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स्वाइन फ्लू से दो और मौत, पीजीआई प्रशासन ने मंगवाई और ज्यादा दवाइयां
Updated Thu, 24 Aug 2017 02:47 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। स्वाइन फ्लू ने अब तक चार लोगों की जान ले ली है। पीजीआई में तीन और निजी अस्पताल में एक मरीज की स्वाइन फ्लू से मौत हो गई। वहीं स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि उनके पास अभी तक सात स्वाइन फ्लू के मरीज की सूचना है। इसमें से चार की मौत हो गई है और तीन ठीक हैं।
स्वास्थ्य विभाग की डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. अनुपमा मित्तल ने बताया कि अब तक सात मरीज भर्ती हुए थे। कुछ दिन पहले ही स्वाइन फ्लू से दो मरीजों की मौत हुई थी। मंगलवार देर रात निजी अस्पताल और बुधवार सुबह पीजीआई में भी एक मरीज की मौत हो गई। डॉ. मित्तल ने बताया कि गोहाना निवासी मरीज को गुड़गांव मेदांता से निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उसे सांस लेने में दिक्कत हो रही थी। वहीं पीजीआई में उपचार के दौरान जिस मरीज की मौत हुई वह कुरुक्षेत्र का रहने वाला था। मरीज का उपचार कर रहे डॉक्टर ने बताया कि मरीज को स्वाइन फ्लू से आराम मिल गया था। उसे आईसीयू से बुधवार को वार्ड में शिफ्ट करना था, लेकिन एक दम क्लोट बनने की वजह से उसके पैर में दर्द हुआ और उसे बेचैनी हुई। इसके कुछ ही मिनट में उसे पुलमोनारी हैमरेज हो गया और उसकी मौत हो गई। इसके अलावा एक मरीज को सही होने के चलते छुट्टी दे दी गई। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार उत्तराखंड के गंगादत्त, झज्जर की पिंकी, गोहाना के सतबीर, कुरुक्षेत्र के महेंद्र की उपचार के दौरान मौत हो चुकी है। वहीं एक अन्य मरीज के निजी अस्पताल में मौत होने की बात सामने आती रही, लेकिन अधिकारियों ने इसकी पुष्टि नहीं की।
पीजीआई प्रशासन ने मंगाई मरीजों के लिए अतिरिक्त दवा
पीजीआई के पीसीसीएम विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. ध्रुव चौधरी के निर्देशन में स्वाइन लू के मरीजों का उपचार चल रहा है। बतौर नोडल अधिकारी डॉ. ध्रुव चौधरी ने बताया कि इस समय जुकाम-खांसी का होना सामान्य बात है। इसे मरीज स्वाइन फ्लू से न जोडे़ं। मानसून के चलते उमस बनी हुई है और इससे स्वाइन फ्लू का वायरस फैल रहा है। इससे बचने के लिए जरूरी है कि भीड़ वाले एरिया में जाने से बचें। सबसे जरूरी है कि इन दिनों हाथ मिलाकर एक दूसरे से न मिले। हाथ मिलाने से संक्रमण फैलने की आशंका बढ़ जाती है। डॉ. ध्रुव चौधरी ने बताया कि मरीजों को देखते हुए तकरीब 1700 मरीजों के लिए दवाएं मंगवा ली गई हैं। यहां आने वाले मरीजों के उपचार में कोई कमी नहीं है।
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निजी अस्पतालों को मरीजों की सूचना देने के निर्देश जारी
जिले में स्वाइन फ्लू, डेंगू और चिकनगुनिया की संभावना को देखते हुए बुधवार को सिविल सर्जन डॉ. दीपा जाखड की अध्यक्षता में आईएमए की मीटिंग की गई। इसमें सभी को स्वाइन लू के रोगियों की कैटेगरी वाइज प्रति दिन रिपोर्ट भेजने के आदेश दिए गये। अधिकारी ने सरकारी और निजी अस्पतालों को निर्देश दिया है कि वह स्वाइन फ्लू के मरीजों की रोजाना रिपोर्ट देने के साथ उन्हें अलग वार्ड में रखें। उनके पास जैसे ही कोई मरीज आता है तो उसका डाटा भेजा जाए। वहीं विभाग की ओर से बताया गया कि डेंगू और चिकनगुनिया के एनवन एचवन टेस्ट के लिए 600 रुपये निर्धारित हैं। इस बोर्ड हर क्लीनिक, अस्पताल, लैब के बाहर लगा होना चाहिए। यदि कोई निजी अस्पताल नियमों को तोड़ता पाया गया तो उस पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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रोहतक। स्वाइन फ्लू ने अब तक चार लोगों की जान ले ली है। पीजीआई में तीन और निजी अस्पताल में एक मरीज की स्वाइन फ्लू से मौत हो गई। वहीं स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि उनके पास अभी तक सात स्वाइन फ्लू के मरीज की सूचना है। इसमें से चार की मौत हो गई है और तीन ठीक हैं।
