फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Rohtak News ›   जलभराव : सैकड़ों एकड़ धान की फसल बर्बादी के कगार पर

जलभराव : सैकड़ों एकड़ धान की फसल बर्बादी के कगार पर

Sun, 17 Sep 2017 01:15 AM IST
Updated Sun, 17 Sep 2017 01:15 AM IST
विज्ञापन
जलभराव : सैकड़ों एकड़ धान की फसल बर्बादी के कगार पर
जलभराव : सैकड़ों एकड़ धान की फसल बर्बादी के कगार पर
विज्ञापन

भिवानी। माइनर टूटने से जलमग्न बडेसरा गांव की सैंकड़ों एकड़ धान की फसल बर्बादी के कगार पर है। आठ दिन दिन बीत जाने के बाद भी सिंचाई विभाग पानी नहीं निकाल पाया है। सिंचाई विभाग की सबसे बड़ी दिक्कत यह है कि उसे नियमित रूप से बिजली की आपूर्ति नहीं मिल पा रही है।
इस समस्या को लेकर बडेसरा के लोग शनिवार को सांसद धर्मबीर सिंह से मिले और बवानीखेड़ा के विधायक बिशंबर वाल्मीकि को फोन पर अवगत कराया। धर्मबीर सिंह ने विद्युत निगम के कार्यकारी अभियंता को नियमित रूप से बिजली आपूर्ति करने के निर्देश दिए।
विज्ञापन

गांव बड़ेसरा निवासी किसान सुभाष, बलवीर, मांगे, जयपाल, वजीर, सतपाल, जगदीश व धर्मबीर ने बताया कि आठ सितंबर को सुबह साढ़े पांच बजे गांव बड़ेसरा के पास जूई फीडर नहर टूट गई। इस कारण लगभग 600 एकड़ में खड़ी फसल पानी में डूब गई।
विज्ञापन
विज्ञापन

पानी की निकासी के लिए 12 सितंबर को उपायुक्त डा. अशंज सिंह से मुलाकात की थी। उपायुक्त ने शीघ्र पानी निकासी का आश्वासन दिया, इसके बाद दो दिन तक विद्युत आपूर्ति सुचारू रही। उसके बाद फिर पहले जैसे ही हालात बन गए और दिन में दो घंटे व रात में 8 घंटे ही विद्युत आपूर्ति हो रही है।

किसानों ने सांसद धर्मबीर सिंह को बताया कि जलभराव के चलते धान की लगभग 80 फीसदी फसल नष्ट हो चुकी है। अगर समय पर पानी की निकासी नहीं हुई तो आगामी गेहूं की फसल की भी बुवाई नहीं हो सकेगी। किसानों ने चेतावनी दी कि विद्युत निगम ने पर्याप्त बिजली आपूर्ति नहीं की तो वे सोमवार को उपायुक्त कार्यालय का घेराव करने पर मजबूर होंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed