम वजन तक - 5 रुपये
21 से 40 ग्राम तक - 10 रुपये
स्पीड पोस्ट - 40 रुपये
बाजार में बढ़ने लगी रौनक
राखी के त्योहार के लिए बाजारों का सजना शुरू हो चुका है। शहर में अलग-अलग जगह राखी के स्टॉल लग चुके हैं। हालांकि जीएसटी के कारण इस बार नई वैरायटी अधिक देखने में नहीं आ रही। दुकानदार नया माल नहीं आने पर भी ग्राहकों को आकर्षित करने में कामयाब रहे हैं और बहनों ने खरीददारी शुरू कर दी है।
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अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। भाई-बहन के अनूठे प्रेम को दर्शाते रक्षाबंधन के त्योहार का अपना अलग ही महत्व है। वर्षों से चली आ रही इस परंपरा में हर बहन की यह ख्वाहिश रहती है कि इस दिन उसके भाई की कलाई सूनी न रहे। इसके लिए वह दूरदराज रहते हुए भी अपने भाई के पास आकर राखी बांधती है। कई मौकों पर उनका भाई के पास पहुंच राखी बांध पाना संभव नहीं हो पाता। इसके लिए राखी भेजने की परंपरा भी रही है। बहन के प्रेम के प्रतीक धागे को भाई तक पहुंचाने के काम में वर्षों से डाकघर का बड़ा रोल रहा है।
बरसात के मौसम को देखते हुए डाकघरों में राखी के लिए स्पेशल वॉटरप्रूफ लिफाफों का इंतजाम किया है। यह रोहतक के मुख्य अकाउंट ऑफिस सहित सभी 38 डाकघरों में सप्लाई कर दिए गए हैं। एक लिफाफे का दाम 10 रुपये रखा गया है। मुख्य पोस्टमास्टर एसके मान ने बताया कि राखी के त्योहार के लिए सभी डाकघरों ने कमर कस ली है। बहनों के लिए सभी डाकघरों के काउंटर यह लिफाफे मौजूद रहेंगे। पिछले साल दूरदराज के इलाकों में राखी पहुंचाने वाली दिक्कतों को देखते हुए इस बार समय से वॉटरप्रूफ लिफाफे पहुंचा दिए गए हैं।
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राखी भेजने के लिए डाकघर की लोकप्रियता कायम
आर्मी समेत अनेक विभागों और दूरदराज के इलाकों में रहने वाले भाईयों को राखी भेजने लिए बहनों के लिए अभी भी डाकघर ही सबसे बड़ा विकल्प है। यह कई प्राइवेट एजेंसी के मुकाबले सस्ता और विश्वसनीय भी है।
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डाकघर से पोस्ट करने का खर्च
पूरे भारत में कहीं भी भेजने पर
20 ग्राम वजन तक - 5 रुपये
21 से 40 ग्राम तक - 10 रुपये
स्पीड पोस्ट - 40 रुपये
बाजार में बढ़ने लगी रौनक
राखी के त्योहार के लिए बाजारों का सजना शुरू हो चुका है। शहर में अलग-अलग जगह राखी के स्टॉल लग चुके हैं। हालांकि जीएसटी के कारण इस बार नई वैरायटी अधिक देखने में नहीं आ रही। दुकानदार नया माल नहीं आने पर भी ग्राहकों को आकर्षित करने में कामयाब रहे हैं और बहनों ने खरीददारी शुरू कर दी है।