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बहादुरगढ़ तक मेट्रो लाने में हरियाणा सरकार ने खर्च किए 940 करोड़ : दीपेंद्र-Cordination
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रोहतक। बहादुरगढ़ से सांपला तक यदि मेट्रो का विस्तार होता है और अंतिम मेट्रो स्टेशन अगर आईएमटी को बनाया जाता है तो इससे रोहतक जिले के 50 से 60 हजार लोगों को लाभ मिलेगा। इनमें से 35 से 40 हजार लोग ट्रेेन और बसों के जरिए दिल्ली के लिए रवाना होते हैं, लेकिन मेट्रो आने से इनका सफल और भी आसान हो जाएगा। बाकी की आबादी टैक्सी और निजी वाहनों से दिल्ली जाते हैं। एक ओर जहां सांपला में मेट्रो आने से दिल्ली की दूरी घटेगी वहीं रोहतक के लाखों लोगों की मेट्रो के रोहतक तक आने की उम्मीदें भी बढ़ गई हैं। इससे आसपास के जिलों के अलावा 16 से अधिक गांवों और सांपला के एक दर्जन गांवों की एक लाख से ज्यादा आबादी को सीधे सीधे इसका फायदा मिलने की संभावना है। उल्लेखनीय है कि विधानसभा के बजट सत्र की शुरुआत पर राज्यपाल के अभिभाषण में सरकार की ओर से शामिल परियोजनाओं में गुरुग्राम से बहादुरगढ़ सांपला प्रोजेक्ट का भी जिक्र किया गया है। ऐसे में लगभग तय है कि इस प्रोजेक्ट के लिए बजट निर्धारित हो जाएगा।
पैसेंजर ट्रेन जहां दिल्ली पहुंचाने में दो से तीन घंटे लेती है वहीं रास्ते में जाम लगने की वजह से बस से भी इतना ही समय लगता है। सुबह और शाम के समय दिल्ली से आने-जाने में कितनी समय लगेगा, कुछ भी नहीं कहा जा सकता है। सबसे ज्यादा जाम बहादुरगढ़ से मुंडका के आसपास मिलता है। रोहतक रेलवे स्टेशन से दिल्ली के लिए करीब 14 पैसेंजर ट्रेन चलती है और रोहतक बस स्टैंड से करीब 60 बसों चलती है। रोहतक से दिल्ली जाने वाले लोगों को सांपला से मेट्रो ट्रेन मिलने से दिल्ली पहुंचने में काफी राहत मिलेगी। न सिर्फ समय बचेगा बल्कि दिक्कत भी नहीं झेलनी पड़ेगी। रोहतक के दिल्ली जाने वाले कुल यात्रियों में से करीब 60 फीसदी तादात व्यापारियों की है, जबकि बाकी में नौकरीपेशा और विद्यार्थी हैं।
बहादुरगढ़ से सांपला तक इन गांवों की एक लाख से अधिक आबादी को मिलेगा लाभ
सांपला, गढ़ी सांपला, इसमाइला, खरावड़, नया बांस, आसंडा, गांधरा, चिड़ियाना, नौनंद, कारौर, खेड़ी साध के साथ ही बहादुरगढ़ के गांव रोहद, आसौदा, मांडोठी, जाखौदा आदि की एक लाख से अधिक की आबादी को लाभ मिलेगा।
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ये कहना है लोगों का
सरकार का यह फैसला बहुत राहत भरा है। मेट्रो ट्रेन सांपला से चलने से काफी राहत मिलेगी और समय बचेगा। रोहतक से बहादुरगढ़ का रास्ता काफी सुगम हो जाएगा।
- कर्मबीर, छात्र
ट्रेन से दिल्ली जाने में काफी समय लगता है जिसकी वजह अक्सर पैसेंजर ट्रेन का लेट होना है। इस वजह से क्लास भी मिस हो जाती है। सांपला से मेट्रो चलेगी तो राहत मिलेगी।
-नमन, छात्र
रोहतक से हर रोज दिल्ली कार से जाने में काफी पैसे की बर्बादी होती है। ट्रेन अथवा बस से जाने पर समय बर्बाद होती है। यदि सांपला तक मेट्रो चल जाएगी तो काफी समय बचेगा।
- यशवंत राय, कारोबारी
दिल्ली जाने में काफी समय लगता है। बस से जाने का मतलब कम से कम ढाई घंटे में कश्मीरी गेट पहुंचा। इसके बाद कीर्ति नगर जाने के लिए मेट्रो पकड़नी होती है। सांपला तक मेट्रो चलेगी काफी राहत मिलेगी।
- नरेश कुमार, कारोबारी
पूरे एनसीआर में मेट्रो लाने का प्रयास किया जाएगा, सांपला से शुरुआत हुई है : मनीष ग्रोवर
सहकारिता मंत्री मनीष ग्रोवर ने बताया कि बहादुरगढ़ के बाद सांपला तक मेट्रो आने से सांपला के साथ ही रोहतक की जनता को भी लाभ मिलेगा। इसका फायदा महज सांपला तक ही सीमित नहीं रहेगा, बल्कि सरकार भविष्य में इसका विस्तार रोहतक और फिर हरियाणा में एनसीआर के क्षेत्र में आने वाले सभी जिलों में किया जाएगा। मुख्यमंत्री मनोहर लाल से मेट्रो विस्तार को लेकर लगातार बात होती रही है, इस दिशा में कदम उठाया गया है।