स्वास्थ्य विभाग की डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. अनुपमा मित्तल ने बताया कि अब तक सात मरीज भर्ती हुए थे। कुछ दिन पहले ही स्वाइन फ्लू से दो मरीजों की मौत हुई थी। मंगलवार देर रात निजी अस्पताल और बुधवार सुबह पीजीआई में भी एक मरीज की मौत हो गई। डॉ. मित्तल ने बताया कि गोहाना निवासी मरीज को गुड़गांव मेदांता से निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उसे सांस लेने में दिक्कत हो रही थी। वहीं पीजीआई में उपचार के दौरान जिस मरीज की मौत हुई वह कुरुक्षेत्र का रहने वाला था। मरीज का उपचार कर रहे डॉक्टर ने बताया कि मरीज को स्वाइन फ्लू से आराम मिल गया था। उसे आईसीयू से बुधवार को वार्ड में शिफ्ट करना था, लेकिन एक दम क्लोट बनने की वजह से उसके पैर में दर्द हुआ और उसे बेचैनी हुई। इसके कुछ ही मिनट में उसे पुलमोनारी हैमरेज हो गया और उसकी मौत हो गई। इसके अलावा एक मरीज को सही होने के चलते छुट्टी दे दी गई। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार उत्तराखंड के गंगादत्त, झज्जर की पिंकी, गोहाना के सतबीर, कुरुक्षेत्र के महेंद्र की उपचार के दौरान मौत हो चुकी है। वहीं एक अन्य मरीज के निजी अस्पताल में मौत होने की बात सामने आती रही, लेकिन अधिकारियों ने इसकी पुष्टि नहीं की।
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पीजीआई प्रशासन ने मंगाई मरीजों के लिए अतिरिक्त दवा
पीजीआई के पीसीसीएम विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. ध्रुव चौधरी के निर्देशन में स्वाइन लू के मरीजों का उपचार चल रहा है। बतौर नोडल अधिकारी डॉ. ध्रुव चौधरी ने बताया कि इस समय जुकाम-खांसी का होना सामान्य बात है। इसे मरीज स्वाइन फ्लू से न जोडे़ं। मानसून के चलते उमस बनी हुई है और इससे स्वाइन फ्लू का वायरस फैल रहा है। इससे बचने के लिए जरूरी है कि भीड़ वाले एरिया में जाने से बचें। सबसे जरूरी है कि इन दिनों हाथ मिलाकर एक दूसरे से न मिले। हाथ मिलाने से संक्रमण फैलने की आशंका बढ़ जाती है। डॉ. ध्रुव चौधरी ने बताया कि मरीजों को देखते हुए तकरीब 1700 मरीजों के लिए दवाएं मंगवा ली गई हैं। यहां आने वाले मरीजों के उपचार में कोई कमी नहीं है।
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निजी अस्पतालों को मरीजों की सूचना देने के निर्देश जारी
जिले में स्वाइन फ्लू, डेंगू और चिकनगुनिया की संभावना को देखते हुए बुधवार को सिविल सर्जन डॉ. दीपा जाखड की अध्यक्षता में आईएमए की मीटिंग की गई। इसमें सभी को स्वाइन लू के रोगियों की कैटेगरी वाइज प्रति दिन रिपोर्ट भेजने के आदेश दिए गये। अधिकारी ने सरकारी और निजी अस्पतालों को निर्देश दिया है कि वह स्वाइन फ्लू के मरीजों की रोजाना रिपोर्ट देने के साथ उन्हें अलग वार्ड में रखें। उनके पास जैसे ही कोई मरीज आता है तो उसका डाटा भेजा जाए। वहीं विभाग की ओर से बताया गया कि डेंगू और चिकनगुनिया के एनवन एचवन टेस्ट के लिए 600 रुपये निर्धारित हैं। इस बोर्ड हर क्लीनिक, अस्पताल, लैब के बाहर लगा होना चाहिए। यदि कोई निजी अस्पताल नियमों को तोड़ता पाया गया तो उस पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।