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मैं अंगारा तू अंगारा फिर जग में क्यों अंधियारा...

Sun, 19 Nov 2017 03:38 AM IST
Updated Sun, 19 Nov 2017 03:38 AM IST
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मैं अंगारा तू अंगारा  फिर जग में क्यों अंधियारा...
मैं अंगारा तू अंगारा फिर जग में क्यों अंधियारा...
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- गौड़ ब्राह्मण डिग्री कॉलेज में कवि सम्मेलन का आयोजन
फोटो सहित
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
युवा कवि पवन गहलोत की रचना ‘मैं अंगारा तू अंगारा फिर जग में क्यों अंधियारा, आओ रौशन कर देते हैं हम-तुम मिलकर यह जग सारा’ पर शनिवार को गौड़ ब्राह्मण डिग्री कॉलेज का सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। कार्यक्रम था शिक्षण संस्थान में कवि सम्मेलन का।
हरियाणा साहित्य अकादमी पंचकुला के तत्वावधान में शनिवार को गौड़ ब्राह्मण डिग्री कॉलेज के सभागार में कवि सम्मेलन में कवियों ने अपनी मधुर कविताओं से सभी का मन मोह लिया। आयोजन में दूरदर्शन हिसार के निदेशक सतीश वत्स बतौर मुख्य अतिथि रहे व गौड़ ब्राह्मण डिग्री कॉलेज के प्राचार्य डॉ. जेएन शर्मा ने कवि सम्मेलन की अध्यक्षता की।
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कार्यक्रम में डॉ. आशुतोष कौशिक ने ‘नारी तू कमजोर नहीं’ से नारी सशक्तीकरण का संदेश दिया। मंजू शर्मा ने ‘न्याय’ शीर्षक कविता से निर्भया और द्रोपदी के माध्यम से नारी शक्ति की आवाज उठाई। पिंकी गर्ग ने ‘सागर की जब कोई लहर तोडे़ मर्यादा, ढाये कहर, फिर हर तरफ लहरों का शोर डूब जाते है गांव शहर’ से प्रकृति के रोष को दर्शाया। वहीं युवा कवि नीरज राज ने गांव का चित्रण करते हुए हरियाणवी बोली में ‘इसी ए मेंरै पछवा लागै सै इसी ए मेंरै पूरवा लागै सै, शहर का नाज इतना नहीं लागता जितनी गाम की हवा लागै सै’ सुनाई। युवा कवि व प्राध्यापक डॉ. कपिल कौशिक ने प्रतिस्पर्धा के दौर में युवाओं के बढ़ते दबाव पर अपनी कविता सुनाते हुए कहा कि ‘आगे बढ़ने की कशमकश में सूली चढ़ रही है जवानियां, वो बचपन खो गया जब मस्ती ही वजीफा था’ सुनाकर सबके मन को छू लिया। हरियाणवी युवा कवि अशोक बरौदा ने ऑनर किलिंग पर अपनी कविता पढ़ते हुए कहा ‘बडे़ स्याने न्यू कहया करें जो भाग मै लिख राखी हो वो आदमी पा लेगा, तन्नै मन्नै जो कर लिया प्यार तो यो कै साई समाज यू ही कापी पैन ठा लेगा’। बृजकिशोर प्रजापति ने युवाओं को समर्पित अपनी पंक्तियों में कहा कि ‘इश्क हारा आजकल इसा असरदार होगा, चार दिन तै वा भी खाट मै पड़ी थी आज मेरे भी बुखार होग्या’ पवन मित्तल ने रागनी के माध्यम से मेरे दादा और दादी में घाट बना करती के माध्यम से अपना संदेश दिया। अंकुर आनंद ने युवा पीढ़ी जो वृद्धावस्था में अपने मां-बाप को भूल जाते हैं उस पर कटाक्ष किया। कार्यक्रम में बाबा मस्तनाथ विश्वविद्यालय में हिंदी विभाग के अध्यक्ष डॉ. विश्वबंधू ने विशिष्ट अतिथि के रूप में शिरकत की। कार्यक्रम संयोजक वीरेंद्र मधुर ने बताया कि कवि सम्मेलन में 12 युवा कवियों ने कविता पाठ किया। कार्यक्रम के अंत में मुख्यातिथि दूरदर्शन हिसार के निदेशक सतीश वत्स, विशिष्ट अतिथि डॉ. विश्वबंधु ने भी अपने विचार रखे।
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