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बहादुरगढ़ तक मेट्रो लाने में हरियाणा सरकार ने खर्च किए 940 करोड़ : दीपेंद्र
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने बताया कि मेट्रो परियोजना बहादुरगढ़ तक लाने में कांग्रेस का अहम योगदान है। भाजपा ने तो इस प्रोजेक्ट को लेट ही कराया है। इसमें विशेष है कि इसके हरियाणा में आने वाले हिस्से की लागत (788 करोड़) और दिल्ली के मुंडका से आगे हरियाणा तक के सेक्शन की लागत (152 करोड़) थी। इस पर तत्कालीन सीएम हरियाणा भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने निर्णय लिया कि इसके खर्च का वहन हरियाणा सरकार ही करेगी। इस पर 2000 करोड़ की कुल लागत में से हरियाणा सरकार ने 940 करोड़ रुपये वहन किए। सात अगस्त 2012 को तत्कालीन केंद्रीय रक्षा मंत्री ए. के. एंटोनी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्री मंडल एंपावर ग्रुप ऑफ मिनिस्टर ने बहादुरगढ़ मेट्रो विस्तार परियोजना को मंजूरी दी थी। अप्रैल 2013 में काम शुरू हुआ और डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट के अनुसार मार्च 2016 तक इसका काम पूरा होना था। मगर भाजपा सरकार के आने बाद से इस मेट्रो लाइन पर काम ढीला पड़ गया और मार्च 2016 में लक्षित पूरा होने की तिथि तक इसका काम पूरा नहीं हो सका जिसकी वजह से बहादुरगढ़ के लोगों को अकारण ढाई साल इंतजार करना पड़ा। कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में हरियाणा के चार शहर फरीदाबाद, बल्लभगढ़, गुरुग्राम और बहादुरगढ़ को मेट्रो से जोड़ा और अन्य दो शहरों सोनीपत और मानेसर तक मेट्रो रेल सेवा पहुंचाने की योजना बना दी थी। मगर चार साल में भाजपा सरकार इन शहरों तक मेट्रो पहुंचाने की दिशा में कोई ठोस काम करने में विफल रही है।
बहादुरगढ़ में मेट्रो का सपना ऐसे हुआ साकार
- 7 अगस्त 2012 : यूपीए सरकार में केंद्रीय मंत्रिमंडल से सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा के आग्रह पर बहादुरगढ़ मेट्रो विस्तार परियोजना को मंजूरी मिली।
- 2 फरवरी 2013 : तत्कालीन केंद्रीय शहरी विकास मंत्री कमल नाथ ने हरियाणा के तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा की उपस्थिति में मेट्रो विस्तार का शिलान्यास किया।
- अप्रैल 2013 : प्रोजेक्ट पर जोरशोर से काम शुरू करवाया इसे मार्च 2016 तक पूरा हो जाना था। लेकिन, मई 2014 के बाद से भाजपा सरकार ने इस पूरे काम का श्रेय लूटने के लिए ढाई साल की देरी करा दी। इसके चलते बहादुरगढ़ में ढाई साल देरी से मेट्रो आई।
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पैसेंजर ट्रेन जहां दिल्ली पहुंचाने में दो से तीन घंटे लेती है वहीं रास्ते में जाम लगने की वजह से बस से भी इतना ही समय लगता है। सुबह और शाम के समय दिल्ली से आने-जाने में कितनी समय लगेगा, कुछ भी नहीं कहा जा सकता है। सबसे ज्यादा जाम बहादुरगढ़ से मुंडका के आसपास मिलता है। रोहतक रेलवे स्टेशन से दिल्ली के लिए करीब 14 पैसेंजर ट्रेन चलती है और रोहतक बस स्टैंड से करीब 60 बसों चलती है। रोहतक से दिल्ली जाने वाले लोगों को सांपला से मेट्रो ट्रेन मिलने से दिल्ली पहुंचने में काफी राहत मिलेगी। न सिर्फ समय बचेगा बल्कि दिक्कत भी नहीं झेलनी पड़ेगी। रोहतक के दिल्ली जाने वाले कुल यात्रियों में से करीब 60 फीसदी तादात व्यापारियों की है, जबकि बाकी में नौकरीपेशा और विद्यार्थी हैं।
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बहादुरगढ़ से सांपला तक इन गांवों की एक लाख से अधिक आबादी को मिलेगा लाभ
सांपला, गढ़ी सांपला, इसमाइला, खरावड़, नया बांस, आसंडा, गांधरा, चिड़ियाना, नौनंद, कारौर, खेड़ी साध के साथ ही बहादुरगढ़ के गांव रोहद, आसौदा, मांडोठी, जाखौदा आदि की एक लाख से अधिक की आबादी को लाभ मिलेगा।
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ये कहना है लोगों का
सरकार का यह फैसला बहुत राहत भरा है। मेट्रो ट्रेन सांपला से चलने से काफी राहत मिलेगी और समय बचेगा। रोहतक से बहादुरगढ़ का रास्ता काफी सुगम हो जाएगा।
