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मरीज की मौत पर परिजनों का हंगामा, चिकित्सक पर लापरवाही के आरोप
Updated Fri, 11 Aug 2017 02:08 AM IST
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मरीज की मौत पर परिजनों का हंगामा, चिकित्सक पर लापरवाही के आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
प्रदेश के सबसे बड़े संस्थान पीजीआई में चिकित्सकों पर लापरवाही के आरोप थमने के नाम नहीं ले रहे हैं। वीरवार को एक बार फिर परिजनों ने मरीज की मौत के लिए चिकित्सकों को जिम्मेदार ठहराया। पीजीआई में ऑपरेशन के दौरान युवक की मौत पर परिजनों ने हंगामा खड़ा कर दिया। परिजनों का आरोप था कि चिकित्सक की लापरवाही से मरीज की मौत हुई। हंगामा देख एमएस डॉ. चौहान और पीजीआई थाना प्रभारी राकेश सैनी ने चिकित्सकों का एक बोर्ड गठित करने के आश्वासन दिया। बोर्ड मरीज के शव का पोस्टमार्टम करेगा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में लापरवाही सामने आने पर कार्रवाई का आश्वासन दिया गया। इसके बाद परिजन शांत हुए।
गोहाना अड्डा निवासी अनिल के बेटे अरविंद (18 वर्षीय) के गले में दिक्कत थी। दो महीने पहले उसे पीजीआई में भर्ती कराया गया था। परिजनों ने बताया कि डॉ. ईश्वर सिंह ने उसके गले के आगे के हिस्से का आपरेशन किया। इसके बाद भी आराम नहीं मिला। इसके बाद कई ऑपरेशन होते रहे, इससे अरविंद कोमा में चला गया। वीरवार को अरविंद की मौत हो गई। परिजनों ने आरोप लगाया कि चिकित्सक ने इलाज के दौरान लापरवाही बरती। इसके बाद परिजनों ने हंगामा करते हुए पीजीआई थाने में शिकायत दी, पुलिस अधिकारियों ने शिकायत लेने से इनकार कर दिया। गुस्साए परिजन ने हंगामा करते हुए पीजीआई प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। हंगामा करते हुए परिजन एमएस कार्यालय पहुंच गए। इसके बाद एमएस डॉ. अशोक चौहान ने पीजीआई थाना प्रभारी राकेश से बात की। इसके बाद परिजनों को आश्वासन देते हुए मरीज के शव के पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल बोर्ड का गठन करने की बात कही।
पीजीआई के चार डॉक्टरों की टीम पूरे मामले की जांच करेगी और उनकी देखरेख में पोस्टमार्टम भी कराया जाएगा। जांच के बाद अगर डॉक्टर की लापरवाही सामने आती है, तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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डॉ. अशोक चौहान, एमएस, पीजीआई
डॉक्टरों और परिजनों में सहमति बन गई है। मेडिकल बोर्ड की टीम की जांच रिपोर्ट के बाद ही आगे की कार्रवाई के लिए निर्णय लिया जाएगा।
राकेश सैनी, एसएचओ, थाना पीजीआई
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अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
प्रदेश के सबसे बड़े संस्थान पीजीआई में चिकित्सकों पर लापरवाही के आरोप थमने के नाम नहीं ले रहे हैं। वीरवार को एक बार फिर परिजनों ने मरीज की मौत के लिए चिकित्सकों को जिम्मेदार ठहराया। पीजीआई में ऑपरेशन के दौरान युवक की मौत पर परिजनों ने हंगामा खड़ा कर दिया। परिजनों का आरोप था कि चिकित्सक की लापरवाही से मरीज की मौत हुई। हंगामा देख एमएस डॉ. चौहान और पीजीआई थाना प्रभारी राकेश सैनी ने चिकित्सकों का एक बोर्ड गठित करने के आश्वासन दिया। बोर्ड मरीज के शव का पोस्टमार्टम करेगा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में लापरवाही सामने आने पर कार्रवाई का आश्वासन दिया गया। इसके बाद परिजन शांत हुए।
गोहाना अड्डा निवासी अनिल के बेटे अरविंद (18 वर्षीय) के गले में दिक्कत थी। दो महीने पहले उसे पीजीआई में भर्ती कराया गया था। परिजनों ने बताया कि डॉ. ईश्वर सिंह ने उसके गले के आगे के हिस्से का आपरेशन किया। इसके बाद भी आराम नहीं मिला। इसके बाद कई ऑपरेशन होते रहे, इससे अरविंद कोमा में चला गया। वीरवार को अरविंद की मौत हो गई। परिजनों ने आरोप लगाया कि चिकित्सक ने इलाज के दौरान लापरवाही बरती। इसके बाद परिजनों ने हंगामा करते हुए पीजीआई थाने में शिकायत दी, पुलिस अधिकारियों ने शिकायत लेने से इनकार कर दिया। गुस्साए परिजन ने हंगामा करते हुए पीजीआई प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। हंगामा करते हुए परिजन एमएस कार्यालय पहुंच गए। इसके बाद एमएस डॉ. अशोक चौहान ने पीजीआई थाना प्रभारी राकेश से बात की। इसके बाद परिजनों को आश्वासन देते हुए मरीज के शव के पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल बोर्ड का गठन करने की बात कही।
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पीजीआई के चार डॉक्टरों की टीम पूरे मामले की जांच करेगी और उनकी देखरेख में पोस्टमार्टम भी कराया जाएगा। जांच के बाद अगर डॉक्टर की लापरवाही सामने आती है, तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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डॉ. अशोक चौहान, एमएस, पीजीआई
डॉक्टरों और परिजनों में सहमति बन गई है। मेडिकल बोर्ड की टीम की जांच रिपोर्ट के बाद ही आगे की कार्रवाई के लिए निर्णय लिया जाएगा।
राकेश सैनी, एसएचओ, थाना पीजीआई