{"_id":"5b80770342c792463a2e5125","slug":"181535145731-rohtak-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"यौन उत्पीड़न के आरोपों पर असमंजस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
यौन उत्पीड़न के आरोपों पर असमंजस
Updated Sat, 25 Aug 2018 03:00 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
यौन उत्पीड़न के आरोपों पर असमंजस
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। पीजीआईएमएस में इन दिनों अनुबंध पर लगी महिला कर्मचारियों की ओर से आए दिन यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए जाने की संख्या में इजाफा हुआ है। वहीं जिन पर आरोप लगते हैं उनका कहना है कि जैसे ही किसी कारण के चलते महिला कर्मचारियों को नौकरी से हटाया जाता है वह यौन उत्पीड़न, अभद्र व्यवहार करने जैसी शिकायतें दे देती हैं। ऐसे में वह असमंजस में फंस जाते हैं कि वह आखिरकार क्या करें।
पीजीआईएमएस का पूर्व गार्ड घोटाला अभी एसआईटी की जांच के दायरे में है। प्रशासन अब दोबारा कोई गड़बड़ी नहीं चाहता, इसलिए वह लगातार सुरक्षा अधिकारियों व निजी सुरक्षा कंपनी पर दबाव बना रहा है। सूत्रों की मानें तो हाल ही में कंपनी ने नेतागिरी करने वाले कुछ गार्डों को बाहर का रास्ता दिखाया है, इसे लेकर आरोपों का दौर चल रहा है। कुलपति के निर्देशों पर निजी सुरक्षा कंपनी ने अपने मैनेजर को भी बदल दिया है, लेकिन नये मैनेजर पर आते ही एक महिला कर्मचारी ने यौन उत्पीड़न करने के आरोप जड़ दिए हैं। इस संबंध में कोई अधिकारी खुलकर बोलने को तैयार नहीं है, लेकिन नाम न छापने की शर्त पर जानकारी दी गई कि जैसे ही शिकायत करने वाले को नौकरी पर रख लिया जाता है उनकी समस्या समाप्त हो जाती है। पूर्व में भी एक सुरक्षा अधिकारी के खिलाफ ऐसी ही गलत शिकायत लिखी गई, बाद में महिला ने लिखित में माफी मांगी और माना कि उसने तो शिकायत पर केवल हस्ताक्षर किए थे। ऐसी स्थिति में उनके लिए कार्य करना और करवाना मुश्किल होता जा रहा है।
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। पीजीआईएमएस में इन दिनों अनुबंध पर लगी महिला कर्मचारियों की ओर से आए दिन यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए जाने की संख्या में इजाफा हुआ है। वहीं जिन पर आरोप लगते हैं उनका कहना है कि जैसे ही किसी कारण के चलते महिला कर्मचारियों को नौकरी से हटाया जाता है वह यौन उत्पीड़न, अभद्र व्यवहार करने जैसी शिकायतें दे देती हैं। ऐसे में वह असमंजस में फंस जाते हैं कि वह आखिरकार क्या करें।
पीजीआईएमएस का पूर्व गार्ड घोटाला अभी एसआईटी की जांच के दायरे में है। प्रशासन अब दोबारा कोई गड़बड़ी नहीं चाहता, इसलिए वह लगातार सुरक्षा अधिकारियों व निजी सुरक्षा कंपनी पर दबाव बना रहा है। सूत्रों की मानें तो हाल ही में कंपनी ने नेतागिरी करने वाले कुछ गार्डों को बाहर का रास्ता दिखाया है, इसे लेकर आरोपों का दौर चल रहा है। कुलपति के निर्देशों पर निजी सुरक्षा कंपनी ने अपने मैनेजर को भी बदल दिया है, लेकिन नये मैनेजर पर आते ही एक महिला कर्मचारी ने यौन उत्पीड़न करने के आरोप जड़ दिए हैं। इस संबंध में कोई अधिकारी खुलकर बोलने को तैयार नहीं है, लेकिन नाम न छापने की शर्त पर जानकारी दी गई कि जैसे ही शिकायत करने वाले को नौकरी पर रख लिया जाता है उनकी समस्या समाप्त हो जाती है। पूर्व में भी एक सुरक्षा अधिकारी के खिलाफ ऐसी ही गलत शिकायत लिखी गई, बाद में महिला ने लिखित में माफी मांगी और माना कि उसने तो शिकायत पर केवल हस्ताक्षर किए थे। ऐसी स्थिति में उनके लिए कार्य करना और करवाना मुश्किल होता जा रहा है।
विज्ञापन