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बसंत ऋतु में भी नहीं मिल रही लोगों को सर्दी से राहत
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वसंत ऋतु में भी नहीं मिल रही लोगाें को सर्दी से राहत
सामान्य से पांच डिग्री गिरा पारा, धूप में लग रही ठंड
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। वसंत ऋतु में अकसर सर्दी कम हो जाती है, लेकिन इस साल अभी तक लोगों को सर्दी से कोई राहत नहीं है। इन दिनों तापमान सामान्य से पांच डिग्री पहुंच रहा है। इसका परिणाम यह हो रहा है कि दिन में धूप के बाद भी लोगों को ठंड लग रही है। वहीं हर दिन अलग-अलग तापमान होने के चलते भी लोगों को स्वास्थ्य संबंधी काफी समस्याएं हो रही हैं।
लाइव वेदर ऑफ इंडिया एनजीओ के सीईओ नवदीप के अनुसार शनिवार को दिन का अधिकतम तापमान 19.1 व न्यूनतम 9.6 दर्ज किया गया। जबकि पिछले सालों के रिकार्ड को देखें तो इन दिनों न्यूनतम 11 व अधिकतम 24 डिग्री के करीब तापमान होना चाहिए। सुबह के समय आसमान में फाग रहती है, इसे अकसर बादल समझा जाता है। पश्चिमी विक्षोभ के चलते चलने वाली हवा फॉग को उपर उठा देती है। वहीं दिन का तापमान कम होने के चलते सायं ढलते-ढलते पारा जल्द गिरने लगता है और ठंड अधिक महसूस होती है। पहाड़ों पर हुइ बर्फबारी और दिन में 12.3 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चली ठंडी हवाओं ने लोगों को ठिठुरने पर मजबूर रखा। आने वाले समय में मैदानी इलाकों में तो बरसात की संभावना कम है, लेकिन पहाड़ों पर जारी रहेगी। इसके चलते फिलहाल सर्दी से बचने की कोई उम्मीद नहीं है।
हर दिन बदल रहा मौसम बिगाड़ रहा स्वास्थ्य
पीजीआईएमएस के कुलसचिव व मेडिसन विभाग के सीनियर प्रोफेसर डॉ. एचके अग्रवाल के अनुसार हर दिन बदल रहा मौसम आमजन के स्वास्थ्य के लिए खतरे की घंटी है। क्योंकि किसी दिन ठंड कम हो जाती है और अगले दिन बढ़ जाती है। इससे सर्द गर्म होने के चलते मौसमी बीमारी लगने का खतरा बढ़ जाता है। इस मौसम का सबसे अधिक असर बच्चों, गर्भवती महिलाओं व बुजुर्गों को पड़ता है। इन दिनों इनका ध्यान रखने के साथ क्रोनिक बीमारी वाले मरीजों को अधिक देखभाल की जरूरत होती है।
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सामान्य से पांच डिग्री गिरा पारा, धूप में लग रही ठंड
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। वसंत ऋतु में अकसर सर्दी कम हो जाती है, लेकिन इस साल अभी तक लोगों को सर्दी से कोई राहत नहीं है। इन दिनों तापमान सामान्य से पांच डिग्री पहुंच रहा है। इसका परिणाम यह हो रहा है कि दिन में धूप के बाद भी लोगों को ठंड लग रही है। वहीं हर दिन अलग-अलग तापमान होने के चलते भी लोगों को स्वास्थ्य संबंधी काफी समस्याएं हो रही हैं।
लाइव वेदर ऑफ इंडिया एनजीओ के सीईओ नवदीप के अनुसार शनिवार को दिन का अधिकतम तापमान 19.1 व न्यूनतम 9.6 दर्ज किया गया। जबकि पिछले सालों के रिकार्ड को देखें तो इन दिनों न्यूनतम 11 व अधिकतम 24 डिग्री के करीब तापमान होना चाहिए। सुबह के समय आसमान में फाग रहती है, इसे अकसर बादल समझा जाता है। पश्चिमी विक्षोभ के चलते चलने वाली हवा फॉग को उपर उठा देती है। वहीं दिन का तापमान कम होने के चलते सायं ढलते-ढलते पारा जल्द गिरने लगता है और ठंड अधिक महसूस होती है। पहाड़ों पर हुइ बर्फबारी और दिन में 12.3 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चली ठंडी हवाओं ने लोगों को ठिठुरने पर मजबूर रखा। आने वाले समय में मैदानी इलाकों में तो बरसात की संभावना कम है, लेकिन पहाड़ों पर जारी रहेगी। इसके चलते फिलहाल सर्दी से बचने की कोई उम्मीद नहीं है।
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हर दिन बदल रहा मौसम बिगाड़ रहा स्वास्थ्य
पीजीआईएमएस के कुलसचिव व मेडिसन विभाग के सीनियर प्रोफेसर डॉ. एचके अग्रवाल के अनुसार हर दिन बदल रहा मौसम आमजन के स्वास्थ्य के लिए खतरे की घंटी है। क्योंकि किसी दिन ठंड कम हो जाती है और अगले दिन बढ़ जाती है। इससे सर्द गर्म होने के चलते मौसमी बीमारी लगने का खतरा बढ़ जाता है। इस मौसम का सबसे अधिक असर बच्चों, गर्भवती महिलाओं व बुजुर्गों को पड़ता है। इन दिनों इनका ध्यान रखने के साथ क्रोनिक बीमारी वाले मरीजों को अधिक देखभाल की जरूरत होती है।
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