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झमाझम बारिश से हाईवे पर जलभराव, यमुना के जलस्तर में शाम तक जारी रहा उतार-चढ़ाव
Updated Tue, 22 Aug 2017 12:39 AM IST
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झमाझम बारिश से हाईवे पर जलभराव, यमुना के जलस्तर में शाम तक जारी रहा उतार-चढ़ाव
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। कई दिनों सोमवार को मेघ जमकर बरसे। यमुनानगर के साथ जगाधरी और छछरौली में करीब दो घंटे तक बारिश से निचले इलाकों में जलभराव हो गया। जगाधरी के श्मशान घाट रोड पर जलभराव से दुकानदारी भी प्रभावित हुई। इधर, जिला कोर्ट के गेट पर पानी जमा होेने से आने-जाने वालों को परेशानी हुई। शहर के बीच से गुजर रहे नेशनल हाईवे 73 की भी हालत खराब ही रही। हाईवे पर जगह-जगह बने गड्ढों में पानी भरा रहा। सोमवार को हुई बारिश के बाद हाईवे की हालत और खराब हो गई है। इधर, दिनभर यमुना के जलस्तर में उतार-चढ़ाव होता रहा। कभी यमुना का जलस्तर बाढ़ के निशान के करीब पहुंचा तो कभी कमी आई।
पहाड़ों पर बारिश का भी दिखा असर, प्रशासन अलर्ट
यमुनानगर। पहाड़ों पर यमुना नदी के कैचमेंट एरिया में बारिश का सोमवार को यमुना नदी के जलस्तर पर दिखा। यमुना बाढ़ के निशान के करीब पहुंच गईं। इससे जिला प्रशासन चौकन्ना हो गया, हालांकि दोपहर बाद जलस्तर नीचे आ गया।
सिंचाई विभाग के मुताबिक सोमवार सुबह 9 बजे हथनीकुंड बैराज पर जलस्तर 51648 क्यूसेक था, जो 10 बजे बढ़कर 64590 क्यूसेक पर पहुंच गया। बैराज में 70 हजार क्यूसेक पानी होने पर इसे बाढ़ घोषित कर दिया जाता है। यमुना नदी में पानी बढ़ने से नदी से सटे गांवों में अलर्ट जारी कर दिया गया था, दोपहर 12 बजे जलस्तर में कमी आई और यह 51648 क्यूसेक रह गया। इसके बाद शाम तक पानी घंटा दर घंटा कम होता रहा। शाम छह बजे जलस्तर फिर बढ़ा और 41984 क्यूसेक रिकार्ड किया गया। इधर, अगले एक घंटे में जलस्तर 22836 क्यूसेक रह गया।
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यमुना के पानी पर प्रशासन की पैनी नजर
बीते सालाें के आंकड़ाें पर नजर डालें तो अगस्त और सितंबर में यमुना नदी का जलस्तर कई बार बाढ़ के निशान के पार पहुंचा है। इसके मद्देनजर जिला प्रशासन पहाड़ों पर यमुना नदी के कैचमेंट एरिया में होने वाली बारिश पर लगातार नजर बनाए हुए है। सिंचाई विभाग की ओर से हथनीकुंड बैराज व अन्य स्थानों पर कंट्रोल रूम बनाए गए हैं, जहां यमुना नदी के पानी की पल-पल की जानकारी ली जा रही है। इधर, उपायुक्त रोहतास सिंह खरब ने बताया कि बरसात में जिले के पहाड़ी क्षेत्रों, पड़ोसी राज्यों हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड आदि में यमुना के कैचमेंट एरिया में अधिक वर्षा होने की स्थिति में किसी दिक्कत से निपटने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह तैयार है। इसके लिए जिला सचिवालय में भी जिला स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष की स्थापना की गई है। इस बाढ़ नियंत्रण कक्ष में लगे टेलीफोन नम्बर 01732-237801 पर किसी भी समय संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के बारे में सूचना देकर सहायता प्राप्त की जा सकती है। इसके अतिरिक्त सब डिवीजन स्तर पर जगाधरी, बिलासपुर व रादौर, तहसील कार्यालय छछरौली तथा जल सेवाएं मंडल जगाधरी के कार्यालय व हथनी कुंड बैराज में भी बाढ़ नियंत्रण कक्षों की स्थापना की गई हैं। उन्होंने जिलावासियों से अपील की गई है कि वे बारिश में स्वयं या अपने परिवार के सदस्यों विशेषकर बच्चों को नदियों, नहरों, नालों और तालाबों की ओर न जाने दें।
नेशनल हाईवे 73 ए पर भी आया पानी
खिजराबाद। सोमवार को हुई बारिश के बाद नेशनल हाईवे 73 ए पर पानी आ गया। हाईवे किनारे बने नाले के ओवरफ्लो होने से हाईवे पर घंटों जलभराव की स्थिति बनी रही। इससे राहगीरों और दुकानदारों को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ा। दुकानदारों ने बताया कि बरसात में नाला उनके लिए आफत बन जाता है। दुकानदार महिपाल रोहिल्ला, राजकुमार खुराना, बिट्टू गुज्जर आदि का कहना है कि खिजराबाद में नेशनल हाईवे पर पानी की निकासी के लिए नाला तो बना दिया गया, लेकिन आज तक इस नाले के पानी की कहीं भी निकासी नहीं हुई। पिछले कई सालों से यह नाला बिना पानी की निकासी के ओवरफ्लो होने लग गया है। बरसात में इस नाले का पानी नेशनल हाईवे पर आ जाता है। ओवरफ्लो होने से पानी दुकानों में घुसने लगता है।
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अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। कई दिनों सोमवार को मेघ जमकर बरसे। यमुनानगर के साथ जगाधरी और छछरौली में करीब दो घंटे तक बारिश से निचले इलाकों में जलभराव हो गया। जगाधरी के श्मशान घाट रोड पर जलभराव से दुकानदारी भी प्रभावित हुई। इधर, जिला कोर्ट के गेट पर पानी जमा होेने से आने-जाने वालों को परेशानी हुई। शहर के बीच से गुजर रहे नेशनल हाईवे 73 की भी हालत खराब ही रही। हाईवे पर जगह-जगह बने गड्ढों में पानी भरा रहा। सोमवार को हुई बारिश के बाद हाईवे की हालत और खराब हो गई है। इधर, दिनभर यमुना के जलस्तर में उतार-चढ़ाव होता रहा। कभी यमुना का जलस्तर बाढ़ के निशान के करीब पहुंचा तो कभी कमी आई।
पहाड़ों पर बारिश का भी दिखा असर, प्रशासन अलर्ट
यमुनानगर। पहाड़ों पर यमुना नदी के कैचमेंट एरिया में बारिश का सोमवार को यमुना नदी के जलस्तर पर दिखा। यमुना बाढ़ के निशान के करीब पहुंच गईं। इससे जिला प्रशासन चौकन्ना हो गया, हालांकि दोपहर बाद जलस्तर नीचे आ गया।
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सिंचाई विभाग के मुताबिक सोमवार सुबह 9 बजे हथनीकुंड बैराज पर जलस्तर 51648 क्यूसेक था, जो 10 बजे बढ़कर 64590 क्यूसेक पर पहुंच गया। बैराज में 70 हजार क्यूसेक पानी होने पर इसे बाढ़ घोषित कर दिया जाता है। यमुना नदी में पानी बढ़ने से नदी से सटे गांवों में अलर्ट जारी कर दिया गया था, दोपहर 12 बजे जलस्तर में कमी आई और यह 51648 क्यूसेक रह गया। इसके बाद शाम तक पानी घंटा दर घंटा कम होता रहा। शाम छह बजे जलस्तर फिर बढ़ा और 41984 क्यूसेक रिकार्ड किया गया। इधर, अगले एक घंटे में जलस्तर 22836 क्यूसेक रह गया।
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यमुना के पानी पर प्रशासन की पैनी नजर
बीते सालाें के आंकड़ाें पर नजर डालें तो अगस्त और सितंबर में यमुना नदी का जलस्तर कई बार बाढ़ के निशान के पार पहुंचा है। इसके मद्देनजर जिला प्रशासन पहाड़ों पर यमुना नदी के कैचमेंट एरिया में होने वाली बारिश पर लगातार नजर बनाए हुए है। सिंचाई विभाग की ओर से हथनीकुंड बैराज व अन्य स्थानों पर कंट्रोल रूम बनाए गए हैं, जहां यमुना नदी के पानी की पल-पल की जानकारी ली जा रही है। इधर, उपायुक्त रोहतास सिंह खरब ने बताया कि बरसात में जिले के पहाड़ी क्षेत्रों, पड़ोसी राज्यों हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड आदि में यमुना के कैचमेंट एरिया में अधिक वर्षा होने की स्थिति में किसी दिक्कत से निपटने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह तैयार है। इसके लिए जिला सचिवालय में भी जिला स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष की स्थापना की गई है। इस बाढ़ नियंत्रण कक्ष में लगे टेलीफोन नम्बर 01732-237801 पर किसी भी समय संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के बारे में सूचना देकर सहायता प्राप्त की जा सकती है। इसके अतिरिक्त सब डिवीजन स्तर पर जगाधरी, बिलासपुर व रादौर, तहसील कार्यालय छछरौली तथा जल सेवाएं मंडल जगाधरी के कार्यालय व हथनी कुंड बैराज में भी बाढ़ नियंत्रण कक्षों की स्थापना की गई हैं। उन्होंने जिलावासियों से अपील की गई है कि वे बारिश में स्वयं या अपने परिवार के सदस्यों विशेषकर बच्चों को नदियों, नहरों, नालों और तालाबों की ओर न जाने दें।
नेशनल हाईवे 73 ए पर भी आया पानी
खिजराबाद। सोमवार को हुई बारिश के बाद नेशनल हाईवे 73 ए पर पानी आ गया। हाईवे किनारे बने नाले के ओवरफ्लो होने से हाईवे पर घंटों जलभराव की स्थिति बनी रही। इससे राहगीरों और दुकानदारों को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ा। दुकानदारों ने बताया कि बरसात में नाला उनके लिए आफत बन जाता है। दुकानदार महिपाल रोहिल्ला, राजकुमार खुराना, बिट्टू गुज्जर आदि का कहना है कि खिजराबाद में नेशनल हाईवे पर पानी की निकासी के लिए नाला तो बना दिया गया, लेकिन आज तक इस नाले के पानी की कहीं भी निकासी नहीं हुई। पिछले कई सालों से यह नाला बिना पानी की निकासी के ओवरफ्लो होने लग गया है। बरसात में इस नाले का पानी नेशनल हाईवे पर आ जाता है। ओवरफ्लो होने से पानी दुकानों में घुसने लगता है।