- कर्मबीर, छात्र
ट्रेन से दिल्ली जाने में काफी समय लगता है जिसकी वजह अक्सर पैसेंजर ट्रेन का लेट होना है। इस वजह से क्लास भी मिस हो जाती है। सांपला से मेट्रो चलेगी तो राहत मिलेगी।
-नमन, छात्र
रोहतक से हर रोज दिल्ली कार से जाने में काफी पैसे की बर्बादी होती है। ट्रेन अथवा बस से जाने पर समय बर्बाद होती है। यदि सांपला तक मेट्रो चल जाएगी तो काफी समय बचेगा।
- यशवंत राय, कारोबारी
दिल्ली जाने में काफी समय लगता है। बस से जाने का मतलब कम से कम ढाई घंटे में कश्मीरी गेट पहुंचा। इसके बाद कीर्ति नगर जाने के लिए मेट्रो पकड़नी होती है। सांपला तक मेट्रो चलेगी काफी राहत मिलेगी।
- नरेश कुमार, कारोबारी
पूरे एनसीआर में मेट्रो लाने का प्रयास किया जाएगा, सांपला से शुरुआत हुई है : मनीष ग्रोवर
सहकारिता मंत्री मनीष ग्रोवर ने बताया कि बहादुरगढ़ के बाद सांपला तक मेट्रो आने से सांपला के साथ ही रोहतक की जनता को भी लाभ मिलेगा। इसका फायदा महज सांपला तक ही सीमित नहीं रहेगा, बल्कि सरकार भविष्य में इसका विस्तार रोहतक और फिर हरियाणा में एनसीआर के क्षेत्र में आने वाले सभी जिलों में किया जाएगा। मुख्यमंत्री मनोहर लाल से मेट्रो विस्तार को लेकर लगातार बात होती रही है, इस दिशा में कदम उठाया गया है।
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बहादुरगढ़ तक मेट्रो लाने में हरियाणा सरकार ने खर्च किए 940 करोड़ : दीपेंद्र
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने बताया कि मेट्रो परियोजना बहादुरगढ़ तक लाने में कांग्रेस का अहम योगदान है। भाजपा ने तो इस प्रोजेक्ट को लेट ही कराया है। इसमें विशेष है कि इसके हरियाणा में आने वाले हिस्से की लागत (788 करोड़) और दिल्ली के मुंडका से आगे हरियाणा तक के सेक्शन की लागत (152 करोड़) थी। इस पर तत्कालीन सीएम हरियाणा भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने निर्णय लिया कि इसके खर्च का वहन हरियाणा सरकार ही करेगी। इस पर 2000 करोड़ की कुल लागत में से हरियाणा सरकार ने 940 करोड़ रुपये वहन किए। सात अगस्त 2012 को तत्कालीन केंद्रीय रक्षा मंत्री ए. के. एंटोनी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्री मंडल एंपावर ग्रुप ऑफ मिनिस्टर ने बहादुरगढ़ मेट्रो विस्तार परियोजना को मंजूरी दी थी। अप्रैल 2013 में काम शुरू हुआ और डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट के अनुसार मार्च 2016 तक इसका काम पूरा होना था। मगर भाजपा सरकार के आने बाद से इस मेट्रो लाइन पर काम ढीला पड़ गया और मार्च 2016 में लक्षित पूरा होने की तिथि तक इसका काम पूरा नहीं हो सका जिसकी वजह से बहादुरगढ़ के लोगों को अकारण ढाई साल इंतजार करना पड़ा। कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में हरियाणा के चार शहर फरीदाबाद, बल्लभगढ़, गुरुग्राम और बहादुरगढ़ को मेट्रो से जोड़ा और अन्य दो शहरों सोनीपत और मानेसर तक मेट्रो रेल सेवा पहुंचाने की योजना बना दी थी। मगर चार साल में भाजपा सरकार इन शहरों तक मेट्रो पहुंचाने की दिशा में कोई ठोस काम करने में विफल रही है।
बहादुरगढ़ में मेट्रो का सपना ऐसे हुआ साकार
- 7 अगस्त 2012 : यूपीए सरकार में केंद्रीय मंत्रिमंडल से सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा के आग्रह पर बहादुरगढ़ मेट्रो विस्तार परियोजना को मंजूरी मिली।
- 2 फरवरी 2013 : तत्कालीन केंद्रीय शहरी विकास मंत्री कमल नाथ ने हरियाणा के तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा की उपस्थिति में मेट्रो विस्तार का शिलान्यास किया।
- अप्रैल 2013 : प्रोजेक्ट पर जोरशोर से काम शुरू करवाया इसे मार्च 2016 तक पूरा हो जाना था। लेकिन, मई 2014 के बाद से भाजपा सरकार ने इस पूरे काम का श्रेय लूटने के लिए ढाई साल की देरी करा दी। इसके चलते बहादुरगढ़ में ढाई साल देरी से मेट्रो आई।
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