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कालेजों ने निर्धारित सीटों से ज्यादा दाखिले दिए तो एमडीयू नहीं करेगा स्वीकार
Updated Mon, 09 Jul 2018 06:28 PM IST
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कॉलेजों ने निर्धारित सीटों से ज्यादा दाखिले दिए तो एमडीयू नहीं करेगा स्वीकार
- नए शैक्षणिक सत्र में कॉलेजों की मनमर्जी पर अंकुश लगाने के लिए एमडीयू ने उठाया सख्त कदम
विकास सैनी
रोहतक। नए शैक्षणिक सत्र में सरकारी, एडेड या निजी कॉलेज निर्धारित सीटों से ज्यादा दाखिले नहीं दे सकेंगे। कॉलेज प्रशासन ने मनमर्जी चलाते हुए दाखिले दिए तो एमडीयू इन्हें स्वीकार नहीं करेगा। एमडीयू ने दाखिला प्रक्रिया को पारदर्शी बनाते हुए कॉलेजों की मनमर्जी पर अंकुश लगाने के लिए यह सख्त फैसला लिया है।
एमडीयू प्रशासन ने दाखिला प्रक्रिया में पारदर्शिता बरतते हुए विद्यार्थियों के साथ होने वाले किसी भी तरह के फर्जीवाड़े पर रोक लगाने की योजना बनाई है। इसके तहत विवि से संबद्ध कॉलेजों को खास निर्देश जारी किए गए हैं। इन निर्देशों में नए सत्र में कॉलेज में निर्धारित सीटों पर ही दाखिला दिया जाना सुनिश्चित करने की बात कही गई है। सीटों से अधिक दाखिले को लेकर विवि प्रशासन ने सख्ती बरतने का मन मनाया है। ऐसा करने वाले कॉलेज के विद्यार्थियों को विवि स्वीकार ही नहीं करेगा। ऐसे में कॉलेज अपनी निर्धारित सीटों पर दाखिला करे।
एक दर्जन कॉलेजों पर किया था जुर्माना
एमडीयू प्रशासन सीटों से अधिक दाखिले को लेकर पहले से ही अलर्ट है। पिछले वर्ष सीटों से अधिक दाखिला देने वाले कॉलेजों पर जुर्माना लगाया गया था। इससे पहले भी विवि इसी तरह की सख्ती बरतता रहा है। कॉलेजों के इस रवैये को देखते हुए इस बार ऐसे दाखिले स्वीकार नहीं करने का फैसला लिया गया है।
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यूं तय होती हैं सीटें
कॉलेजों में सीटों का निर्धारण वहां विद्यार्थियों को दी जाने वाली सुविधाओं के आधार पर होता है। विश्वविद्यालय की टीम निर्धारित मानकों पर खरा उतरने वाले कॉलेजों में सीटें अलॉट करता है। दाखिला प्रक्रिया पूरी होने पर सभी कॉलेजों को विद्यार्थियों की सूची विवि को भेजनी होती है। इसमें विद्यार्थी का नाम पता व पंजीकरण संख्या शामिल है।
दाखिले के लिए बनानी होगी कमेटी
कॉलेजों में दाखिला प्रक्रिया को सुचारु ढंग से चलाने के लिए कमेटियां बनाई जाती हैं। इन कॉलेज कमेटियों में महिला स्टाफ का होना अनिवार्य है। इसके अलावा एसटी एसटी कमेटी का होना जरूरी है। इसके अध्यक्ष कॉलेज प्राचार्य होंगे।
एमडीयू में नए सत्र की दाखिला प्रक्रिया जारी है। इसके तहत संबंधित कॉलेजों में भी दाखिले दिए जा रहे हैं। एडेड व निजी कॉलेज अकसर निर्धारित सीटों से अधिक दाखिला देकर गड़बड़ी करते हैं। इसके चलते उन पर जुर्माना किया जाता रहा है। पहली बार विवि ऐसे दाखिलों को स्वीकार ही नहीं करेगा। इससे पारदर्शिता भी आएगी।
