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रेवाड़ी हादसा
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अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। गंगायचा टोल के पास बारातियों की स्विफ्ट डिजायर कार के ट्राला से टकराने से 5 की मौत हुई थी। शनिवार को हादसे का शिकार हुई दूल्हे की भांजी 10 वर्षीय प्राची और भांजे 7 वर्षीय काकू के शव रोहतक की सैनीपुरा कॉलोनी में पहुंचे। गमगीन माहौल में शवों का अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। मृतक की मां ज्योति का रो-रोकर बुरा हाल था। वह बार बार कह रही थी कि प्राची और काकू को वापस ला दो। साथ ही ज्योति का कहना था कि वह भी भाई की शादी में दूसरी कार में सवार होकर जा रही थी। मगर दोनों बच्चे जिद कर अपने पापा संजय के साथ सवार हो गए थे। कहा कि यदि दोनों बच्चे मेरे पास होते तो उनकी जान बच सकती थी।
बता दें कि शुक्रवार की रात झज्जर के गांव बेरी से रेवाड़ी के गांव गोकलगढ़ के लिए बारात चली थी। स्विफ्ट डिजायर कार में चार बच्चे, दूल्हे के पिता राजेंद्र कुमार समेत सात लोग सवार थे। टायर फटने के करण गंगायचा टोल के पास कार ट्राला से टकरा गई थी। जिसके कारण दूल्हे के पिता राजेंद्र, चालक पीपेंद्र, प्राची, दक्ष, काकू की मौके पर ही मौत हो गई थी। मासूम बच्ची प्राची और काकू रोहतक की सैनीपुरा कॉलोनी निवासी अध्यापक संजय के बच्चे हैं। मां ज्योति बेरी में पटवारी के पद पर कार्यरत है। शाम चार बजे जैसे ही प्राची ओर काकू के शव कॉलोनी में पहुंचे तो परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। मोहल्ले के लोग परिवार को सांत्वना देने में लगे हुए थे। परिजनों ने बताया कि संजय दूल्हे का जीजा है। दो दिन पूर्व ही संजय बच्चों के साथ बेरी गांव में पहुंचा था। मगर हादसे के बाद शादी की खुशियां मातम में बदल गई।
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रोहतक। गंगायचा टोल के पास बारातियों की स्विफ्ट डिजायर कार के ट्राला से टकराने से 5 की मौत हुई थी। शनिवार को हादसे का शिकार हुई दूल्हे की भांजी 10 वर्षीय प्राची और भांजे 7 वर्षीय काकू के शव रोहतक की सैनीपुरा कॉलोनी में पहुंचे। गमगीन माहौल में शवों का अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। मृतक की मां ज्योति का रो-रोकर बुरा हाल था। वह बार बार कह रही थी कि प्राची और काकू को वापस ला दो। साथ ही ज्योति का कहना था कि वह भी भाई की शादी में दूसरी कार में सवार होकर जा रही थी। मगर दोनों बच्चे जिद कर अपने पापा संजय के साथ सवार हो गए थे। कहा कि यदि दोनों बच्चे मेरे पास होते तो उनकी जान बच सकती थी।
बता दें कि शुक्रवार की रात झज्जर के गांव बेरी से रेवाड़ी के गांव गोकलगढ़ के लिए बारात चली थी। स्विफ्ट डिजायर कार में चार बच्चे, दूल्हे के पिता राजेंद्र कुमार समेत सात लोग सवार थे। टायर फटने के करण गंगायचा टोल के पास कार ट्राला से टकरा गई थी। जिसके कारण दूल्हे के पिता राजेंद्र, चालक पीपेंद्र, प्राची, दक्ष, काकू की मौके पर ही मौत हो गई थी। मासूम बच्ची प्राची और काकू रोहतक की सैनीपुरा कॉलोनी निवासी अध्यापक संजय के बच्चे हैं। मां ज्योति बेरी में पटवारी के पद पर कार्यरत है। शाम चार बजे जैसे ही प्राची ओर काकू के शव कॉलोनी में पहुंचे तो परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। मोहल्ले के लोग परिवार को सांत्वना देने में लगे हुए थे। परिजनों ने बताया कि संजय दूल्हे का जीजा है। दो दिन पूर्व ही संजय बच्चों के साथ बेरी गांव में पहुंचा था। मगर हादसे के बाद शादी की खुशियां मातम में बदल गई।
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