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फरार अपराधी है सरपंच के हत्या के आरोपी
Updated Sun, 15 Apr 2018 02:12 AM IST
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फरार अपराधी है सरपंच के हत्या के आरोपी
चरखी दादरी/बाढ़डा।
हड़ौदी के सरपंच अनिल कुमार की गोली मारकर हत्या के करने के बाद ग्रामीणों द्वारा मौके पर पकड़े गए दो आरोपी जेल से फरार अपराधी हैं। एक आरोपी दीपक उर्फ दीपा महम के किशनगढ़ का रहने वाला है जबकि दूसरा आरोपी परविंद्र उर्फ लीली जिले के गांव तिवाला का रहने वाला है। दीपक अपने पांच अन्य साथियों सहित 2017 में हिसार बोस्टल जेल तोड़कर फरार हुआ था जबकि दूसरे आरोपी परविंद्र को राजस्थान में बैंक डकैती के दौरान पुलिसकर्मी को गोली मारने पर उम्रकैद की सजा हुई थी। वह राजस्थान जेल से पैरोल पर बाहर आया था लेकिन वापस नहीं लौटा। पुलिस ने इनके पास से एक नौ एमएम पिस्तौल, एक 315 बोर का देशी कट्टा, दो मैगजीन, छह कारतूस व दो खोल भी बरामद किए हैं।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक आरोपी परविंद्र ने कुछ दिन पहले लोहारू के गिगनाऊ से एक युवक का अपहरण कर उसकी गोली मारकर हत्या कर दी थी और उसका शव राजस्थान के चुरू में फेंक दिया था। पुलिस ने दोनों आरोपियों को शनिवार दोपहर कोर्ट में पेश किया और पूछताछ के लिए छह दिन के रिमांड पर लिया है। वहीं, मृतक हड़ौदी सरपंच अनिल का भिवानी सिविल अस्पताल में चिकित्सकों के बोर्ड से पोस्टमार्टम कराया। सरपंच के दाह-संस्कार के समय मौके पर प्रशासनिक अमला भी मौजूद रहा। गांव के तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए मौके पर डीएसपी हेड क्वार्टर प्रदीप कुमार, सीटीएम मनीष फौगाट, विधायक सुखविंद्र मांढ़ी सहित विभिन्न गांवों के सरपंच व मौजिज लोग उपस्थित रहे।
उल्लेखनीय है कि हड़ौदी निवासी जगदे से गन प्वाइंट पर क्रेटा छीनने के बाद शुक्रवार रात आरोपी गांव की तरफ फरार हो गए थे। इस दौरान सरपंच अनिल ने अपनी बोलेरो गाड़ी अड़ाकर इन्हें रोकने का प्रयास किया तो आरोपियों ने करीब दस फुट की दूरी से फायर झोंक दिया। गोली सरपंच की गर्दन में लगी और अस्पताल पहुंचने से पहले उसकी मौत हो गई। इसी दौरान ग्रामीणों ने मौके पर ही परविंद्र उर्फ लीली व दीपक उर्फ दीपा को घेरकर पकड़ लिया जबकि उनके दो साथी मौके से फरार हो गए। पुलिस ने आरोपियों द्वारा लूटी गई क्रेटा गाड़ी को गांव से ही बरामद कर लिया था। वहीं लुटेरों व हत्यारों की स्कार्पियो गाड़ी पुलिस ने कालूवाला गांव के समीप एक जोहड़ के समीप से बरामद की है। ग्रामीणों ने मौके पर पकड़े गए दोनों आरोपियों की जमकर धुनाई भी की और इनसे हथियार छीनकर पुलिस को सौंप दिए। ग्रामीणों के पिटाई करने पर दोनों आरोपी गिड़गिड़ाने लगे और उन्होंने एक के बाद एक कर अपनी कई वारदातें कबूल कर ली। सूत्रों की मानें तो ग्रामीणों ने इनके कबूलनामे की एक वीडियो बनाकर पुलिस को भी सौंपी है।
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डकैती के बाद सिपाही को मारी थी परविंद्र ने गोली, एक साथी हुआ था मुठभेड़ में ढेर
तिवाला निवासी आरोपी परविंद्र उर्फ लीली पर हत्या, लूट, डकैती, सशस्त्र अधिनियम व हत्या के प्रयास सहित करीब एक दर्जन मामले विभिन्न जिलों में दर्ज हैं। इसके अलावा उस पर राजस्थान के सूरजगढ़ में 20 लाख की बैंक डकैती का केस भी दर्ज है। डकैती के दौरान हुई मुठभेड़ में परविंद्र व उसके साथियों ने एक सिपाही को गोली मारी थी। पुलिस के साथ मुठभेड़ में उनके साथी जिले के गांव रानीला निवासी दीपक उर्फ टिंकू की भी मौत हो गई थी।
झज्जर व हिसार निवासी दो युवकों के वारदात में संलिप्त होने का अंदेशा
पुलिस सूूत्रों की मानें तो दूसरा आरोपी दीपक उर्फ दीपा कुछ समय पहले हिसार बोस्टल जेल तोड़कर फरार हुआ था। सरपंच हत्याकांड में जेल से भागे उसके पांच साथियों में से दो शामिल थे। पुलिस सूत्रों की मानें तो ये दोनों आरोपी हिसार व झज्जर जिले के रहने वाले हैं और इनका पता लगाने के प्रयास जारी हैं। जेल से भागने के बाद भी दीपक व उसके साथी कई वारदातों को अंजाम दे चुके हैं।
पुलिस समझकर सरपंच पर चलाई गोली
ग्रामीणों की घेराबंदी के चलते ही परविंद्र व दीपक पकड़ में आ गए। इस दौरान भागकर गिरने से और ग्रामीणों की पिटाई के दौरान इन्हें चोटें भी लगी और लहूलुहान हो गए। इसके बाद ये ग्रामीणों से हाथ जोड़कर माफी मांगते नजर आए। आरोपियों के कबूलनामे की ग्रामीणों ने एक वीडियो भी बनाई है। इसमें उक्त आरोपी पुलिस समझकर सरपंच पर गोली चलाने की बात कबूल करते नजर आ रहे हैं। इसके अलावा भी इन्होंने कई हत्या व लूट से संबंधी वारदातें कबूल की हैं।
दोस्त की बहन के प्रेमी का अपहरण कर मारी थी गोली
पुलिस सूत्रों की मानें तो आरोपी परविंद्र ने एक दोस्त की बहन के प्रेमी को गोली भी मारी थी। उसने 21 मार्च को घंघाला निवासी विनोद का लोहारू के गिगनाऊ से अपहरण किया था और इसके बाद उसकी गोली मारकर हत्या कर दी थी। इसके बाद आरोपी उसके शव को गाड़ी में डालकर राजस्थान के चुरू ले गया और वहां शव फेंककर फरार हो गया।
पुलिस अधीक्षक ने गठित की तीन टीमें
आरोपियों की स्कार्पियो गाड़ी पुलिस बरामद कर चुकी है। इनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस अधीक्षक हिमांशु गर्ग ने दादरी सीआईए प्रभारी हितेंद्र दांगी, बाढड़ा सीआईए प्रभारी शमशेर सिंह व बाढड़ा थाना प्रभारी विकास कुमार के नेतृत्व में तीन टीमें गठित की हैं। ये टीमें आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही हैं लेकिन अब तक दोनों आरोपी पुलिस गिरफ्त से बाहर है।
वर्जन::
दोनों आरोपियों को पुलिस ने कोर्ट में पेश कर पूछताछ के लिए छह दिन के रिमांड पर लिया है। इन पर कई आपराधिक मामले दर्ज हैं और दोनों जेल से फरार चल रहे है। इनके पास से दो अवैध हथियार, दो मैगजीन, छह कारतूस व एक खोल पुलिस ने बरामद किया है। फिलहाल आरोपियों से पूछताछ चल रही है।