- डॉ. युद्धवीर सिंह, डीन कॉलेज, एमडीयू।
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- नए शैक्षणिक सत्र में कॉलेजों की मनमर्जी पर अंकुश लगाने के लिए एमडीयू ने उठाया सख्त कदम
विकास सैनी
रोहतक। नए शैक्षणिक सत्र में सरकारी, एडेड या निजी कॉलेज निर्धारित सीटों से ज्यादा दाखिले नहीं दे सकेंगे। कॉलेज प्रशासन ने मनमर्जी चलाते हुए दाखिले दिए तो एमडीयू इन्हें स्वीकार नहीं करेगा। एमडीयू ने दाखिला प्रक्रिया को पारदर्शी बनाते हुए कॉलेजों की मनमर्जी पर अंकुश लगाने के लिए यह सख्त फैसला लिया है।
एमडीयू प्रशासन ने दाखिला प्रक्रिया में पारदर्शिता बरतते हुए विद्यार्थियों के साथ होने वाले किसी भी तरह के फर्जीवाड़े पर रोक लगाने की योजना बनाई है। इसके तहत विवि से संबद्ध कॉलेजों को खास निर्देश जारी किए गए हैं। इन निर्देशों में नए सत्र में कॉलेज में निर्धारित सीटों पर ही दाखिला दिया जाना सुनिश्चित करने की बात कही गई है। सीटों से अधिक दाखिले को लेकर विवि प्रशासन ने सख्ती बरतने का मन मनाया है। ऐसा करने वाले कॉलेज के विद्यार्थियों को विवि स्वीकार ही नहीं करेगा। ऐसे में कॉलेज अपनी निर्धारित सीटों पर दाखिला करे।
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एक दर्जन कॉलेजों पर किया था जुर्माना
एमडीयू प्रशासन सीटों से अधिक दाखिले को लेकर पहले से ही अलर्ट है। पिछले वर्ष सीटों से अधिक दाखिला देने वाले कॉलेजों पर जुर्माना लगाया गया था। इससे पहले भी विवि इसी तरह की सख्ती बरतता रहा है। कॉलेजों के इस रवैये को देखते हुए इस बार ऐसे दाखिले स्वीकार नहीं करने का फैसला लिया गया है।
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यूं तय होती हैं सीटें
कॉलेजों में सीटों का निर्धारण वहां विद्यार्थियों को दी जाने वाली सुविधाओं के आधार पर होता है। विश्वविद्यालय की टीम निर्धारित मानकों पर खरा उतरने वाले कॉलेजों में सीटें अलॉट करता है। दाखिला प्रक्रिया पूरी होने पर सभी कॉलेजों को विद्यार्थियों की सूची विवि को भेजनी होती है। इसमें विद्यार्थी का नाम पता व पंजीकरण संख्या शामिल है।
दाखिले के लिए बनानी होगी कमेटी
कॉलेजों में दाखिला प्रक्रिया को सुचारु ढंग से चलाने के लिए कमेटियां बनाई जाती हैं। इन कॉलेज कमेटियों में महिला स्टाफ का होना अनिवार्य है। इसके अलावा एसटी एसटी कमेटी का होना जरूरी है। इसके अध्यक्ष कॉलेज प्राचार्य होंगे।
एमडीयू में नए सत्र की दाखिला प्रक्रिया जारी है। इसके तहत संबंधित कॉलेजों में भी दाखिले दिए जा रहे हैं। एडेड व निजी कॉलेज अकसर निर्धारित सीटों से अधिक दाखिला देकर गड़बड़ी करते हैं। इसके चलते उन पर जुर्माना किया जाता रहा है। पहली बार विवि ऐसे दाखिलों को स्वीकार ही नहीं करेगा। इससे पारदर्शिता भी आएगी।
- डॉ. युद्धवीर सिंह, डीन कॉलेज, एमडीयू।