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गोवंश की हिफाजत कर रहे हिन्दू मुस्लिम
Updated Mon, 26 Mar 2018 02:55 AM IST
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मिसाल : हिंदू-मुस्लिम मिलकर कर रहे गोवंश की हिफाजत और देखभाल
- आईजी श्रीकांत जाधव ने 2015 में दो गायों से शुरू की थी गोशाला, अब 500 से ज्यादा गोवंश
महबूब अली
रोहतक।
शहर की नई आईटीआई चौक के पास आईजी की पहल पर शुरू की गई गोशाला हिंदू-मुस्लिम एकता की भी मिसाल कायम कर रही है। यहां पर दोनों धर्मों के लोग गोवंशों की मिलकर हिफाजत कर रहे हैं। मात्र दो गायों से शुरू की गई गोशाला में अब 500 से अधिक गोवंश है।
बेसहारा गोवंश सेवा समिति के सेक्रेट्री राजेश चहल ने बताया कि वर्ष 2015 में नई आईटीआई चौक के पास यह गोशाला खुलवाई गई थी। जिसमें उस समय मात्र दो गायें थीं। गोशाला का उद्देश्य शहर के लावारिस गोवंशों की सुरक्षा करना था। वर्तमान में गोशाला में 500 से अधिक गोवंश है।
खास बात यह है कि गोवंशों की हिफाजत और देखभाल हिंदू और मुस्लिम मिलकर कर रहे हैं। अलीगढ़ निवासी वली मोहम्मद, रोहतक निवासी जान मोहम्मद, समीर, सतनारायण, नवीन आदि गोवंशों की देखरेख करते हैं। गोवंशों के स्वास्थ्य की देखभाल के लिए समिति ने एक चिकित्सक को भी रखा है।
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गोवंशों की सेवा से मिलता है दिल को सुकून
गोशाला में गोवंशों की देखभाल करने वाले अलीगढ़ निवासी वली मोहम्मद, समीर, रोहतक निवासी जान मोहम्मद का कहना है कि पिछले दो साल से गोशाला में रहकर गोवंशों की देखरेख कर रहे हैं। गोवंशों की सेवा से दिल को जो सुकून मिलता है, उसे शब्दों में बयान नहीं किया जा सकता है। वली मोहम्मद की एक आवाज पर गोवंश दौड़े चले आते हैं।
हिसार में सड़क हादसे में चार लोगों और एक गोवंश की मौत के बाद आईजी ने शुरू की थी गोशाला
स्टेट क्राइम रिकार्ड ब्यूरो के आईजी श्रीकांत जाधव ने बताया कि वर्ष 2007 में वे हिसार में एसपी थे। उस समय हिसार में सड़क हादसे में चार लोगों के अलावा गोवंश की मौत हो गई थी। इस घटना के बाद मन दुखी हुआ तो उन्होंने लावारिस घूमने वाले गोवंशों को बचाने का निर्णय लिया था। लोगों को गोवंशों की जिम्मेदारी सौंपी थी। वर्ष 2015 में रोहतक में आईजी रहने के दौरान बेसहारा गोवंश सेवा समिति का गठन कराया। आज 500 के करीब गोवंशों गोशाला में देखभाल की जा रही है। इसके अलावा गोवंशों की देखभाल में समिति के अध्यक्ष व एलपीएस के संचालक राजेश जैन समेत 21 लोगों का विशेष सहयोग है। गोवंशों की देखरेख, चारे में होने वाले खर्च को समिति से जुड़े सामाजिक कार्यकर्ता ही वहन करते हैं। अन्य लोगों से भी गोवंशों की रक्षा की अपील की जाती है।
फोटो
21 एमए 1
रोहतक की गोशाला में गोवंशों की देखभाल करता वली मौ.
21 एमए 2
वली मौ.
21 एमए 3
गोशाला को शुरु कराने वाले आईजी श्रीकांत जाधव
21 एमए 4
गोशाला में रखे गए गोवंश
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मिसाल : हिंदू-मुस्लिम मिलकर कर रहे गोवंश की हिफाजत और देखभाल
- आईजी श्रीकांत जाधव ने 2015 में दो गायों से शुरू की थी गोशाला, अब 500 से ज्यादा गोवंश
महबूब अली
रोहतक।
शहर की नई आईटीआई चौक के पास आईजी की पहल पर शुरू की गई गोशाला हिंदू-मुस्लिम एकता की भी मिसाल कायम कर रही है। यहां पर दोनों धर्मों के लोग गोवंशों की मिलकर हिफाजत कर रहे हैं। मात्र दो गायों से शुरू की गई गोशाला में अब 500 से अधिक गोवंश है।
बेसहारा गोवंश सेवा समिति के सेक्रेट्री राजेश चहल ने बताया कि वर्ष 2015 में नई आईटीआई चौक के पास यह गोशाला खुलवाई गई थी। जिसमें उस समय मात्र दो गायें थीं। गोशाला का उद्देश्य शहर के लावारिस गोवंशों की सुरक्षा करना था। वर्तमान में गोशाला में 500 से अधिक गोवंश है।
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खास बात यह है कि गोवंशों की हिफाजत और देखभाल हिंदू और मुस्लिम मिलकर कर रहे हैं। अलीगढ़ निवासी वली मोहम्मद, रोहतक निवासी जान मोहम्मद, समीर, सतनारायण, नवीन आदि गोवंशों की देखरेख करते हैं। गोवंशों के स्वास्थ्य की देखभाल के लिए समिति ने एक चिकित्सक को भी रखा है।
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गोवंशों की सेवा से मिलता है दिल को सुकून
गोशाला में गोवंशों की देखभाल करने वाले अलीगढ़ निवासी वली मोहम्मद, समीर, रोहतक निवासी जान मोहम्मद का कहना है कि पिछले दो साल से गोशाला में रहकर गोवंशों की देखरेख कर रहे हैं। गोवंशों की सेवा से दिल को जो सुकून मिलता है, उसे शब्दों में बयान नहीं किया जा सकता है। वली मोहम्मद की एक आवाज पर गोवंश दौड़े चले आते हैं।
हिसार में सड़क हादसे में चार लोगों और एक गोवंश की मौत के बाद आईजी ने शुरू की थी गोशाला
स्टेट क्राइम रिकार्ड ब्यूरो के आईजी श्रीकांत जाधव ने बताया कि वर्ष 2007 में वे हिसार में एसपी थे। उस समय हिसार में सड़क हादसे में चार लोगों के अलावा गोवंश की मौत हो गई थी। इस घटना के बाद मन दुखी हुआ तो उन्होंने लावारिस घूमने वाले गोवंशों को बचाने का निर्णय लिया था। लोगों को गोवंशों की जिम्मेदारी सौंपी थी। वर्ष 2015 में रोहतक में आईजी रहने के दौरान बेसहारा गोवंश सेवा समिति का गठन कराया। आज 500 के करीब गोवंशों गोशाला में देखभाल की जा रही है। इसके अलावा गोवंशों की देखभाल में समिति के अध्यक्ष व एलपीएस के संचालक राजेश जैन समेत 21 लोगों का विशेष सहयोग है। गोवंशों की देखरेख, चारे में होने वाले खर्च को समिति से जुड़े सामाजिक कार्यकर्ता ही वहन करते हैं। अन्य लोगों से भी गोवंशों की रक्षा की अपील की जाती है।
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21 एमए 1
रोहतक की गोशाला में गोवंशों की देखभाल करता वली मौ.
21 एमए 2
वली मौ.
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गोशाला को शुरु कराने वाले आईजी श्रीकांत जाधव
21 एमए 4
गोशाला में रखे गए गोवंश