सुरेंद्र दांगी, पुलिस प्रवक्ता
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चरखी दादरी/बाढ़डा।
हड़ौदी के सरपंच अनिल कुमार की गोली मारकर हत्या के करने के बाद ग्रामीणों द्वारा मौके पर पकड़े गए दो आरोपी जेल से फरार अपराधी हैं। एक आरोपी दीपक उर्फ दीपा महम के किशनगढ़ का रहने वाला है जबकि दूसरा आरोपी परविंद्र उर्फ लीली जिले के गांव तिवाला का रहने वाला है। दीपक अपने पांच अन्य साथियों सहित 2017 में हिसार बोस्टल जेल तोड़कर फरार हुआ था जबकि दूसरे आरोपी परविंद्र को राजस्थान में बैंक डकैती के दौरान पुलिसकर्मी को गोली मारने पर उम्रकैद की सजा हुई थी। वह राजस्थान जेल से पैरोल पर बाहर आया था लेकिन वापस नहीं लौटा। पुलिस ने इनके पास से एक नौ एमएम पिस्तौल, एक 315 बोर का देशी कट्टा, दो मैगजीन, छह कारतूस व दो खोल भी बरामद किए हैं।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक आरोपी परविंद्र ने कुछ दिन पहले लोहारू के गिगनाऊ से एक युवक का अपहरण कर उसकी गोली मारकर हत्या कर दी थी और उसका शव राजस्थान के चुरू में फेंक दिया था। पुलिस ने दोनों आरोपियों को शनिवार दोपहर कोर्ट में पेश किया और पूछताछ के लिए छह दिन के रिमांड पर लिया है। वहीं, मृतक हड़ौदी सरपंच अनिल का भिवानी सिविल अस्पताल में चिकित्सकों के बोर्ड से पोस्टमार्टम कराया। सरपंच के दाह-संस्कार के समय मौके पर प्रशासनिक अमला भी मौजूद रहा। गांव के तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए मौके पर डीएसपी हेड क्वार्टर प्रदीप कुमार, सीटीएम मनीष फौगाट, विधायक सुखविंद्र मांढ़ी सहित विभिन्न गांवों के सरपंच व मौजिज लोग उपस्थित रहे।
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उल्लेखनीय है कि हड़ौदी निवासी जगदे से गन प्वाइंट पर क्रेटा छीनने के बाद शुक्रवार रात आरोपी गांव की तरफ फरार हो गए थे। इस दौरान सरपंच अनिल ने अपनी बोलेरो गाड़ी अड़ाकर इन्हें रोकने का प्रयास किया तो आरोपियों ने करीब दस फुट की दूरी से फायर झोंक दिया। गोली सरपंच की गर्दन में लगी और अस्पताल पहुंचने से पहले उसकी मौत हो गई। इसी दौरान ग्रामीणों ने मौके पर ही परविंद्र उर्फ लीली व दीपक उर्फ दीपा को घेरकर पकड़ लिया जबकि उनके दो साथी मौके से फरार हो गए। पुलिस ने आरोपियों द्वारा लूटी गई क्रेटा गाड़ी को गांव से ही बरामद कर लिया था। वहीं लुटेरों व हत्यारों की स्कार्पियो गाड़ी पुलिस ने कालूवाला गांव के समीप एक जोहड़ के समीप से बरामद की है। ग्रामीणों ने मौके पर पकड़े गए दोनों आरोपियों की जमकर धुनाई भी की और इनसे हथियार छीनकर पुलिस को सौंप दिए। ग्रामीणों के पिटाई करने पर दोनों आरोपी गिड़गिड़ाने लगे और उन्होंने एक के बाद एक कर अपनी कई वारदातें कबूल कर ली। सूत्रों की मानें तो ग्रामीणों ने इनके कबूलनामे की एक वीडियो बनाकर पुलिस को भी सौंपी है।
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डकैती के बाद सिपाही को मारी थी परविंद्र ने गोली, एक साथी हुआ था मुठभेड़ में ढेर
तिवाला निवासी आरोपी परविंद्र उर्फ लीली पर हत्या, लूट, डकैती, सशस्त्र अधिनियम व हत्या के प्रयास सहित करीब एक दर्जन मामले विभिन्न जिलों में दर्ज हैं। इसके अलावा उस पर राजस्थान के सूरजगढ़ में 20 लाख की बैंक डकैती का केस भी दर्ज है। डकैती के दौरान हुई मुठभेड़ में परविंद्र व उसके साथियों ने एक सिपाही को गोली मारी थी। पुलिस के साथ मुठभेड़ में उनके साथी जिले के गांव रानीला निवासी दीपक उर्फ टिंकू की भी मौत हो गई थी।
झज्जर व हिसार निवासी दो युवकों के वारदात में संलिप्त होने का अंदेशा
पुलिस सूूत्रों की मानें तो दूसरा आरोपी दीपक उर्फ दीपा कुछ समय पहले हिसार बोस्टल जेल तोड़कर फरार हुआ था। सरपंच हत्याकांड में जेल से भागे उसके पांच साथियों में से दो शामिल थे। पुलिस सूत्रों की मानें तो ये दोनों आरोपी हिसार व झज्जर जिले के रहने वाले हैं और इनका पता लगाने के प्रयास जारी हैं। जेल से भागने के बाद भी दीपक व उसके साथी कई वारदातों को अंजाम दे चुके हैं।
पुलिस समझकर सरपंच पर चलाई गोली
ग्रामीणों की घेराबंदी के चलते ही परविंद्र व दीपक पकड़ में आ गए। इस दौरान भागकर गिरने से और ग्रामीणों की पिटाई के दौरान इन्हें चोटें भी लगी और लहूलुहान हो गए। इसके बाद ये ग्रामीणों से हाथ जोड़कर माफी मांगते नजर आए। आरोपियों के कबूलनामे की ग्रामीणों ने एक वीडियो भी बनाई है। इसमें उक्त आरोपी पुलिस समझकर सरपंच पर गोली चलाने की बात कबूल करते नजर आ रहे हैं। इसके अलावा भी इन्होंने कई हत्या व लूट से संबंधी वारदातें कबूल की हैं।
दोस्त की बहन के प्रेमी का अपहरण कर मारी थी गोली
पुलिस सूत्रों की मानें तो आरोपी परविंद्र ने एक दोस्त की बहन के प्रेमी को गोली भी मारी थी। उसने 21 मार्च को घंघाला निवासी विनोद का लोहारू के गिगनाऊ से अपहरण किया था और इसके बाद उसकी गोली मारकर हत्या कर दी थी। इसके बाद आरोपी उसके शव को गाड़ी में डालकर राजस्थान के चुरू ले गया और वहां शव फेंककर फरार हो गया।
पुलिस अधीक्षक ने गठित की तीन टीमें
आरोपियों की स्कार्पियो गाड़ी पुलिस बरामद कर चुकी है। इनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस अधीक्षक हिमांशु गर्ग ने दादरी सीआईए प्रभारी हितेंद्र दांगी, बाढड़ा सीआईए प्रभारी शमशेर सिंह व बाढड़ा थाना प्रभारी विकास कुमार के नेतृत्व में तीन टीमें गठित की हैं। ये टीमें आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही हैं लेकिन अब तक दोनों आरोपी पुलिस गिरफ्त से बाहर है।
वर्जन::
दोनों आरोपियों को पुलिस ने कोर्ट में पेश कर पूछताछ के लिए छह दिन के रिमांड पर लिया है। इन पर कई आपराधिक मामले दर्ज हैं और दोनों जेल से फरार चल रहे है। इनके पास से दो अवैध हथियार, दो मैगजीन, छह कारतूस व एक खोल पुलिस ने बरामद किया है। फिलहाल आरोपियों से पूछताछ चल रही है।
सुरेंद्र दांगी, पुलिस प्रवक्ता